'मेरे मन को भाया, मैं कुत्ता काट के खाया...' 26 साल पहले इस डायलॉग ने चमकाई विलेन की किस्मत

हिंदी सिनेमा में कई सारे ऐसे खलनायक रहे हैं जिनके किरदार काफी ज्यादा पॉपुलर भी हो गए थे। आज हम आपको 90 के दशक के एक ऐसे खलनायक के बारे में बताने वाले हैं जिन्हें देखकर भी लोगों के रूह कांप जाती थी। दरअसल हम बात कर रहे हैं साल 1998 में रिलीज हुई चाइना गेट फिल्म की। यह फिल्म मल्टी स्टार थी और इसमें मुकेश तिवारी ने खूंखार डाकू जगीरा का किरदार निभाया।
इस फिल्म में ओम पुरी, अमरीश पुरी, डैनी डेंजोंगपा, कुलभूषण खरबंदा, नसरुद्दीन शाह और ममता कुलकर्णी जैसे बाकी बेहतरीन कलाकार भी थे। बता दे कि इस फिल्म में इतने बड़े-बड़े कलाकार होने के बावजूद विलेन बनाकर मुकेश तिवारी ने अच्छी खासी लाइमलाइट लूट ली थी। उनका फिल्म में डायलॉग मेरे मन को भाया... मैं कुत्ता काट कर खाया काफी ज्यादा फेमस हो गया था।
मुकेश तिवारी की अदाकारी भी लोगों को खूब पसंद आई थी। इस फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया था। इस फिल्म में चीन गेट मिशन फेल होने के बाद कर्नल कृष्णकांत का किरदार निभाने वाले ओमपुरी का पूरी टीम के साथ में कोर्ट मार्शल हो जाता है। वह अपने जीवन से तंग आकर आत्महत्या करने जा रहे होते हैं तभी संध्या यानी की ममता कुलकर्णी उनके दरवाजे पर आ जाती है।
संध्या का किरदार निभाने वाली ममता कुलकर्णी जगीरा नाम के खूंखार डकैत के आतंक को खत्म करने के लिए उनसे सहायता मांगती हैं। इस खूंखार डकैत ने उसी की आंखों के सामने उसके पिता की हत्या कर दी थी। कर्नल भी संध्या की मदद करने के लिए मान जाता है और अपने पुराने साथियों को भी टीम में शामिल कर लेता है और आगे की कहानी बढ़ती है।


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