जॉनी लीवर का झुग्गियों में बीता बचपन, रोज़ होते थे मर्डर, बोले- स्कूल जाते वक़्त सड़क पर पड़ी रहती थी लाश

जॉनी लीवर बॉलीवुड इंडस्ट्री के एक जाने-माने अभिनेता है और आपको बता दें कि उनकी कॉमिक टाइमिंग को दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया गया। जॉनी लीवर को आज के सबसे मशहूर टॉम कॉमेडियंस में से एक माना जाता है। लेकिन उन्होंने अपने जीवन में काफी गरीबी देखी और एक वक्त पर वह झुग्गियों में रहते थे।
जॉनी लीवर ने इस पर बात करते हुए कहा था कि धारावी की झुग्गियों में उनका दिन बहुत ज्यादा बुरे तरीके से गुजरता था।उनके पिता शराब के आदी हो गए थे और इससे वह काफी ज्यादा तंग आ चुके थे। जॉनी लीवर ने आगे बताया कि जब वह सिर्फ 13 साल के थे तो एक दिन आत्महत्या करने के लिए रेल की पटरी तक पर चले गए थे। लेकिन उन्होंने अपनी तीन बहनों की वजह से ऐसा नहीं किया।
जॉनी लीवर ने ये भी बताया कि धारावी में रोजाना मर्डर हुआ करते थे। एक्टर ने बताया किरोजाना वह एक मर्डर देखते थे। कोई इंसान कहीं से कटा पड़ा रहता था तो कोई कहीं और से। हम लोगों का रास्ता वहीं से होकर गुजरता था। एक्टर तो बताते हैं कि जब वह तीसरी क्लास में पढ़ते थे तब एक दिन स्कूल जा रहे थे। तभी रास्ते में उन्हें दिखा कि किसी ने मर्डर करके बॉडी को फेंक दिया है।
जॉनी लीवर बताते हैं कि स्कूल जाते समय वह पूरे रास्ते डरते हुए गए थे। यहां तक की रास्ते में कटी फटी लाशों के बीच से ही उन्हें होकर गुजरना पड़ता था। एक्टर ने कहा कि उन्होंने बहुत बुरे दिन देखे हैं और कभी भी इस बारे में नहीं सोचा था कि अच्छे दिन देखने को मिल पाएंगे। लेकिन एक दिन वह आर्टिस्ट बन गए।
जॉनी लीवर ने तो यह भी बताया कि उन्होंने मुंबई के गैंगस्टर हाजी मस्तान और वरदराजन का जमाना भी देखा हुआ है। धारावी में वह रहा करते थे और वहां का एरिया वरदराजन के पास में था। जॉनी लीवर ने एक्टर बनने से पहले सड़कों पर पेन बेचने तक का काम किया है। वह फिल्मी सितारों की मिमिक्री करके पेन बेचा करते थे। इतना ही नहीं परिवार की आर्थिक स्थिति के चलते उन्होंने पढ़ाई पूरी नहीं की और सातवीं क्लास के बाद स्कूल ही छोड़ दिया था।


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