खेतों में किया काम, पत्नी की सैलरी पर चला घर, आज ये एक्टर बन चुका है नेशनल अवॉर्ड विनर

बॉलीवुड इंडस्ट्री में हर साल हजारों लोग अपना करियर बनाने के लिए जाते हैं और कुछ ही लोग ऐसे होते हैं जो कि वहां पर टिक पाते हैं। वरना काफी लोग तो ऐसे होते हैं जो की हिम्मत हार कर वापस लौट आते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे हीरो के बारे में बताने वाले हैं जो कि पहले अपने पिता के साथ में किसानी किया करते थे और अब एक बड़े सितारे बन चुके हैं। दरअसल हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड फिल्म और वेब सीरीज के जाने-माने एक्टर पंकज त्रिपाठी की।
पंकज त्रिपाठी बॉलीवुड के ऐसे एक्टर माने जाते हैं जो कि अपना होमटाउन पटना छोड़कर साल 2001 में नेशनल स्कूल आफ ड्रामा में पढ़ाई करने के लिए दिल्ली पहुंचे। इसके बाद में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता बनने के लिए साल 2004 में मुंबई पहुंच गए। फिल्मों में कामकरने से पहले उन्होंने अपने पिता के साथ में पैतृक भूमि पर एक किसान के तौर पर काम किया। इस बात का खुलासा उन्होंने खुद कई सारे इंटरव्यू में किया है। पंकज त्रिपाठी ने यह भी बताया कि अगर वह एक्टिंग से प्यार ना करते तो वह एक किसान ही होते।
पंकज त्रिपाठी ने अपने फ़िल्मी करियर में अपहरण और रावण के अलावा ओमकारा जैसी कई बेहतरीन फिल्मों में छोटी भूमिका निभाई।लेकिन बाद में उन्हें अनुराग कश्यप की 2 पार्ट वाली क्राईम थ्रिलर गैंग्स ऑफ़ वासेपुर में काफी ज्यादा पसंद किया गया। इसी फिल्म के बाद में पंकज त्रिपाठी की पापुलैरिटी आसमान छू रही थी और उन्हें थोड़े बड़े रोल ऑफर होने लग गए थे।
पत्नी की सैलरी पर निर्भर हुआ करते थे पंकज त्रिपाठी
पंकज त्रिपाठी ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने स्ट्रगल के दिनों की बात बताई। जिसमें उन्होंने यह भी बताया कि एक समय हुआ करता था जब मुंबई में जाकर उनके पास में कोई भी काम नहीं था और इसी के चलते उनकी पत्नी एक स्कूल में पढ़ाने जाया करती थी। उस समय उनके घर पत्नी की सैलरी से ही चला करता था और उन्होंने यह भी बताया कि रोजमर्रा के खर्चों के लिए भी वह अपनी पत्नी पर ही पूरी तरह से निर्भर थे।
पहली फिल्म से पंकज त्रिपाठी के काट दिए गए थे सीन
एक बार अपने शुरुआती दिनों में पंकज त्रिपाठी को साल 2004 में ऋतिक रोशन और फरहान अख्तर निर्देशित फिल्म लक्ष्य में काम मिला था। लेकिन जब फिल्म के लास्टएडिशन हुआ तो उनके सारे सीन काट दिए गए। इंडियन एक्सप्रेस के साथ एक पुराने इंटरव्यू में पंकज त्रिपाठी ने इस बात का खुलासा किया था और बताया था कि मुझे सूबेदार कुलदीप सिंह नाम के एक चरित्र की भूमिका निभाने को मिली। इसकी शूटिंग के वक्त ही पहली बार लेह लद्दाख का दौरा किया गया। इस फिल्म की रिलीज से पहले मैं पटना में था और वहां अपने एक मीडिया मित्र से बातचीत करते वक्त मैं अचानक यह बता दिया कि मैं इसका हिस्सा हूं और वह भी काफी एक्साइटेड हो गए और उन्होंने इसकी ज्यादा जानकारी मुझे ले ली।
अखबारों में छप चुकी थी खबर
पंकज त्रिपाठी ने इसी इंटरव्यू के आगे यह भी बताया कि मैं उसको अपनी भूमिका के बारे में बता दिया और यह भी बताया की फिल्म में ऋतिक रोशन के साथ में भी मेरे सीन है। लेकिन अगले दिन पटना के हिंदुस्तान अखबार में मेरी एक छोटी सी तस्वीर के साथ में लक्ष्य में दिखेगा बिहार का लाल शीर्षक से एक खबर आ गई थी। एक्टर ने आगे यह भी बताया कि तब मैं अपनी पत्नी के साथ में वहां अशोक सिनेमा हॉल में लक्ष्य फिल्म को देखने भी पहुंचा था। हालांकि पूरी फिल्म खत्म हो गई और मैं कहीं भी नजर नहीं आया।
पंकज त्रिपाठी का टूट गया था दिल
पंकज त्रिपाठी आगे बताते हैं कि मेरी पीड़ा दोगुनी हो गई थी और इसका कारण मेरे फिल्म से सीन कट जाना नहीं था। बल्कि इसीलिए क्योंकि यह खबर पहले ही अखबारों में छप चुकी थी। मुझे बहुत तनाव होने लगा। अगर यह खबर बाहर नहीं आती तो मुझे इतना दबाव महसूस शायद नहीं होता। मुझे ऐसा लग रहा था कि अगर कोई भी इस खबर को पड़ेगा तो वह मुझे झूठा रहेगा क्योंकि मैं एक ऐसे माध्यम में काम करता हूं।


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