परवीन बाबी की ये थी आखिरी ख्वाहिश, मगर बहनों ने नहीं होने ड़ी पूरी, पुलिस स्टेशन में भी किया था बवाल

Parveen Babi Last Wish: परवीन बाबी जीते जमाने की एक दिक्कत अभी नेत्र है और आपको बता दें कि उनका जन्म 4 अप्रैल 1954 में हुआ था। अगर वह आज जिंदा होती तो 70 साल की हो चुकी होती। परवीन बाबी 70 से 80 के दशक की एक खूबसूरत अभिनेत्री मानी जाती है और आपको बता दें कि उनका विवादों से गहरा नाता रहा है।
परवीन बाबी का जन्म गुजरात के जूनागढ़ में हुआ था और उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद में मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की। साल 1973 में रिलीज हुई फिल्म 'चरित्र' से उन्होंने बॉलीवुड डेब्यू किया। परवीन बाबी अपनी फिल्मों के अलावा अपने अफेयर्स को लेकर भी सुर्खियों में रही। हालांकि बाद में उन्हें पैरानॉइड सिजोफ्रेनिया नाम की बीमारी हो गई थी।
परवीन बाबी को इस बीमारी के चलते ऐसा लगता था कि उनके करीबी लोग उनको जान से मार देना चाहते हैं। टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट की माने तो एक्ट्रेस की मौत के बाद उनकी आखिरी इच्छा पूरी नहीं की गई। उनकी लाश फ्लैट पर मिली। तब जुहू पुलिस स्टेशन में उनके अंतिम संस्कार को लेकर बवाल देखने को मिला। दरअसल यह प्रीस्ट और परवीन की बहनों के बीच में हुआ था।
परवीन बाबी ने अपने आखिरी दिनों में 21 जून 1997 में क्रिश्चियन धर्म को अपना लिया था। तब पुलिस स्टेशन में तीन प्रीस्ट भी मौजूद थे और एक नीले रजिस्टर के साथ लिखा हुआ था कि परवीन क्रिश्चियन एंग्लिकन चर्च की मेंबर है। इसी के चलते उनका अंतिम संस्कार ईसाई रीति रिवाज से होना चाहिए था और प्रीस्ट ने यह भी बताया था कि परवीन की यह आखिरी इच्छा थी।
लेकिन खबरों के अनुसार परवीन की दो बहनों ने पुलिस स्टेशन में उनका अंतिम संस्कार मुस्लिम रीति रिवाज से करने की ठान ली थी। उनकी बहनों ने कहा था कि उनके पास में परवीन से जुड़ी हुई कोई भी याद नहीं है और इसीलिए वह उनका अंतिम संस्कार पूरी इज्जत के साथ में करना चाहती हैं। इसीलिए सांताक्रुज ग्रेव्यार्ड में मुस्लिम रीति रिवाज के चलते एक्ट्रेस को दफना दिया गया था।


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