15 साल की उम्र में फिल्मों में रखा कदम, 14 साल रहीं मुख्यमंत्री, वेतन के तौर पर लेती थी एक रुपया

हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री कहीं जाने वाले जयललिता को बाद में अम्मा के नाम से पुकारा जाने लगा. यहां तक की आपको बता दें कि उन्होंने 14 वर्षों तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में भी काम किया. बता दें कि जयललिता का जन्म 24 फरवरी 1948 में हुआ था. लेकिन उनका निधन 5 दिसंबर 2016 में हो गया था. आज हम आपको जयललिता से जुड़े हुए कुछ किस बताने वाले हैं.
15 साल की उम्र में ही एक्टिंग करना किया शुरू
दरअसल आपको बता दें कि जयललिता जब 1 साल की हो गई थी तो उनका नाम जयललिता रखा गया. उनका नाम मैसूर में उनके दो घरों जय विलास और ललिता विलास के घरों पर रखा गया था. जहां पर वह रहा करती थी. लेकिन जब एक्ट्रेस 3 साल की हुई तो भारतीय शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम सीखना शुरू कर दिया. बहुत कम लोग जानते हैं कि जयललिता की मां संध्या जिनका असली नाम वेदवती था उन्होंने एक्ट्रेस को 15 साल की उम्र में ही तमिल फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के लिए मजबूर कर दिया. उस वक्त जयललिता एक छात्रा हुआ करती थी और राज्य स्तर पर टॉपर भी थी.
वकील बनना चाहती थी जयललिता
जयललिता हमेशा से ही वकील बनने का सपना देखी थी. लेकिन जब उन्होंने फिल्मों में एंट्री मारी तो उनकी पहली ही तमिल फिल्म काफी ज्यादा हिट चली गई थी. उनकी पहली तमिल फिल्म थी 'केवल वयस्क'. जिससे कि वह तमिल फिल्म इंडस्ट्री का एक जाना माना चेहरा बन गई. लेकिन उस समय उनकी उम्र 18 साल से कम थी और इसी के चक्कर में उन्होंने अपनी पहली ही फिल्म नहीं देखी. बताया तो ये भी जाता है कि जयललिता ने 85 तमिल फिल्मों में काम किया. उन्होंने एक हिंदी फिल्म इज्जत में भी काम किया था जो की हिट गई थी और इस मूवी में उनके साथ में धर्मेंद्र नजर आए थे.
जयललिता ने मुख्यमंत्री के तौर पर वेतन लेने से कर दिया इनकार
बाद में जयललिता ने राजनीति की तरफ रुख किया. बताया जाता है कि वह अपने सह कलाकार और मेंटर एमजीआर जो कि डीएमके के संरक्षक हुआ करते थे उनके कहने पर राजनीति में एक्ट्रेस ने कदम रखा था. जयललिता को प्रचार सचिव बना दिया गया था और उनके राजनीति में शामिल होने पर राज्यसभा के लिए भी उनको नामित कर दिया गया था. मुख्यमंत्री के तौर पर जयललिता सिर्फ ₹1 फीस लिया करती थी. उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में अपना पहला वेतन चेक ये कहकर आशीर्वाद कर दिया कि उनके पास आय के प्रचुर स्रोत है जिस वजह से उन्हें वेतन की कोई भी जरूरत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लोक सेवक के रूप में वेतन मिलना चाहिए. जिसके चलते उन्हें ₹1 का वेतन मिला करता था. जिसके चलते वह जनता के बीच में काफी प्रसिद्ध हो गई थी.
14 सालों तक तमिलनाडु की रही मुख्यमंत्री
जयललिता ने 14 सालों से ज्यादा तमिलनाडु की मुख्यमंत्री की पदवी संभाली. साल 1995 में एक्ट्रेस ने मुख्यमंत्री के रूप में पहले कार्यकाल के दौरान अपने दत्तक पुत्र सुधाकरण की शादी का एक भव्य आयोजन किया था. जो की गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज करवाया गया है. इस रिकॉर्ड की माने तो यह है शादी तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 50 एकड़ के ग्राउंड में हुई. उसे समय के हिसाब से इस शादी में 1.5 लाख से भी ज्यादा मेहमानों को आमंत्रित किया गया.


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