टीवी की रामायण के रावण को भी मांगनी पड़ी थी माफी,सीता अपहरण पर निकल पड़े थे आंसू कई साल तक करते रहे प्रायश्चित

हिंदी दिनों मशहूर डायरेक्टर ओम राउत की फ़िल्म 'आदिपुरुष' काफी ज्यादा विवादों में बनी हुई है. कुछ लोग तो इस फिल्म को बैन करने की मांग उठा रहे हैं. यहां तक कि कुछ लोगों ने तो 'आदिपुरुष' के मेकर्स को चरित्रों के हनन करने के लिए जेल तक की मांग की है. कुछ लोग तो बोल रहे हैं कि टपोरी डायलॉग और फैक्ट्स के साथ में भी इस फिल्म में छेड़छाड़ की गई है.
भगवान राम और माता सीता को अपशब्द कहने का अरविंद को रहा मलाल
लेकिन आपको बता दें कि करीब 4 दशक पहले रामानंद सागर की रामायण टेलीविजन पर प्रसारित की गई थी. रामायण में रावण का किरदार अरविन्द त्रिवेदी ने निभाया. जो कि इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं. हालांकि वह बहुत बड़े राम भक्त माने जाते थे. लेकिन लोगों को उनका रावण का किरदार बहुत ही ज्यादा प्रभावशाली लगा और इसी वजह से असल जिंदगी में भी उन्हें लोग रावण ही मानने लगे. इतना ही नहीं अरविंद त्रिवेदी को खुद इस बात का मलाल रहा कि उन्होंने भले ही एक्टिंग में लेकिन उन्होंने भगवान राम को वनप्राणी और माता सीता को वनवासिन कह दिया था.
अरविंद ने घर की दीवारों पर लिखवाई थी रामायण की चौपाई
अरविंद त्रिवेदी ने पूरी जिंदगी इस बात का प्रायश्चित किया. यहां तक कि उन्होंने अपने घर की दीवारों तक पर रामायण की चौपाई लिखवाई. अरविंद ने अपने घर पर राम दरबार लिखवा लिया. यहां तक कि उन्होंने सीरियल में माता सीता का अपहरण करने को लेकर भी प्रायश्चित किया. इस बात को लेकर उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो भी साझा किया.
वीडियो में अरविंद के झलक रहे थे आंसू
इस वीडियो में नजर आया कि स्क्रीन पर सीता हरण का प्रसंग चलता हुआ दिखाई दिया. वहीं दूसरी तरफ सामने बैठकर अरविंद त्रिवेदी की आंखों से आंसू झलक रहे थे. एक्टर ने इस सीन को लेकर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी. उन्होंने यह भी कहा था कि भले ही एक्टिंग और चित्रण में ही सही लेकिन ऐसा करने का उन्हें उम्र भर मलाल रहेगा. यहां तक कि अरविंद माता सीता को तेज आवाज में बुलाने को लेकर भी काफी प्रायश्चित करते रहे.


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