»   » इन्हें देखकर सिर्फ याद आता है..रोमांस ..रोमांस..रोमांस..चाहे बाहुबली हो या खान !

इन्हें देखकर सिर्फ याद आता है..रोमांस ..रोमांस..रोमांस..चाहे बाहुबली हो या खान !

Posted By: shivani verma
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बॉलीवुड के जाने माने डायरेक्टर करण जौहर की फिल्मों के लिए लोग काफी बेताब रहते हैं। जैसे ही पता चलता है कि करण जौहर जल्द ही नई फिल्म लेकर आ रहे हैं तो लोगों की एक्साइटमेंट देखने लायक होती है। उनकी फिल्में होती ही इतनी खास हैं कि लोगों का दिल जीत ही लेती हैं।

फिल्म की स्टार कास्ट से लेकर लोकेशन और फिल्म की कहनी तक में जो करण जौहर अपने डायरेक्शन का तड़का डालते हैं वो शानदार होता है। आप सोच रहे होंगे कि अचानक से हम करण जौहर की बात क्यों करने लगे। तो हम आपको बता दें कि करण जौहर का आज जन्मदिन है।

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25 मई 1974 को जन्में करण आज पूरे 44 साल के हो गए हैं। आज उनके जन्मदिन के मौके पर हम एक मज़ेदार बात करने जा रहे हैं। हम बात करने जा रहे हैं करण की फिल्मों की।

हम बताएंगे कि करण की फिल्मों में आपको कुछ और देखने को मिले या न मिले लेकिन ये सब बातें देखने को मिल ही जाती हैं। पढ़ें ये मज़ेदार पेशकश..

पार्टी तो बनती है

पार्टी तो बनती है

फिल्मों में कुछ हो ना हो पार्टी शानदार होती है। बस मौका मिलना चाहिए फिर पार्टी एक बार शुरू होती है तो खत्म लेने का नाम नहीं लेती।

लव ट्राएंगल

लव ट्राएंगल

उनकी अधिकतर फिल्मों में एक ट्राएंगल का एंगल तो होता ही होता है। अब कुछ कुछ होता है , कभी खुशी कभी गम से लेकर स्टूडेंट ऑफ द ईयर तक देख लीजिए।

क्योंकि..मरना ज़रूरी है

क्योंकि..मरना ज़रूरी है

उनकी अधिकतर फिल्मों में किसी ना किसी को मरते जरूर दिखाया जाता है जिससे कहानी में बदलाव आ जाए।

मनी प्रॉब्लम..वो क्या होता है

मनी प्रॉब्लम..वो क्या होता है

उनकी फिल्मों में ये बड़ी मज़ेदार बात है कि कभी किसी भी कैरेक्टर को पैसों की दिक्कत नहीं होती। फिर चाहे वो बच्चा ही क्यों न हो।

बिना आंसुओं के कुछ नहीं होता

बिना आंसुओं के कुछ नहीं होता

रोना धोना तो खैर गम मानते हैं कि हर फिल्म में कॉमन होता है लेकिन जब एक समय ऐसा होता है जब हर कैरेक्टर रोते दिखाई देता है।

शाहरुख पर इतने अत्याचार :p

शाहरुख पर इतने अत्याचार :p

अगर उनकी फिल्म में शाहरूख खान हैं मतलब सारे कष्ट शाहरुख खान को झेलने होते हैं। किसी फिल्म में उनकी पत्नी मर जाती हैं और अकेले बेटी को संभालना, किसी फिल्म में पापा घर से निकाल देते हैं। उफ्फ..बेचारे शाहरुख।

प्यार देर से ही मिलता है

प्यार देर से ही मिलता है

फिर चाहे वो कुछ कुछ होता है की काजोल हो या कभी अलविदा न कहना में शाहरुख को शादी के बाद रानी मुखर्जी का मिलना हो..ऐसा उनकी फिल्मों में कॉमन है।

लेकिन है सच्चाई

लेकिन है सच्चाई

हालांकि उनकी फिल्में कितनी भी काल्पनिक हो लेकिन सच्चाई ही दिखाई जाती है जो किसी के साथ और किसी के लाइफ में भी हो सकती है।

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    English summary
    Karan Johar Birthday These Things Always Remain Same in His Movies.

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