बॉलीवुड का ये एक सवाल कटप्पा और बाहुबली को भी फेल कर देगा!
राकेश ओम प्रकाश मेहरा की भाग मिल्खा भाग भाग के बाद मिर्जिया आज सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। मिर्जिया राकेश ओमप्रकाश मेहरा की ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस फिल्म की कहानी उनके जेहन में पिछले 30 सालों से है जो आखिरकार आज रिलीज हो रही है।
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फिल्म की कहानी ही फिल्म की सबसे खास बात है और दूसरी ये की इस फिल्म से एक और स्टार किड की एंट्री होने जा रही हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं हर्षवर्धन कपूर की और शयामी खेर की।फिल्म एक रियल कहानी पर बेस्ड है। आपको बता दें कि पंजाब की 4 पॉपुलर प्रेम कहानी में से एक है और संयोग ये भी है कि ये चारों ही प्रेम-गाथाएं पंजाब के पश्चिमी हिस्से में उपजीं जो अब पाकिस्तान में है।

इनके अलावा तीन हीर रांझा, सोनी माहिवाल और सासी पुन्नू है। फिल्म की कहानी बहुत ही इंटरेस्टिंग और जैसे ये पॉपुलर है कि कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा वैसे ही पंजाब में इनका एक वाक्या काफी पॉपुलर है जो आप आगे पढ़कर जानेंगे।
दरअसल इनकी असल कहानी यूं है कि दानाबाद में जन्मे मिर्जा को स्याल में जन्मी साहिबां के घर रह कर पढ़ने के लिए भेजा जाता है, क्योंकि मिर्जा की मां और साहिबां के पिता ने एक ही मां से दूध पिया था सो उनके बीच बहन-भाई का रिश्ता था ऐसा माना जाता था लेकिन इन्हें एक दूसरे के लिए हमेशा से प्यार था।
समाज और परिवार को दोनों का ये रिश्ता पसंद नहीं था इसलिए मिर्जा को वापस बुला लिया गया और साहिबां की शादी तय कर दी गई। शादी से पहले साहिबां ने मिर्जा को लिख भेजा कि वो शादी नहीं करना चाहती और वो आकर ले जाए।
बस मिर्जा धनुषबाजी में काफी पारंगत सो वो अपनी धनुष और लगभग 300 तीरों के साथ मिर्जा को शादी के दि भगा ले गया।
काफी थका होने के कारण वो एक पेड़ के नीचे लेट गया और उसकी आंख लग गई। साहिबां को पता था कि उसके सातो भाई आएंगे और उन दोनों को जिंदा नहीं छोड़ेंगे।
इंटरेस्टिंग ट्वि्ट ये है ति साहिबां मिर्जा के रखे सारे 300 तीर अचानक साहिबां तोड़ डालती है और जब उसके सातों भाई दोनों को खोजते वहां पहुंचते हैं और मिर्जा देखता है कि उसके पास एक भी तीर नहीं है और भाई के हाथो मिर्जा मार दिया जाता है।
उसी समय साहिबां भी रोते रोते तलवार से खुद को मार डालती है लेकिन बड़ा सवाल ये है कि आखिर साहिबां जो शादी के दिन मिर्जा के साथ भाग जाती है वो आखिर सारे तीर क्यों तोड़ डालती है और यही प्रसंग पॉपुलर है कि आखिर साहिबां ने कीर क्यों तोड़ा।
बस इसी सवाल का जवाब देने की कोशिश राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने फिल्म में की है और देखना मजेदार होगा कि आखिर साहिबां ने तीर क्यों तोड़ा।


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