45 भाषाओं में गाए 50 हज़ार से ज़्यादा गाने, चार बच्चों के पिता से हुआ प्यार, 30 सालों से बीमारी से हैं परेशान

बॉलीवुड में कई सारे मशहूर सिंगर है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी गायिका के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने हिंदी से लेकर तमिल, बांग्ला, तेलुगु और भोजपुरी के अलावा 45 भाषाओं में 50000 से ज्यादा गाने गाए हुए हैं। वह 30 सालों से एक गंभीर बीमारी का शिकार है और उन्होंने स्वास्थ्य समस्याओं के चलते भी अपनी गायकी को नहीं छोड़ा।
अगर आप अभी भी इस गायिका को नहीं पहचान पाए हैं तो हम बात कर रहे हैं कविता कृष्णमूर्ति की। जिन्होंने 1976 में प्लेबैक सिंगर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की। वह तमिल में जन्मी थी और संगीत में शुरू से ही उनकी रुचि रही। क्लासिकल सिंगर बलरामपुरी के मार्गदर्शन में हिंदुस्तानी क्लासिकल म्यूजिक की उन्होंने ट्रेनिंग ली।
कविता ने 8 साल की उम्र में एक संगीत प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल भी हासिल किया। इसके बाद कादंबरी फिल्म के लिए एक पहला गाना गया और इसके कंपोजर विलायत खान थे। जब कविता ने पहला गाना गया था उसके बाद लक्ष्मीकांत ने उन्हें डबिंग आर्टिस्ट के तौर पर भी काम दे दिया था। नौकरी के दौरान वह लता मंगेशकर और आशा भोंसले के गानों को रिकॉर्ड करती थी।
कविता ने 11 नवंबर 1999 में भारतीय वायलिनिस्ट और कंपोजर सुब्रमण्यम लक्ष्मी नारायण के साथ में शादी कर ली। 66 साल की उम्र में कविता यह सोचती थी कि वह कभी भी शादी नहीं करेंगे और जीवन भर कुंवारी रहेगी। लेकिन श्री सत्य साइन बाबा ने उन्हें कहा कि आप एक दिन अपने संगीत के कारण किसी से मिल जाओगी और शादी करोगी। कविता और सुब्रमण्यम एक साथ एक गाने के लिए आए थे और दोनों करीब आ गए।
सुब्रमण्यम पहली पत्नी के देहांत के बाद अपने चार बच्चों की परवरिश ठीक से नहीं कर पा रहे थे और मुश्किल वक्त मे उनकी मुलाकात कविता से हुई। जब सुब्रमण्यम कंसर्ट की वजह से कहीं गए हुए होते थे तो कविता उन चारों बच्चों का ध्यान रखती थी। कविता ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि वह ब्रांडकीअल कोल्ड और साइनस समस्याओं से 30 से 35 सालों से जूझ रही है। उन्होंने बताया कि साइनस की कई दिक्कतें हैं और उन्हें अस्थमा अटैक भी आते हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपना गाना नहीं छोड़ा।


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