Bhuvan Badyakar : खुद का घर छोड़ किराए के मकान में रह रहे हैं 'कच्चा बादाम' फेम भुवन

लोकप्रिय होना भी अपने आप में कीमत मांगती है। जो इसकी कीमत अदा कर पाता है, वहीं सर्वाइव कर पाता है। और जो इस कीमत को अदा नहीं कर पाता है, वह चकाचौंध से भरी ग्लैमर की दुनिया की अंधेरी गलियों में खोकर रह जाता है। कुछ ऐसा ही 'कच्चा बादाम' फेम भुवन बाद्यकर के साथ हुआ है। साल 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 'बादाम काकू' के नाम से फेमस हुए भुवन बाद्यकर आज अपना खुद का घर छोड़कर किराए के मकान में रहने पर मजबूर हो गये हैं। और यह घर उनसे किसी ने छिना नहीं है बल्कि अपनी खुद की नासमझी की वजह से उन्हें यह घर छोड़कर जाना पड़ा।
अब आप सोचने लगे होंगे कि ऐसा क्या हो गया कि 'कच्चा बादाम' गाने से रातों-रात फेमस हुए भुवन बाद्यकर के साथ ऐसा क्या हुआ कि उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ गया। दरअसल, यह कॉपीराइट का मामला है। जैसे ही पश्चिम बंगाल के जिले बीरभूम में रहने वाले भुवन बाद्यकर का गाना 'कच्चा बादाम' सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, इसके साथ ही साथ भुवन बाद्यकर को भी शोहरत और दौलत दोनों मिली। बीरभूम भुवन बाद्यकर ने अपना घर भी बनाया। लेकिन इस गाने के वायरल होने के कुछ दिनों बाद एक व्यक्ति ने आकर उनसे सादे कागज पर कॉपीराइट के लिए साइन करवा लिया था। यह क्या मामला है, भुवन को समझ में भी नहीं आया और नासमझी में उन्होंने सादे कागज पर साइन भी कर दिया।
इस साइन की वजह से भुवन बाद्यकर को इस वायरल गाने से जो रुपये मिलने चाहिए थे, वह भी नहीं मिल पा रहा है। इधर अड़ोस-पड़ोस के लोगों को लगता है कि भुवन बाद्यकर काफी धनी इंसान हैं। इसलिए उनसे तरह-तरह की मांग की जा रही हैं। इन सबसे परेशान होकर ही भुवन ने अपना घर छोड़कर किराए के मकान में रहने का फैसला लिया है। इस बारे में भुवन का कहना है, "मेरे गाने का कॉपीराइट है। इसलिए कहीं ना तो गाना गा पाता हूं और ना ही इस गाने से मुझे कोई रुपये मिलते हैं। लेकिन गांव के लोगों को लगता है कि गाना गाकर मेरे पास काफी रुपये हैं। इसलिए वह अपनी जरूरतों के समय मुझसे रुपये मांगते रहते हैं। लेकिन अपने गाने के बगैर मैं बेरोजगार हूं। इसलिए मजबूर होकर मैंने किराए पर घर लिया है।"


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