Rajesh Khanna की इस हीरोइन ने घर का किराया देने के लिए फिल्मों में किया काम, विवादों में रही लव लाइफ

आज हम आपको एक वेटरन एक्ट्रेस के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत बंगाली फिल्मों से बताओ चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में की। 13 साल की उम्र में उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम करना शुरू कर दिया था। उन्होंने जितेंद्र और राजेश खन्ना से लेकर धर्मेंद्र जैसे कई सारे अभिनेताओं के साथ में हिट फिल्मों में काम किया।लेकिन फिर साल 1969 में एक ब्लॉकबस्टर फिल्म देकर उन्होंने रिकॉर्ड बना दिया।
शर्मिला टैगोर ने गुलमोहर फिल्म से किया कमबैक
अगर आप अभी तक इस अभिनेत्री को नहीं पहचान पाए हैं तो आपको बता दें कि हम बात कर रहे हैं दिग्गज हसीना शर्मिला टैगोर की। उन्होंने हिंदी फिल्मों में साल 1970 में एंट्री मारी। काफी लंबे समय के बाद वह डिजनी प्लस हॉटस्टार पर फिल्म 'गुलमोहर' दिखाई दी। इसी फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने अपने गुजरे वक्त को याद किया और बताया कि वह घर का किराया देने के लिए कई फिल्मों में काम किया करती थी।
घर का किराया देने के लिए फिल्मों में करती थी काम
फिल्म 'गुलमोहर' के प्रमोशन के समय शर्मिला टैगोर ने इंडिया टुडे को एक इंटरव्यू दिया जहां पर उन्होंने बताया कि "हम प्रोफेशनल्स के तौर पर कई बार पैसे कमाने के लिए तो कभी इसीलिए भी काम कर लेते हैं जिससे कि घर का किराया निकल सके। कई बार तो हम इसीलिए भी फिल्मों में काम कर लिया करते हैं क्योंकि हमारे कलीग को ऐसा लगता है कि अगर हम उनकी फिल्म में काम करेंगे तो उनके लिए काफी यह अच्छा साबित होगा।"
एक फिल्म से शर्मिला टैगोर ने मचा दिया था धमाल
साल 1969 में उन्होंने शक्ति सामंत के निर्देशन में बनी हुई कल्ट क्लासिक फिल्म 'आराधना' में काम किया। इस फिल्म ने थप्पड़ फाड़ कमाई की थी। शर्मिला टैगोर के साथ में लीड किरदार में राजेश खन्ना नजर आए थे। इसी के अलावा फिल्म में फरीदा जलाला, सुभाष घई और अशोक कुमार के अलावा सुजीत कुमार भी नजर आए थे। बताया जाता है कि फिल्म ने 900 करोड़ से ऊपर की कमाई की थी।
पहली बार जमी राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर की जोड़ी
शर्मिला टैगोर ने एक इंटरव्यू के दौरान अपनी फिल्म 'आराधना' को 'आरआरआर' को भी टक्कर देने वाली फिल्म बता दिया था। बता दे कि साल 1969 में रिलीज हुई फिल्म 'आराधना' में राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर ने साथ में पहली बार काम किया था। दर्शकों द्वारा दोनों की केमिस्ट्री को काफी पसंद किया गया था। शर्मिला टैगोर की यह ब्लॉकबस्टर फिल्म उन दिनों 100 से ज्यादा दिनों तक सिनेमा घरों में टिकी रही। यह एक ऐसी पहली फिल्म मानी जाती है जो साउथ की सिनेमाघर में 3 साल तक हटी नहीं थी।


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