दर्दनाक था कादर खान का बचपन, मस्जिद के बाहर मांगते थे भीख, ऐसे बने बॉलीवुड के लाडले सितारे

कादर खान... एक ऐसा नाम जो कि हर फील्ड में माहिर था। चाहें एक्टिंग यो फिर लेखन, कादर खान ने अपना लोहा मनवाया है। हालांकि वो अब हमारे बीच नहीं है लेकिन उनकी फिल्में कयामत तक उनका एहसास दिलाती रहेंगी।
लेकिन क्या आप जानते है कि कादर खान का जीवन काफी संघर्षों भरा रहा है। उन्होने हर एक सीढ़ी को काफी दुखों के साथ पार किया है और इस चकाचौंध वाली इंडस्ट्री में आने से पहले उनको कई डरावने अंधेरों से होकर गुजरना पड़ा है।
आज हम उनके इसी संघर्ष को लेकर बात करने वाले हैँ। कादर खान ने अपना परिवार पालने के लिए मस्जिद के बाहर खड़े होकर भीख भी मांगी है। उस वक्त कौन जानता था कि ये लड़का फिल्मी दुनिया का चहीता सितारा बन जाएगा।
झुग्गी झोपड़ी में रहते थे कादर खान
शायद ही कोई जानता होगा कि कादर खान बचपन में काफी गरीब थे और झुग्गी झोपड़ियों में रहते थे। पैसे नहीं होते थे तो उन्होने मस्जिद के बाहर भीख तक मांगी तक घर चल सके। कादर खान का जन्मदिन भी बलुचिस्तान में हुआ था। वहां पर लगातार उनके भाइयों की मौत हो रही थी इसलिए उनकी कादर खान को लेकर इंडिया आ गईं थीँ। उनका मानना था कि अफगानिस्तान की धरती उनके लिए शुभ नहीं है। मुंबई के रेड लाइट एरिया कमाटीपुरा में कादर खान का बचपन बीता।
माता- पिता का तलाक हो गया
जब कादर खान छोटे थे तभी उनके माता पिता का तलाक हो गया था। इस वजह से वो अपनी मां का सहारा बने और भीख मांगने लगे थे। हालांकि उनकी मां उनको पढ़ाना चाहती थी और वो जबरदस्ती स्कूल भेजे जाने लगे। इस दौरान वो स्कूल नहीं जाते थे बल्कि कब्रिस्तान में जाकर फिल्मी डायलॉग्स की नकल करते थे।
कैसे हुए फिल्मों में एंट्री?
कादर खान ने जैसे तैसे अपना ग्रेजुएशन पूरी किया और एक नाटक में उनको दिलीप कुमार ने देखा। दिलीप कुमार को वो बेहद पसंद आए और उनको फिल्म का ऑफर मिल गया। साल 1973 में उनको उनकी पहली फिल्म मिल गई जिसका नाम 'दाग' था। इसके बाद कादर खान ने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा।


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