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#FlopShow: फ्यूज़ सलमान....ओवर-रेट वाले शाहरूख...एवरेज अक्षय...ज़रा एलर्ट हो जाइए!

By Trisha Gaur
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बॉलीवुड में बीते 8 महीने किसी तूफान से कम नहीं रहे हैं। जो भी आया बस तबाही मचाकर चला गया। हर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी। ऋतिक रोशन से लेकर शाहरूख खान तक और सलमान खान से लेकर अक्षय कुमार तक किसी का भी जादू नहीं चला।

वहीं लोगों को शाहरूख और सलमान की बैक टू बैक फ्लॉप से बहुत बड़ा झटका लग चुका है। कम से कम ये तो तय हो गया है कि दर्शक अब बेवकूफ नहीं रहा है।

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इन 8 महीनों में बॉलीवुड को एक भी ब्लॉकबस्टर नहीं मिली है। सुपरहिट के नाम पर अभी तक केवल बदरीनाथ की दुलहनिया का नाम है। वहीं हिट के नाम पर रईस और जॉली एलएलबी। वहीं टॉयलेट एक प्रेम कथा से भी ज़्यादा उम्मीदें नहीं हैं।

Ajay Devgn REACTS on Shahrukh and Salman Khan's FLOP FILMS; Watch video | FilmiBeat

वहीं ज़ख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है बाहुबली 2 ने। इस फिल्म ने बॉलीवुड को बहुत कुछ सिखा दिया है। वहीं ट्यूबलाइट और जब हैरी मेट सेजल के फ्लॉप होने के बाद से तो बॉलीवुड को वाकई बहुत बड़ी सीख मिली है।

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हालांकि ये सीख बॉलीवुड को बाहुबली के बाद ही मिल गई थी लेकिन फिर भी कोई आंखे खोलना नहीं चाह रहा था। अब फैन्स ने स्टार्स के मुंह पर करारा तमाचा मारा है। बॉलीवुड के कई ठोस नियम की ऐसी की तैसी हो चुकी है।

और अब बॉलीवुड को सोचने की ज़रूरत है कि क्या वाकई ये नियम किसी काम के थे -

 फेस्टिवल के बिना रिलीज़

फेस्टिवल के बिना रिलीज़

सलमान खान की ईद और शाहरूख खान की दीवाली। आमिर खान का क्रिसमस औऱ जो बचे वो अक्षय कुमार - ऋतिक रोशन का। इन सब चक्कर में पड़कर फिल्में नहीं कमाती हैं, ये बाहुबली ने दिखा दिया।

स्टारडम से कमाती हैं फिल्में

स्टारडम से कमाती हैं फिल्में

फिल्म में जब तक कोई बड़ा स्टार नहीं होगा तब तक फिल्म नहीं कमाएगी ऐसा नहीं होता है। बाहुबली में तमन्ना छोड़कर किसी को लोग नहीं जानते थे। बल्कि राजामौली भी चाहते थे कि फिल्म में पहचाने हुए चेहरे हों जैसे ऋतिक रोशन - जॉन अब्राहम पर ऐसा नहीं हो पाया और शायद अच्छा ही हुआ।

प्रमोशन के बिना भी होता है गुज़ारा

प्रमोशन के बिना भी होता है गुज़ारा

शाहरूख खान रेल से रईस का प्रमोशन कर रहे थे तो अभिषेक बच्चन एक ही दिन में 10 शहर जाकर अपनी फिल्में प्रमोट किए। इतने ज़्यादा प्रमोशन से कुछ नहीं होता है। बिना प्रमोशन भी फिल्में चल जाती हैं, अगर ढंग से प्लान बनाया जाए तो!

 कंटेंट होता है बॉक्स ऑफिस का बाप

कंटेंट होता है बॉक्स ऑफिस का बाप

केवल एक स्टार लेकर, गाने डालकर, एक आईटम नंबर और थोड़ा सा रोमांस ही फिल्म के लिए काफी नहीं होता है। फिल्म को कंटेंट चाहिए तब जाकर वो बॉक्स ऑफिस पर टिकती है।

आईटम के बिना नहीं होती हिट

आईटम के बिना नहीं होती हिट

बिना आईटम सॉन्ग के भी फिल्म हिट होती है। ये तो बॉलीवुड ज़रूर सीख ले। वैसे राबता में भी दीपिका का आईटम है। देखते हैं फिल्म कितनी हिट होती है।

स्क्रीन से नहीं दर्शकों से होती है कमाई

स्क्रीन से नहीं दर्शकों से होती है कमाई

हर बार, हर स्टार अपनी रिलीज़ की स्क्रीन बढ़ाता जाता है। जैसे अगर बजरंगी 4000 स्क्रीन पर रिलीज़ हुई तो सुलतान 5000। लेकिन इससे कुछ नहीं होता, सुलतान की Occupancy 3 दिन तक भी बाहुबली के बराबर नहीं थी। वहीं बाहुबली 7 दिन तक 80 प्रतिशत दर्शकों के साथ टिकी थी।

उम्र से नहीं बनता हीरो

उम्र से नहीं बनता हीरो

हीरो और रोमांस उम्र देखकर किया जाना चाहिए। वरना कितना भी सुपरस्टार हो, दर्शक उसे नकार ही देंगे।

फटाफट नहीं बन जाती हैं फिल्में

फटाफट नहीं बन जाती हैं फिल्में

बाहुबली 5 साल में बनी। यहां प्रेम रतन धन पायो का शे़ड्यूल ज़रा सा खिंचा था कि आफत हो गई थी। हमारे यहां 40 दिन में फिल्म निपटा देने की परंपरा है। क्योंकि कई स्टार्स की फीस भी हर दिन के हिसाब से होती है।

 जो टिकता है वो बिकता है

जो टिकता है वो बिकता है

जो बॉक्स ऑफिस पर 10 दिन तक टिका रहा वही बिकता है। यहां पर उल्टा होता है, शुरू के तीन दिन फिल्म ने जितना कमा लिया वही फिल्म की जमा पूंजी होती है।

 क्लास वाली फिल्में

क्लास वाली फिल्में

कुछ फिल्में एक क्लास के लिए होती हैं। ऐसा कुछ नहीं होता है। अच्छी फिल्में हर दर्शक देखना चाहता है।

तीन दिन में 100 करोड़

तीन दिन में 100 करोड़

अगर फिल्म ने तीन दिन में 100 करोड़ कमा लिया तो वो ब्लॉकबस्टर है। यहां बाहुबली ने चार दिन तक लगातार 100 करोड़ कमाया।

डायरेक्टर वो ही जो हीरो मन भाए

डायरेक्टर वो ही जो हीरो मन भाए

हमारे यहां एक्टर अपना डायरेक्टर ढूंढ लेता है। जैसे कि सलमान ने टाईगर सीक्वल के लिए अपने सुलतान डायरेक्टर को फाइनल कर लिया। जबकि एक था टाईगर कबीर खान की कहानी है जो दिमाग से काफी सक्षम है और जो मानते हैं कि सीक्वल ऐसे हवा में नहीं बन जाते।

एक फिल्म का हौव्वा

एक फिल्म का हौव्वा

किसी फिल्म का इतना हौव्वा नहीं बनाना चाहिए कि उसकी हवा निकल जाए। जैसे कि हीरो रीमेक को सलमान ने प्रमोट कर कर के फिल्म की जान निकाल दी।

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    English summary
    Lessons to be taken from Tubelight Jab harry Met Sejal Flop Show.

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