शादीशुदा नेता के प्यार में कुंवारी रह गईं एक्ट्रेस, मुख्यमंत्री के बुलावे पर जब पहुंचीं ऐसी जगह

कई सारी अभिनेत्रियां इंडस्ट्री में ऐसी रही है जो कि हमेशा विवादों से घिरी रही हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही अभिनेत्री के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने दो शादीशुदा एक्टर्स से प्यार किया। एक तो साउथ इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता थे तो दूसरे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन गए थे। अभिनेत्री ने दोनों ही एक्टर्स को शादी के लिए प्रपोज किया और फिर भी दोनों के साथ एक्ट्रेस के रिश्ते मुकाम तक नहीं पहुंच पाए।
हालांकि जब अभिनेत्री मुख्यमंत्री दफ्तर पहुंचती है तो पार्टी में उनके बढ़ते हुए रुतबे और अफेयर की चर्चा होने लगी। वैसे तो उन्होंने लाखों लोगों की जिंदगी परिवर्तित कर दी थी लेकिन अपनी निजी जिंदगी में प्यार के चलते वह मजबूर हो गई थी। दरअसल हम बात कर रहे हैं तमिलनाडु के छह बार मुख्यमंत्री रह चुकी जयललिता की। साल 1965 में उन्होंने इंडस्ट्री में कदम रखा। बता दे की अभिनेत्री ने साल 1961 से लेकर 1980 के बीच 140 फिल्मों में बताओ चाइल्ड आर्टिस्ट से लेकर लीड अभिनेत्री के रूप में भी काम किया। उनका राजनीतिक जीवन तो चर्चा में रहा लेकिन प्रेम प्रसंग भी खूबसूरत में रहा।
दरअसल बताया जाता है कि जयललिता एक्टर शोभन बाबू और एमजी रामचंद्रन के प्यार में दीवानी हो गई थी। शोभन बाबू साउथ सिनेमा के मशहूर एक्टर थे और एक फिल्मी पार्टी में जयललिता से उनकी मुलाकात हुई थी। एक्टर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ चेन्नई में रहते थे और शादीशुदा थे। लेकिन इसके बावजूद वह जयललिता से प्यार कर बैठे। दोनों के बीच सब कुछ सही चल रहा था और जब अभिनेत्री ने उन्हें शादी के लिए प्रपोज किया तो उन्होंने इनकार कर दिया।
जयललिता ने शोभन बाबू के साथ सबसे पहली फिल्म डॉक्टर बाबू बनाई और यह उनकी आखिरी फिल्म साबित हुई। इसके बाद एमजीआर के कहने पर अभिनेत्री ने इंडस्ट्री को छोड़ राजनीति में रुख किया। दोनों के काफी गहरे संबंध थे और जब जयललिता ने हिम्मत जताकर एमजीआर को शादी के लिए प्रपोज किया तो वह भी अपनी दूसरी पत्नी की वजह से उनको स्वीकार नहीं कर पाए थे। एमजीआर ही थे जिन्होंने राजनीति में आने के लिए जयललिता को प्रेरित किया।
धीरे-धीरे जयललिता का रुतबा बढ़ता गया और एक वक्त ऐसा आया जब लोग एमजीआर के साथ उनके रिश्ते को लेकर सवाल उठने लगे। बाद में दोनों ने दूरी बना ली थी। यहां तक की सार्वजनिक जगहों पर भी दोनों एक दूसरे से बात करने से भी कतराते थे। जयललिता ने कभी भी शादी नहीं रचाई। जब एमजीआर अस्पताल में भर्ती हुए तो जयललिता ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। जिससे कि एमजीआर से वह मिल पाए और अभिनेत्री को अस्पताल में घुसने भी नहीं दिया।
एमजीआर का बीमारी के चलते 24 दिसंबर 1987 में निधन हुआ। उनकी अंतिम यात्रा में जयललिता भी शामिल हुई थी। हर किसी को पता था कि उन्होंने अपनी जिंदगी के सबसे जरूरी शख्स को खोया। एमजीआर ने जयललिता को कुछ राजनीति के ऐसे सबक सीखने की साल 1991 में तमिलनाडु की वह सबसे कम उम्र की मुख्यमंत्री बन गई। इस दक्षिणी राज्य की वह छह बार मुख्यमंत्री बन चुकी थी। बाद में 5 दिसंबर साल 2016 में उनका निधन हो गया।


Click it and Unblock the Notifications













