एक नाम जिनकी बराबरी करना है नामुमकिन!
एक दौर ऐसा था जब हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में गिने-चुने चेहरे ही दर्शकों को लुभाते थे। 1940 के दशक में एक ऐसी ही हीरोइन थी जिसकी खूबसूरती को लोग आज भी नहीं भूल पाए हैं।
[उफ्फ..ये तस्वीरें उड़ा देंगी आपके होश]
वो जिसे हम मधुबाला के नाम से जानते हैं।मधुबाला एक ऐसा नाम है जिनकी खूबसूरती का उदाहरण आजतक दिया जाता है और शायद हीं बॉलीवुड में कभी कोई एक्ट्रेस मधुबाला की बराबरी कर सके।
फिल्म 'मुगल-ए-आजम' में मधुबाला ने अनारकली का जो किरदार निभाया वो आज भी लोगों के जेहन में बसा हुआ है। बतौर अभिनेत्री उन्होंने 1947 में 'नीलकमल' में काम किया। जिसे फिल्ममेकर केदार शर्मा ने बनाई थी। इसके बाद उन्होंने 1947 में 'दिल की रानी' और 1948 में 'अमर प्रेम' में काम किया। ये सभी फिल्में उन्होंने 'द शो मैन' कहे जाने वाले राज कपूर के साथ की थीं।
अपनी पांच बहनों में वो सबसे ज्यादा कमाती थीं। उन्होंने छोटी सी उम्र में ही फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था जिसके चलते वो स्कूल नहीं जा सकी। उन्हें उर्दू आती थी, लेकिन अंग्रेजी का एक शब्द भी नहीं बोल पाती थीं।
[एक्टिंग की बोलती थी तूती लेकिन किस्मत को कुछ और था मंजूर]
देखिए मधुबाला की तस्वीरें


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