100 करोड़ की संपत्ति की मालकिन थी रेखा की सौतेली मां, फिर हुई बर्बाद.. मौत से पहले 19 महीने

साउथ की पहली लेडी सुपरस्टार कहीं जाने वाली महानटी सावित्री को एक वक्त पर लोग देवी की तरह पूजा करते थे। बता दें कि 60 की दशक में वह 100 करोड़ की संपत्ति की मालकिन थी। सावित्री को गहनों का भी काफी शौक था और घर में वह हमेशा सुनार रखा करती थी। डायरेक्टर्स और चाहने वाले भी उनके घर पर भीड़ लगाकर खड़े रहते थे। सावित्री को रेखा की सौतेली मां के रूप में भी जाना जाता है। चार बच्चों के पति और मशहूर एक्टर जेमिनी गणेशन कि वह दूसरी पत्नी बनी और यह उनके लिए मुश्किल का सबब बन गया। जितने उन्होंने जीवन में संघर्ष किया उससे ज्यादा उनकी मौत दर्दनाक हुई थी।
6 महीने की उम्र में गुजरे पिता
बता दे कि सावित्री एक बेहद ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखती थी और 6 महीने की उम्र में ही उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद उनके परिवार को उनके मामा ने संभाला। लेकिन उनके डांस और ड्रामा की वजह से उन्हें पहचान मिली थी। बता दे की सावित्री के मामा जी उनको मद्रास ले जाकर ऑडिशन दिलवाया करते थे। 11 साल की उम्र में तो वह हर जगह रिजेक्ट होती गई और एक दिन जेमिनी स्टूडियो में ऑडिशन देते हुए उनकी मुलाकात जेमिनी गणेशन के साथ में हुई।
गुपचुप रचाई जेमिनी गणेशन के साथ शादी
उन्होंने सावित्री की एक तस्वीर को निकाला और मैगजीन में छपवा दिया था। उस तस्वीर के जरिए ही उनको पहली फिल्म समसारन मिली थी और अपनी बचकानी हरकतों के वजह से उनको फिल्म से निकाल दिया गया था। इसके बाद में सावित्री ने छोटे-मोटे रोल करने के बाद में लीड रोल हासिल किया। काम करते-करते वह है जेमिनी गणेशन के प्यार में पड़ गई और उन्होंने साल 1952 में सीक्रेट तरीके से शादी कर ली थी।
रेखा की सौतेली मां हैं सावित्री
बता दे की जेमिनी गणेशन पहले से ही शादीशुदा थे और चार बच्चों के पिता थे। इतना ही नहीं उनका अफेयर पुष्पवली के साथ में चल रहा था और उनकी भी दो बेटियां रेखा और राधा हो गई थी। दोनों की शादी के बारे में तब पता चला जब लक्स साबुन के एड के कॉन्ट्रैक्ट के दौरान सावित्री ने साइन में अपना नाम सावित्री गणेश लिख दिया था।
शराब में धुत रहने लगी सावित्री
इसके बाद में साल 1958 में रिलीज हुई फिल्म मायाबाजार से सावित्री हर तरफ छा गई थी। लोग उनको पूजने लग गए थे। यह बात उनके पति जेमिनी गणेशन को खटकने लगी और जलन में वह उन्हें शराब पिलाने लग गए थे। पति के धोखे और बुरे व्यवहार के चलते सावित्री भी नशे में धुत रहने लगी। कुछ फिल्मों से उन्होंने पैसा कमाया और बाद में सिर्फ नुकसान हुआ। उन्होंने टैक्स नहीं भरा और इसके बाद इनकम टैक्स वालों ने उनकी सारी संपत्ति को जब्त कर लिया।
सावित्री के बुरे रहे आखिरी दिन
इसके बाद में सावित्री को अपनी चीजों को बेचकर अपना जीवन गुजारना पड़ा। इसके बाद में साल 1969 में जेमिनी गणेशन को छोड़कर चले गए थे और उनकी हालत बिगड़ती चली जा रही थी। वह हमेशा लोगों की मदद के लिए आगे आई थी लेकिन उस वक्त सावित्री की मदद करने के लिए कोई सामने नहीं आया। गरीबी और अकेलेपन के चलते साल 1980 में वह कोमा में चली गई और 19 महीने कोमा में रहने के बाद 26 दिसंबर 1983 में उनका निधन हो गया।


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