300 से अधिक फिल्मों में काम...अब ना नाम और ना आराम..किसी ने कुछ नहीं पूछा!
सतीश कौल बॉलीवुड और पंजाबी फिल्मों में काम कर चुके हैं और पिछले 4 महीनों से वो हॉस्पिटल में है और आर्थिक मदद तो दूर किसी ने उनका हाल चाल तक नहीं पूछा।
बॉलीवुड में वैसे तो जब भी कोई बात होती है तो पूरा बॉलीवुड या तो बिल्कुल साथ खड़ा होता है नहीं भारत पाकिस्तान मुद्दे की तरह गुटों में बंटा नजर आता है। वैसे अगर मदद की बात हो तो हमेशा हमारे स्टार्स सब के साथ खड़े नजर आते हैं।
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लेकिन हाल में कुछ ऐसा वाक्या हुआ है जिसके बारे में शायद अब तक स्टार्स का ध्यान नहीं गया है। जी हां हम बात कर रहे हैं पुराने जमाने के अभिनेता और खासकर पंजाब के अमिताभ बच्चन सतीश कौल के बारे में। सतीश कौल कर्मा जैसी फिल्मों मे नजर आ चुके हैं।

अमिताभ बच्चन, गोविंदा, दिलीप कुमार जैसे स्टार्स के साथ काम करने वाले सतीश कौल पिछले 4 महीनों से लगातार हॉस्पिटल में हैं और बीमार हैं लेकिन किसी भी ने उनकी सुध नहीं ली।
उनके ही एक नजदीकी ने उनके बारे में काफी कुछ कहकर वीडियो अपलोड किया। ये कोई पहली दफा नहीं है जब किसी एक्टर को आर्थिक तंगी से जूझ रहा हो और जब भी ऐसा हुआ है आगे बढ़कर स्टार्स ने मदद भी की है।
दरअसल सतीश कौल पिछले तीन साल से बिस्तर पर हैं। पंजाबी फिल्मों के दिग्गज कॉमेडियन मेहर मित्तल की मौत के बाद क्रिकेटर युवराज के पिता योगराज सिंह भी सतीश कौल के समर्थन में उतर आए।
वीडियो जारी कर उन्होंने लोगों को तीखे शब्दों में कहा, कि 300 से ज्यादा फिल्में कर चुका ये अभिनेता मर रहा है, कोई देखने वाला नहीं। मेहर मित्तल चला गया, ये भी मर जाएगा। जब तक आदमी जिंदा हो, कोई पूछता नहीं, जब मर गया, तब कहोगे कि इंडस्ट्री को नुकसान हो गया। इंडस्ट्री वालों, अगर थोड़ी भी शर्म है तो इसकी मदद करो।
सतीश कभी हिंदी और पंजाबी फिल्मों में जाना-पहचाना नाम हुआ करते थे। 1974 से 1998 तक सतीश ने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले सतीश को उस जमाने में बिना मांगे काम मिलता था, और अब हालात ये हैं कि रिक्वेस्ट करने पर भी कोई नहीं लेता।
दरअसल सतीश के पास जो जमा-पूंजी थी वो एक बिजनेस में डूब गए। इसके बाद उनकी हालत कुछ महीने पहले ऐसी बिगड़ी कि अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती सतीश के पास इलाज के भी पैसे नहीं थे, बात मीडिया में आई तो फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों ने उनको मदद की।
अपनी मुफलिसी पर सतीश ने कहा कि उन्होंने एक एक्टिंग स्कूल खोली थी जिसमें 22 लाख रूपए खर्च किए लेकिन स्कूल चला नहीं और पैसे भी डूब गए।
लोगों से खुद की मदद की अपील भी करते हुए सतीश कहते हैं उन्हें पटियाला यूनिवर्सिटी से हर महीने मदद मिलती थी, लेकिन कुछ महीनों से वो मदद भी बंद है।अब जो लोग मिलने आते हैं, उनके दिए पैसे से गुजारा वो गुजारा करते हैं'। उन्होंने दंगल के लिए ऑडिशन भी दी थी लेकिन उसका भी कुछ नहीं हुआ।


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