पिता ने मारी ठोकर, डाकुओं ने अगवा किया, पति ने पीटा... ये बच्ची निकली बॉलीवुड की सुपरस्टार ट्रेजेडी क्वीन
Meena Kumari life Tragedy: बॉलीवुड की दुनिया बाहर से जितनी चमकदार और शानदार दिखती है, अंदर से उतनी ही दर्दभरी कहानियों से भरी हुई है। आज हम आपको ऐसी ही एक कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर फिल्मी सितारों की पुरानी तस्वीरें वायरल होती रहती हैं। इन दिनों एक ब्लैक एंड व्हाइट फोटो ने लोगों का ध्यान खींचा है, जिसमें एक मासूम-सी बच्ची नजर आ रही है।

बहुत कम लोग जानते हैं कि इस बच्ची का बचपन बेहद कठिन हालातों में गुजरा था। कहा जाता है कि एक समय ऐसा भी आया जब उसे डाकुओं ने अगवा कर लिया था और हालात ऐसे बने कि उसके पिता ने भी उससे दूरी बना ली। समय बदला और यही बच्ची आगे चलकर हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी और यादगार एक्ट्रेसेस की लिस्ट में शामिल हुई।
मीना कुमारी: दर्द से शोहरत तक का सफर
यह मासूम चेहरा दरअसल हिंदी फिल्मों की महान अभिनेत्री मीना कुमारी का था। उन्होंने अपनी अदाकारी से करोड़ों दिल जीते, लेकिन निजी जिंदगी में उन्हें कभी सुकून नहीं मिला। मीना कुमारी ने जिस इंसान से प्यार किया और शादी की, वही रिश्ता उनके लिए सबसे ज्यादा तकलीफ देने वाला साबित हुआ। कहा जाता है कि उनके पति ने न सिर्फ उनके करियर पर रोक लगाने की कोशिश की, बल्कि उन्हें मानसिक और शारीरिक यातनाएं भी दीं।
क्यों कहलाईं 'ट्रेजेडी क्वीन'
मीना कुमारी को हिंदी सिनेमा की ट्रेजेडी क्वीन कहा जाता है। फिल्मों में जब भी कोई भावुक सीन होता, तो उन्हें आंसू लाने के लिए किसी बनावटी तरीके की जरूरत नहीं पड़ती थी। उनके जीवन का दर्द खुद-ब-खुद उनकी आंखों से छलक जाता था। बचपन में परिवार का साथ छूट जाना, कम उम्र में मां का निधन और असफल वैवाहिक जीवन-इन सबने उनकी जिंदगी को बेहद दुखद बना दिया।
चार साल की उम्र में शुरू किया फिल्मी सफर
मीना कुमारी का असली नाम महजबीन था। उन्होंने महज चार साल की उम्र में फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट उनकी प्रतिभा सबको हैरान कर देती थी। धीरे-धीरे वह बॉलीवुड की सबसे भरोसेमंद और सम्मानित अभिनेत्रियों में गिनी जाने लगीं। पाकीजा, दो बीघा जमीन और कई अन्य फिल्मों में उनका अभिनय आज भी मिसाल माना जाता है।
बीमारी ने छीनी जिंदगी
साल 1972 में मीना कुमारी का निधन हो गया। बताया जाता है कि फिल्म पाकीजा की रिलीज के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह कोमा में चली गईं। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी मौत की वजह लीवर सिरोसिस थी। 31 मार्च 1972 को हिंदी सिनेमा ने अपनी सबसे भावुक अदाकारा को खो दिया।
सिनेमा में अमर है मीना कुमारी
हालांकि मीना कुमारी अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में, उनका अभिनय और उनकी संघर्षभरी कहानी आज भी लोगों को भावुक कर देती है। उन्होंने साबित किया कि दर्द को भी कला में बदला जा सकता है। हिंदी सिनेमा में उनका नाम हमेशा सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।


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