लता मंगेशकर का ये गाना पाकिस्तान के एक स्कूल में बन गया था सुबह की प्रार्थना!

Lata Mangeshkar: आज स्वर कोकिला लता मंगेशकर की 94वीं बर्थ एनिवर्सरी है। 92 वर्ष की आयु में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था, लेकिन आज भी उनके गाए हजारों गाने धरोहर की तरह हमारे साथ हैं। 7 दशक से भी ज्यादा लंबे अपने करियर में उन्होंने विभन्न भाषाओं में 30,000 से अधिक गानों को अपनी आवाज दी है।
भारतीय सिनेमा की महान पार्श्व गायिकाओं में से एक के रूप में मानी जाने वाली लता मंगेशकर ने 1942 में 13 साल की आयु में अपने करियर की शुरुआत की थी। उनके गाए हज़ारों गीत हर दिल में बसते हैं।
दो आंखे बारह हाथ का गीत बना पाकिस्तान में प्रार्थना
इनमें से ऐसा ही एक गीत है जो पाकिस्तान के एक स्कूल में प्रार्थना के तौर पर गाया जाता था। बात हो रही है 1957 में आई फिल्म "दो आंखे बारह हाथ" के गीत "ए मालिक तेरे बंदे हम" की। इस गाने के बोल लिखे थे भारत व्यास ने और इसका म्यूज़िक दिया था वसंत देसाई ने।
वी शांताराम की फिल्म का ये गाना हर किसी को एक तरह की शांति और शक्ति देता है। यही कारण था कि पाकिस्तान के एक स्कूल ने इस गीत को अपने बच्चों की स्कूल प्रेयर के तौर पर शामिल किया था। अभी भी ये गीत, वहां स्कूलों में गाया जाता है या नहीं, इसकी जानकारी फिलहाल किसी के पास नहीं है। लेकिन हिंदुस्तान में ये गीत जरूर गूंजता है।
इस गीत के अलावा भी लता मंगेशकर ने कई भक्ति गीतों को अपनी आवाज से अमर बना दिया है। जैसे.. लगान का गाना "ओ पालनहारे", फिल्म हम दोनों का गीत "अल्लाह तेरो नाम", सत्यम शिवम सुंदरम का गाना "यशोमति मैया से बोले नंदलाला", अमर प्रेम का गीत "बड़ा नटखट है ये कृष्ण कन्हैया"..


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