कहानी की Band: पीके, कम से कम सुशांत की कॉस्ट्यूम तो चेंज कर देते
[नीति सुधा] आपने पीके देखी क्या? आमिर खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'पीके' रिलीज हो गई है। फिल्म को सिर्फ दर्शकों का ही नहीं, बल्कि समीक्षकों का भी प्यार मिल रहा है। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के मामले में थोड़ी पीछे है, लेकिन दर्शकों को लुभाने में सफल रही है। आमिर खान की शानदार अभिनय ने फिल्म में जान डाल दी है। धर्म और जात-पात के नाम पर हम जो मूर्खतापूर्ण भेदभाव करते हैं उन्हें 'पीके' चैलेंज करती है।
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हालांकि, फिल्म अभिनय के मामले में बेहतरीन होते हुए भी कहीं न कहीं एक कमी छोड़ती है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि अपनी हर फिल्म में सोशल मैसेज देने वाले राजकुमार हिरानी ने कोशिश अच्छी की है, लेकिन इस बार उनका मैसेज दर्शक के दिलों तक नहीं पहुंच पाया। फिल्म में कई जगह लॉजिक को पीछे छोड़ दिया गया, जिसकी उम्मीद हमें कम से कम आमिर और राजकुमार हिरानी की फिल्मों से नहीं थी। क्या आपने सोचा है कि फिल्म का नाम 'पीके' ही क्यों..जबकि फिल्म का नाम पीके, डीके, राम, श्याम, कुछ भी होता, कोई फर्क नहीं पड़ता।
बहरहाल, यहां हम आपको बताने जा रहे हैं 'पीके' की 8 ऐसी बातें जो आपको करेगी निराश और जिसने बजाई कहानी की बैंड:


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