1945 का गाना...जिसे बेकार समझ निकाला, वही गाना बना फ़िल्म की जान, आज भी लोगों के दिलों में बसा है ये सिंगर

सिंगर मुकेश हमेशा से ही अपनी आवाज के लिए जाने जाते हैं और आपको बता दें कि पहली बार उन्होंने 1945 में फिल्म पहली नजर में अपनी आवाज दी थी. इस फिल्म को मजहर खान ने डायरेक्ट किया. भैया को बता दे कि इस फिल्म से अनिल बिस्वास बताओ म्यूजिक डायरेक्टर जुड़े हुए थे. लेकिन वही डायरेक्टर मजहर खान को ऐसा लगने लगा कि यह गाना कुछ खास नहीं है और इसी वजह से इसे फिल्म से निकालने की बात तक उन्होंने कह दी थी.
पहली फ़िल्म से निकाल दिया गया था मुकेश का गाना
जानकारी के लिए आपको बता दें कि सिंगर मुकेश के बेटे नितिन मुकेश ने एक इंटरव्यू के दौरान इस बारे में जिक्र करते हुए कहा था कि फिल्म पहली नजर रिलीज होने के बाद गाने दिल जलता है तो जलने दो को कुछ समय के लिए निकाल दिया गया. लेकिन जब लोगों ने इस गाने को सुना दो मुकेश रातोंरात मशहूर हो गए और लोगों ने इस गाने को फिल्म में वापस लाने की मांग कर दी थी.
75 साल बाद भी मुकेश का गाना है हिट
जिसके बाद में हर किसी को इस बारे में एहसास हुआ कि जिस गाने को उन्होंने बेकार समझ लिया था वही गाना फिल्म की असली जान बन गया था. जिस वजह से इस गाने को फिल्म वापस से ऐड कर दिया गया था. बता दे की पहली नजर फिल्म को रिलीज हुए 75 साल हो चुके हैं और आज भी यह गाना लोगों के दिलों में बसा हुआ है. जब भी नितिन मुकेश आज भी किसी इवेंट में जाया करते हैं तो इस गाने की सबसे ज्यादा फरमाइश की जाती है.
मोतीलाल की बदौलत मुकेश का सपना हुआ पूरा
इतना ही नहीं आपको बता दें कि मुकेश को गायक बनाने का सबसे बड़ा श्रेय पुराने दौर के मशहूर एक्टर मोतीलाल को ही जाता है. उन्होंने सिंगर की बहन की शादी में ही पहली बार उनका गाना सुना और बाद में उनकी आवाज उन्हें काफी पसंद आ गई. उन्हें लगने लगा कि मुकेश को मुंबई जाना चाहिए और वह उन्हें अपने साथ में मुंबई ले गए. बताया जाता है कि एक्टर मोतीलाल की कोई भी संतान नहीं थी और इसी वजह से उन्होंने मुकेश को अपनी बेटे की तरह ही रखा. उनकी सभी जरूरतों को उन्होंने पूरा किया और बाद में पंडित जगन्नाथ प्रसाद से संगीत मे प्रशिक्षण भी दिलवाया.


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