अमिताभ के प्यार में जया ने सेक्रेटरी से छुपकर किया यह काम, लेकिन समझ गई यह सीनियर एक्ट्रेस

अमिताभ बच्चन और जया बच्चन बॉलीवुड के पावर कपल माने जाते हैं. बताया तो यह भी जाता है कि फिल्म अभिमान को दोनों नहीं मिलकर प्रोड्यूस किया. खाना किस को प्रोड्यूस करने का क्रेडिट उन्होंने नहीं लिया था. इस फिल्म के प्रोड्यूसर के रूप में अमिताभ बच्चन के सेक्रेटरी पवन और जया बच्चन के सेक्रेटरी सुशीला कामत का नाम दर्ज करवाया गया. जया उस समय फिल्म इंडस्ट्री में नहीं थी और इसी वजह से स्क्रिप्ट के चुनाव में उनकी मदद किया करती थी. सबसे पहले हर कहानी या फिर स्क्रिप्ट को सुशीला चेक करती थी. जो भी ठीक लगती थी उसे जया की तरफ बढ़ा दिया जाता था. लेकिन आपको बता दें कि जया बच्चन ने सुशीला को सारा काम हैंडल करने के लिए लिया लेकिन एक वक्त ऐसा आया जब उन्होंने दो फिल्मों की उन्हें कानो कान खबर तक लगने नहीं दी. जो कि उन्होंने सबसे पहले अमिताभ बच्चन के साथ में साइन कर ली.
जया-अमिताभ आने थे करीब
बता दें कि जया बच्चन ने सुशीला को बताए बगैर ही फिल्म साइन कर ली थी. जिनमें बंसी बिरजू और एक नजर जैसी फिल्म शामिल थी. दोनों फिल्में 1972 में ही रिलीज हुई थी और आपको बता दें कि सुशीला को इस बात की कानो कान खबर नहीं लगी कि कैसे, कब और क्यों इन फिल्मों को साइन किया गया है. हालांकि ये दोनों फिल्में चल नहीं पाई और इन दोनों में जया- अमिताभ एक दूसरे के काफी ज्यादा करीब आ गए थे. उस वक्त जया बच्चन तो इंडस्ट्री में अपनी जगह बना चुकी थी लेकिन अमिताभ उस समय स्ट्रगल करने में जुटे हुए थे.
एक्ट्रेस नादिरा को लगी भनक
इसी वजह से जया बच्चन ने यह दोनों फिल्में काफी कम कीमत पर साइन की जिससे कि अमिताभ की सहायता हो जाए. बता दें कि उस समय जया का नाम पर्दे पर जया भादुड़ी हुआ करता था. यह दोनों ही फिल्में फ्लॉप हो गई लेकिन अमिताभ को काम मिलने लग गया था. हालांकि आपको बता दें कि अमिताभ और जया के रोमांस की किसी को कानों कान खबर नहीं लगी. लेकिन कहा तो यह भी जाता है कि फिल्म एक नजर में जया बच्चन की मां का रोल निभाने वाली सीनियर एक्ट्रेस नादिरा फिल्म के सेट पर इस बात को समझ चुकी थी कि दोनों के बीच में कुछ ना कुछ चल रहा है.
अमिताभ को फ़िल्म में किया गया साइन
एक नजर फिल्म के दौरान अमिताभ बच्चन के दोस्त का किरदार अभय देओल के पिता यानी कि सुपरस्टार धर्मेंद्र के भाई अजीत सिंह देओल ने निभाया. इतना ही नहीं वह निर्माता मोहन खन्ना के काफी अच्छे दोस्त हुआ करते थे और इसी दोस्ती के चलते यह फिल्म साइन कर ली गई थी. साथ ही फिल्म में राजा मुराद पहली बार स्क्रीन पर दिखाई दिए थे और वह वकील की भूमिका में नजर आए थे.
1973 में रचाई जया-अमिताभ ने शादी
इसी के साथ-साथ आपको बता दें कि एक नजर में मजरूर सुल्तानपुरी का लिखा हुआ गाना पत्ता पत्ता बूटा बूटा... आज भी काफी ज्यादा सुर्खियों में रहता है. इन फिल्मों को करने के बाद में अमिताभ और जया के बीच में रोमांस बढ़ने लगा और दोनों ने 1973 में शादी रचा ली थी. इतना ही नहीं कहा तो यह भी जाता है कि सुशीला, जया की सेक्रेटरी नहीं थी बल्कि वह निर्माता- निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी की सहायक निर्देशक हुआ करती थी. जो कि उस वक्त जया बच्चन को इंडस्ट्री में नाम दिलाने के लिए उनकी सहायता किया करती थी.


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