जब हेमा मालिनी के लिए मेकर्स से भी भिड़ गए थे ये सुपरस्टार, टॉप एक्ट्रेस का काट दिया फ़िल्म से पत्ता

हेमा मालिनी को हिंदी सिनेमा की एक दिक्कत अभिनेत्री माना जाता है और उन्होंने 70 से 80 के दशक में काफी बेहतरीन फिल्मों में काम किया। लेकिन वह अपनी प्रोफेशनल लाइफ के अलावा पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी सुर्खियों में रही। लेकिन अपने करियर को बचाने के लिए उन्होंने 60 से 70 के दशक के सुपरस्टार के कहने पर विलेन का किरदार निभाने के लिए तैयार हो गई।
दरअसल साल 1971 में रिलीज हुई फिल्म 'लाल पत्थर' हेमा मालिनी के लिए बेहद ही लकी साबित हुई। इस फिल्म में उन्होंने पहली बार नेगेटिव किरदार निभाया। हेमा मालिनी के अलावा लीड किरदार में फिल्म में राजकुमार थे। हेमा मालिनी ने इसमें सौदामणि का किरदार निभाया। तो वही राजकुमार ने कुमार बहादुर ज्ञान शंकर राय का किरदार निभाकर पापुलैरिटी हासिल की।
हेमा मालिनी ने जमींदार की पत्नी का किरदार निभा कर पापुलैरिटी प्राप्त की। खबरों के अनुसार हेमा मालिनी ने इस खलनायिका के किरदार को राजकुमार के कहने पर किया था। पहले इस किरदार को निभाने से वह डर रही थी। उन्हें लगा कि अगरउन्होंने अपने करियर की शुरुआत में नेगेटिव किरदार निभाए तो उनका करियर बिखर सकता है। हालांकि उनके इस भ्रम को राजकुमार ने दूर कर दिया था।
हेमा मालिनी को खलनायिका का किरदार निभाने के लिए काफी ट्रेनिंग दी गई थी। राजकुमार उन्हें हमेशा एक सही राय देते थे। हेमा मालिनी को फिल्म में लेने के लिए राजकुमार ने डायरेक्ट से ही झगड़ा कर लिया था और उन्होंने फिल्म में अपने ऑपोजिट हेमा को साइन भी करवाया। इस फिल्म के लिए राजकुमार के अपोजिट एक्ट्रेस वैजयंती माला को कास्ट किया जा रहा था।
हालांकि राजकुमार की डिमांड के आगे किसी की एक नहीं चली और बाद में हेमा मालिनी की फिल्म में एंट्री हुई। जानकारी के लिए आपको बता दें कि 'लाल पत्थर' हेमा मालिनी की दूसरी ऐसी फिल्म साबित हुई जो ब्लॉकबस्टर थी। हेमा मालिनी ने साल 1968 में रिलीज हुई फिल्म सपनों का सौदागर से डेब्यू किया था और बाद में वारिस, आंसू और मुस्कान, पराया धन और शराफत जैसी फिल्मों में काम किया।


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