16 की नाबालिग की उम्र मे की शादी, गुलजार साहब ने किया प्रेग्नेंट, 15 अगस्त 1947 को लिया जन्म.. बिकिनी में काटा
Rakhee Gulzar Bikini: हिंदी फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री राखी गुलजार अब ना के बराबर ही किसी इवेंट या पब्लिक अपीयरेंस में दिखाई देती हैं। 'जीवन मृत्यु', 'शर्मीली', 'दाग़', 'ब्लैकमेल', 'कभी-कभी', 'तपस्या', 'दूसरा आदमी', 'मुकद्दर का सिकंदर', 'बसेरा', 'शक्ति' और 'करण-अर्जुन' जैसी कई यादगार फिल्मों में उन्होंने काम किया और अपनी अलग पहचान बनाई।

30 साल का शानदार फिल्मी सफर
करीब 30 साल तक, यानी 1970 से 2000 के बीच, राखी फिल्मों में लगातार सक्रिय रहीं। उस दौर में वे हर बड़े अभिनेता और निर्देशक की पसंद थीं। एक के बाद एक हिट फिल्मों ने उन्हें इंडस्ट्री की मजबूत अभिनेत्री बना दिया।
अब फार्महाउस में सादा जीवन
आज राखी फिल्मों और चमक-दमक से दूर, मुंबई के पास अपने फार्महाउस में शांत जिंदगी जी रही हैं। वह बिल्कुल एक किसान की तरह रहती हैं-खुद सब्ज़ियां उगाती हैं, बागवानी करती हैं और अपने जानवरों की देखभाल करती हैं। उनके पास कई कुत्ते-बिल्लियां और दूसरे जानवर हैं, जिन्हें वे अपने हाथों से खाना खिलाती हैं।
स्टार होकर भी पूरी तरह आत्मनिर्भर
बहुत कम लोग जानते हैं कि स्टार होने के बावजूद राखी ने हमेशा अपने काम खुद किए। चाहे घर का हिसाब-किताब हो, कानूनी मामला हो या टैक्स भरना-उन्होंने कभी दूसरों पर निर्भर रहना पसंद नहीं किया। उन्होंने अपने लिए कभी कोई पब्लिसिटी एजेंट भी नहीं रखा। उनका मानना था कि जो काम इंसान खुद कर सकता है, वह खुद ही करना चाहिए।
आज़ादी के दिन जन्म, आज़ाद सोच
राखी का जन्म आज़ादी के दिन पश्चिम बंगाल के रानाघाट में हुआ था। शायद यही वजह है कि उन्हें अपनी आज़ादी बहुत प्यारी है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि अब उन्हें न ज्यादा पैसों की चाह है, न फिल्मों की। उन्हें सुकून अपने फार्महाउस और अपने जानवरों के साथ मिलता है।
कम उम्र में शादी, फिर नई शुरुआत
राखी की शादी बहुत कम उम्र में हो गई थी, लेकिन वह ज्यादा समय तक नहीं चली। इसके बाद उन्होंने फिल्मों में कदम रखा। शुरुआत बांग्ला फिल्मों से हुई और फिर 1970 में 'जीवन मृत्यु' से उन्हें बड़ी पहचान मिली। इसके बाद 'शर्मीली' और 'रेशमा और शेरा' जैसी फिल्मों ने उन्हें मजबूत अभिनेत्री के रूप में स्थापित कर दिया।
अलग और चुनौतीपूर्ण किरदारों की पसंद
राखी हमेशा ऐसे रोल चुनती थीं जिनमें कुछ अलग हो। उन्होंने कभी सिर्फ पैसों के लिए फिल्में नहीं कीं। उनका कहना था कि इंसान को अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीनी चाहिए और मुश्किलों का सामना खुद करना चाहिए।
सादगी भरी जिंदगी, बड़ी मिसाल
आज 75 साल की उम्र में भी राखी की जिंदगी एक मिसाल है-सादगी, आत्मसम्मान और आज़ादी की मिसाल। चमक-दमक से दूर रहकर भी उन्होंने साबित किया कि असली खुशी अपने मन के मुताबिक जीने में है।


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