बहन ने तोड़ा घर.. 3 दिन तक घर में सड़ती रही लाश, रामायण की मंथरा ने जी बदरंग जिंदगी

रामायण में मंथरा का किरदार निभाने वाली ललिता पवार ने फिल्मों में काफी बेहतरीन काम किया लेकिन आपको बता दें कि वह एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती थी और उन्हें कभी भी स्कूल जाने की परमिशन नहीं मिली थी। इतना ही नहीं उन्होंने अपने करियर की शुरुआत चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में की और उन्हें बाद में कई सारे लीड रोल में भी देखा गया। एक वक्त आया जब ललिता पवार को विलेन के रूप में देखा गया। लेकिन वह अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी काफी सुर्खियों में रही।
9 साल की उम्र में ललिता पवार ने किया हिंदी सिनेमा में डेब्यू
बताया जाता है कि ललिता पवार को कभी भी स्कूल जाने नहीं दिया गया क्योंकि बताया जाता था कि उस समय लड़कियों का स्कूल जाना अच्छा नहीं माना जाता था। लेकिन फिर भी ललिता पवार ने 9 साल की उम्र में ही फिल्म राजा हरिशचंद्र से अपना एक्टिंग डेब्यू कर लिया था और इस फिल्म में उन्होंने काफी छोटा रोल अदा किया लेकिन फिर भी उनकी एक्टिंग लोगों को इतनी पसंद आई कि इसके बाद में उन्हें फिल्में मिलना शुरू हो गई थी।
ललिता पवार ने 16 साल की उम्र में ही बना डाली फिल्म
ललिता पवार कुछ ही सालों में फिल्म इंडस्ट्री में इतनी ज्यादा घुलमिल गई थी कि उन्होंने 16 साल की उम्र में ही कैलाश नामक फिल्म बना डाली। हालांकि यह फिल्म एक साइलेंट फिल्म थी और उसके बाद में उन्होंने कई सारे हिट फिल्मों में भी काम किया। लेकिन एक वक्त ऐसा आया कि ललिता पवार से सब कुछ छिन गया। बता दें कि 1942 में एक्ट्रेस को चंद्र राव की फिल्म 'जंग ए आज़ादी' में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म में भगवान दादा को डायरेक्शन का काम सौंपा गया था और इस वजह से वह ललिता को शूटिंग के लिए मुंबई लेकर आ चुके थे।
भगवान दादा ने ललिता को मारा इतना जोरदार थप्पड़ की एक्ट्रेस हुई बेहोश
इस फिल्म में ललिता पवार को मुखिया के बेटी का किरदार निभाना था और जैसे ही शूटिंग शुरू हुई उसमें एक मुखिया दूसरे मुखिया की लड़की को उठा ले जाता है और इस सीन में भगवान दादा को ललिता को थप्पड़ मारना पड़ता है। लेकिन भगवान दादा, ललिता को थप्पड़ इतनी जोर से मार देते हैं कि वह बेहोश हो जाती हैं। सभी को लगता है कि ललिता सूट के लिए बेहोशी का नाटक कर रही है लेकिन एक्ट्रेस के कान से खून आने लगता है और उन्हें तुरंत ही हॉस्पिटल लेकर जाते हैं।
ललिता पवार के इलाज के दौरान डॉक्टर ने दी गलत दवाई तो मारा लकवा
जिसके बाद में ललिता का इलाज चलता है और डॉक्टर ने उन्हें गलत दवाई दे दी जिसकी बदौलत उनके दाहिने भाग को लकवा मार जाता है। लकवे की वजह से उनकी दाहिनी आंख भी पूरी तरीके से सिकुड़ जाती है और उनका पूरा चेहरा भी खराब हो जाता है। यह एक ऐसा दौर आया जब ललिता पवार का पूरा करियर बर्बाद हो गया और उनके हाथ में जो फिल्मी थी वह भी चली गई और कई सालों तक उन्हें काम भी मिलना बंद हो गया। ललिता पवार को पूरी तरह ठीक होने में 3 साल का समय लगा।
आंख खराब होने के बावजूद भी ललिता पवार ने नहीं मानी हार
ललिता पवार को यह बात पता थी कि उनकी एक आंख खराब होने की वजह से उन्हें अब लीड रोल नहीं मिल पाएगा। एक्ट्रेस में अपने गुरु की बात मानते हुए एक बार फिर से नई शुरुआत की। एक्ट्रेस में इसके बाद में फिल्म गृहस्ती में काम किया और जालिम सास के रूप में नजर आई। जिसके बाद में उन्होंने बहुत सारी फिल्मों में काम किया और 1987 में रामानंद सागर की टीवी पर आई रामायण में उन्होंने मंथरा का किरदार निभाया। जिसके बाद में उन्हें हर घर में जाना जाने लगा और उनकी आखिरी फिल्म लाश बताई जाती है।
ललिता पवार को पहले पति गणपत ने दिया धोखा
अगर हम ललिता पवार की निजी जिंदगी की बात करते हैं तो आपको बता दें कि उनके पहले पति गणपत उनको धोखा देकर चले जाते हैं और ललिता की छोटी बहन से उनको प्यार हो जाता है। इस बात का पता ललिता को चल जाता है और वह अपने पति को छोड़ देती है। लेकिन बाद में एक्ट्रेस फिल्म निर्माता राज प्रकाश गुप्ता के साथ शादी कर लेती हैं जिनसे उनको एक बेटा होता है।
ललिता पवार की घर में मिली 3 दिन पुरानी लाश
ललिता पवार ने अपने पूरे करियर में 700 फिल्मों में काम करके काफी लोगों के दिलों पर राज किया और इतना ही नहीं 24 फरवरी 1998 को पुणे में अपने छोटे से बंगले आरोही में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। बता दें कि उन दिनों उनके पति राज प्रकाश अस्पताल में एडमिट थे और उनका बेटा अपने परिवार के साथ मुंबई में रह रहा था। बता दें कि ललिता पवार के निधन की खबर लोगों को 3 दिन बाद लगी। उनके बेटे ने उन्हें फोन किया लेकिन उनका फोन लगा नहीं और इस वजह से घर का दरवाजा तोड़कर पुलिस को उनकी 3 दिन पुरानी लाश बरामद हुई।


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