नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली एक्ट्रेस ने दो बार जान लेने की कोशिश की, एक बार पिया जहर, दूसरी बार ट्रेन के सामने...

जब भी बॉलीवुड सेलेब्रिटीज का जिक्र होता है, तो हम उनकी शानदार जिंदगी, लग्जरी कारों में सफर और सुपरस्टार होने के साथ मिलने वाली स्टारडम का लुत्फ उठाते हुए कल्पना करते हैं। हालांकि, इनमें से कई एक्टर्स के लिए स्टारडम की राह आसान नहीं थी। दरअसल, शोबिज इंडस्ट्री में आने से पहले उन्होंने अलग-अलग काम किए थे। इन सितारों ने कई उतार-चढ़ाव देखे और ऐसे करियर चुने जो अभिनय से बिल्कुल भी जुड़े नहीं थे।
ऐसी ही एक स्टार बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस थीं, जिन्होंने पेट्रोल पंप पर कॉफी भी बेची थी। दिलचस्प बात यह है कि उनकी मेहनत रंग लाई और ना केवल वह एक्टिंग में अपना करियर बनाने में सफल रहीं, बल्कि अपने बेहतरीन काम के लिए नेशनल अवॉर्ड भी जीता।
भारतीय सिनेमा के सम्मानित नामों में से एक यह एक्ट्रेस आज भी सिनेमा की दुनिया का जाना-माना नाम हैं और ये कोई और नहीं बल्कि शबाना आजमी हैं। हैदराबाद में जन्मी आजमी लोकप्रिय कवि कैफी आजमी और एक्ट्रेस शौकत आजमी की बेटी हैं। मुंबई के क्वीन मैरी स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज से साइकोलॉजी में ग्रैजुएशन किया। उन्होंने एक्टिंग को आगे बढ़ाया और पुणे के लोकप्रिय फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) में एक कोर्स में एडमिशन लिया।
अपनी ऑटोबायोग्राफी 'कैफ एंड आई: ए मेमॉयर' में, आजमी की मां शौकत आजमी ने अपनी बेटी के जीवन का एक हैरान कर देने वाला चेहरा उनके फैंस के सामने लेकर आईं। भले ही वह एक संपन्न परिवार से ताल्लुक रखती थीं, लेकिन शबाना ने पेट्रोल स्टेशनों पर काम किया, कॉफी बेची और सिर्फ 30 रुपये प्रति दिन कमाया।
जीते कई नेशनल अवॉर्ड्स
शबाना का करियर बेदाग परफॉर्मेंस से भरा है। 1974 में रिलीज हुई अपनी पहली फिल्म अंकुर में, उन्होंने कठिन परिस्थितियों में फंसी एक महिला का रोल निभाया था। श्याम बेनेगल की फिल्म अंकुर में उनके प्रदर्शन ने उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का पहला नेशनल अवॉर्ड दिलाया। उनके चार और नेशनल अवॉर्ड अर्थ (1982), खंडहर (1984), पार (1984) और गॉडमदर (1999) में शानदार काम के लिए आए। इन फिल्मों ने उन्हें भारतीय सिनेमा के इतिहास में लोकप्रिय एक्ट्रेस में से एक के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने में मदद की। उन्होंने अपने रोल के लिए 1998 में पद्म श्री और 2012 में पद्म भूषण जीता। अपने करियर के दौरान शबाना ने इंडस्ट्री के मशहूर नामों के साथ काम किया, जिनमें दिग्गज राजेश खन्ना भी शामिल थे।
शबाना आजमी ने की खुदकुशी करने की कोशिश
आपको जानकर हैरानी होगी कि बचपन में शबाना ने दो बार आत्महत्या करने की कोशिश की थी। अपनी आत्मकथा में शबाना की मां शौकत ने एक घटना का जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने स्कूल की लैबोरैटरी में कॉपर सल्फेट पी लिया था और उनकी सहेली ने उन्हें बचाया था। शबाना को हमेशा लगता था कि उनकी मां उनके छोटे भाई से ज्यादा प्यार करती हैं। इसलिए गुस्से में आकर उन्होंने खुदकुशी करने की कोशिश की। शबाना ने ट्रेन के सामने आकर खुदकुशी करने की भी कोशिश की थी। स्कूल के चौकीदार ने उन्हें बचाया था।


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