Lata Mangeshkar- 33 साल की उम्र में दिया गया था जहर, इतने महीनों तक बिस्तर से नहीं उठ पाईं थीं स्वर कोकिला

मेरा आवाज ही पहचान है... जैसे ही आप ये लाइन सुनते हैं तो सिर्फ एक नाम आपके कानों में गूंजता है, वो हैं सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर। आज उनकी पुण्यतिथि है और इस मौके पर उनके जीवन के कुछ ऐसा पहलुओं पर बात करेंगे जो कि शायद आपको नहीं पता होंगे।
लता मंगेशकर के जीवन में इतने उतार चढ़ाव रहे हैं जो किसी आपको हैरान करने के लिए काफी हैं। उनका शादी ना करना, उनका सफेद साड़ी पहनना.. उनको जहर दिया जाना, ये सब उनके साथ घटित हुआ है।
33 साल की उम्र में किसी ने दिया था जहर
लता मंगेशकर ने काफी कम उम्र में ही अपनी ऐसी पहचान बना ली थी कि दिग्गजों में वो शुमार हो गईँ थीँ। 33 साल की ही उम्र में उनको स्वर कोकिला जैसे शब्दों से बुलाया जाता था। यही वो साल था जब किसी ने जलन की वजह से सिंगर को जहर दे दिया था। इसके बाद उनकी तबियत काफी बिगड़ी और वो करीब 3 महीने तक बेड से नहीं उतर पाईं थीँ। कहा जाता है कि इस दौरान वो काफी कमजोर हो गईँ थीं और संगीतकार मजरूह सुल्तानरपुरी ने उनका साथ दिया था।
पिता ने की थी ये भविष्यवाणी
कहा जाता है कि लता मंगेशकर के पिता दीनानाथ मंगेशकर ज्योतिष थे। उन्होने अपने निधन से पहले ही लता मंगेशकर की मां और अपनी पत्नी से कह दिया था कि ये जीवन पर शादी नहीं करेगी। इसके अलावा ये उनकी ही भविष्यवाणी थी कि एक दिन वो नामी सिंगर बनेगी।
क्यों पहनती थी सफेद साड़ी
लता मंगेशकर का कहना था कि वो उनको सफेद कॉटन की साड़ियां बहुत पसंद हैँ। उनका ऐसा मानना था कि सफेद रंग उनके स्वभाव और व्यक्तित्व पर जंचता है। यही कारण है कि वो सफेद रंग की साड़ी पहनती थीं। लता जी ने एक इंटरव्यू के दौरान एक बार बताया था कि बारिश के दौरान वो कलरफुल साड़ी पहनकर गाना रिकॉर्ड करने पहुंच गईं थीं। इस दौरान रिकॉर्डनिस्ट ने उनको टोंक दिया था। उसका कहना था, दीदी आज अजीब लग रही हैं।


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