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75 साल के हुए जावेद अख्तर, टॉप 10 नहीं, जानिए TOP 75 गाने

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गीतकार जावेद अख्तर आज अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। जावेद अख्तर का जन्म 17 जनवरी, 1945 में हुआ था। बॉलीवुड में जावेद अख्तर ने लेखक के तौर पर सलमान खान के पिता सलीम खान के साथ जोड़ी के तौर पर कदम रखा था।

लेकिन एक गीतकार के तौर पर जावेद अख्तर ने यश चोपड़ा की सिलसिला के साथ बॉलीवुड में कदम रखा था। यश चोपड़ा ने जावेद अख्तर को सिलसिला के गाने के लिखने के लिए काफी समय तक मनाया था।

इसके बाद तो जो हुआ वो हिंदी सिनेमा के इतिहास में दर्ज है। 80 के दशक से 2000 तक बॉलीवुड के पास दो ही बेहतरीन सितारे थे। पहले गुलज़ार और दूसरे जावेद अख्तर।

जावेद अख्तर की कलम से हर तरह के गीत निकले कभी देशभक्ति से भरे तो कभी जोश से लबालब। कभी प्यार की कशिश तो कभी जुदाई का दर्द। और कभी ज़िंदगी की कुछ बेहतरीन सीख।

उनके 75वें जन्मदिन पर हम लेकर आए हैं उनके बेस्ट 75 गीत जिन्हें पढ़कर आपका भी दिल खुश हो जाएगा -

#1 फिल्म - सिलसिला

#1 फिल्म - सिलसिला

गीत - ये कहां आ गए हम

ये रात है

या तुम्हारी ज़ुल्फ़ें खुली हुई हैं

है चाँदनी तुम्हारी नज़रों से

मेरी राते धुली हुई हैं

ये चाँद है

या तुम्हारा कँगन

सितारे हैं या तुम्हारा आँचल

हवा का झोंका है

या तुम्हारे बदन की खुशबू

ये पत्तियों की है सरसराहट

के तुमने चुपके से कुछ कहा है

ये सोचता हूँ मैं कबसे गुमसुम

कि जबकी मुझको भी ये खबर है

कि तुम नहीं हो

कहीं नहीं हो

#2 फिल्म - सागर

गीत - सागर किनारे

लहरों में नाचे किरणों की परियां

मैं खोई जैसे सागर में नदिया

सागर किनारे दिल ये पुकारे

तू जो नहीं, तो मेरा कोई नहीं है

#3 फिल्म - 1942 अ लव स्टोरी

गीत - एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा

जैसे सुबह का रूप

जैसे सर्दी की धूप

जैसे बीना की तां

जैसे रंगों की जान

जैसे बलखाए बेल

जैसे लहरों का खेल

जैसे खुश्बू लिए आए

ठंडी हवा

#4 फिल्म - मिस्टर इंडिया

गीत - ज़िंदगी की यही रीत है

ज़िंदगी रात भी है, सवेरा भी है ज़िंदगी

ज़िंदगी है सफर और बसेरा भी है ज़िंदगी

एक पल दर्द का दांव है, दूसरा सुख भरी छांव है

हर नए पल नया गीत है, ज़िंदगी की यही रीत है

#5 फिल्म - पापा कहते हैं

गीत - घर से निकलते ही

कुछ दूर चलते ही, रस्ते में है उसका घर

कल सुबह देखा तो बाल बनाती

वो खिड़की पे आई नज़र

#6 फिल्म - बॉर्डर

#6 फिल्म - बॉर्डर

गीत - संदेसे आते हैं

ऐ गुज़रने वाली हवा ज़रा

मेरा इतना काम करेगी क्या

मेरे गांव जा मेरे दोस्तों को सलाम दे

वहीं थोड़ी दूर है घर मेरा

मेरे घर में है, मेरी बूढ़ी मां

मेरी मां के पैरों को छूके तू

उसे उसके बेटे का नाम दे

संदेसे आते हैं हमें तड़पाते हैं

जो चिट्ठी आती है तो पूछे जाती है

कि घर कब आओगे, लिखो कब आओगे

कि तुम बिन आंगन सूना सूना है

#7 फिल्म - बॉर्डर

गीत - तो चलूं

ऐ जाते हुए लम्हो ज़रा ठहरो, ज़रा ठहरो

मैं भी तो चलता हूं, ज़रा उनसे मिलता हूं

जो एक बात दिल में है, उनसे कहूं

तो चलूं?

#8 फिल्म - सपने

गीत - चंदा रे

चंदा से पूछेंगे हम सारे सवाल निराले

झरने क्यों गाते हैं, पंछी क्यों मतवाले

और क्यों है सावन महीना घटाओं का

तितली के पर क्यों इतने रंगीन होते हैं

जुगनू रातों में जागे तो कब सोते हैं?

#9 फिल्म - मृत्युदंड

गीत - कह दो इक बार

कह दो इक बार सजना

इतना क्यों प्यार सजना

है मुझमें ऐसा भी क्या रे

बादल है तेरा काजल

अंबर है तेरा आंचल

सूरज है तेरी बिंदिया रे

#10 फिल्म - सरदारी बेगम

गीत - हुज़ूर इतना करम करते

ख़ुदा की महरबानी है के अच्छे हैं मगर ग़म है

ख़ुदा ने महरबानी की, सनम करते तो अच्छा था

हुज़ूर इतना अगर हम पर करम करते तो अच्छा था

तग़ाफ़ुल आप करते हैं सितम करते तो अच्छा था

#11 फिल्म - साज़

#11 फिल्म - साज़

गीत - बादल चांदी बरसाए

बादल चांदी बरसाए, रुनझुन रुनझुन

बूंदों के साज बजाए रूनझुन रुनझुन

पानी अपनी पायल धरती पर झनकाए

रूनझुन रुनझुन

#12 फिल्म - दिलजले

गीत - मेरा मुल्क मेरा देश

मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन

शांति का उन्नति का प्यार का चमन

इसके वास्ते निसार है

मेरा तन मेरा मन

ऐ वतन जानेमन

#13 - यस बॉस

गीत - बस इतना सा ख्वाब है

यार मेरे सुन ज़रा आरज़ू मेरी है क्या

मैं क्या बन जाना चाहता हूं

मान जा ऐ खुदा इतनी सी है दुआ मैं ज़्यादा नहीं मांगता

सारी दौलत सारी ताकत

सारी दुनिया पर हुकूमत

बस इतना सा ख्वाब है

#14 फिल्म - यस बॉस

गीत - अगर तुम कहो

अगर कहो तो मैं सुनाऊं तुम्हें हंसीं कहानियां

सुनो क्या मेरी ज़ुबानी तुम एक परी की दास्तां

या मैं करूं तुमसे बयां कि राजा से रानी मिली थी कहां

कहानियों के नगर में तुम्हें लेके जाऊं

अगर तुम कहो

#15 फिल्म - दरमियां

गीत - दुनिया पराई लोग यहां बेगाने

कोई बता दे हम क्यूं ज़िंदा है

हम क्यूं खुद से शर्मिंदा हैं

अपनी ही आंखों से गिरे हैं

हम बनके एक आंसू

माने कोई या नहीं माने

अपने ही देश में हम हैं परदेसी

कोई ना पहचाने

दिल पर जीते वो दिल ही जाने

दुनिया पराई लोग यहां बेगाने

#16 फिल्म - और प्यार हो गया

#16 फिल्म - और प्यार हो गया

गीत - मेरी सांसों में

आखों में तस्वीर है जैसे, तू मेरी तकदीर है वैसे

इस दिल से उस दिल तक जाती

धड़कन की ज़ंजीर हो जैसे

तू मेरे दिन में रातों में

खामोशी में बातों में

बादल के हाथों मैं भेजूं तुझको ये पयाम

तेरी याद हमसफर सुबहो शाम

#17 फिल्म - जीन्स

गीत - अजूबा

फूलों में जो खुश्बू कैसे वो आती है

तितली कहां से ये सारे रंग लाती है

हवा को बांसुरी बनाती है संगीत कैसे

कोयल सुनाती है ये इतने प्यारे गीत कैसे

धरती से अंबर से पर्वत से सागर से

हमने सुना प्यार अजूबा है

#18 फिल्म - डुप्लीकेट

गीत - कत्थई आंखों वाली

कत्थई आँखों वाली इक लड़की

एक ही बात पर बिगड़ती है

तुम मुझे क्यों नहीं मिले पहले

रोज कह कर मुझसे लड़ती है

#19 फिल्म - 1947 - अर्थ

गीत - ईश्वर अल्लाह

क़दम क़दम पर सरहद क्यों है

सारी ज़मीं जो तेरी है

सूरज के फेरे करती है

फिर भी कितनी अंधेरी है

इस दुनिया के दामन पर

इन्साँ के लहू का रंग है क्यों

ईश्वर अल्लाह तेरे जहां में

नफ़रत क्यों है, जंग है क्यों

तेरा दिल तो इतना बड़ा है

इन्साँ का दिल तंग है क्यों

#20 फिल्म - 1947 - अर्थ

गीत - रूत आ गई रे

रुत आ गई रे रुत छा गई रे

पीली-पीली सरसों फूले

पीले-पीले पत्ते झूमें

पीहू-पीइहू पपिहा बोले

चल बाग में

धमक-धमक ढोलक बाजे

छनक-छनक पायल छनके

खनक-खनक कंगना बोल

चल बाग में

चुनरी जो तेरी उड़ती है उड़ जाने दे

बिंदिया जो तेरी गिरती है गिर जाने दे

#21 फिल्म - फिर भी दिल है हिंदुस्तानी

#21 फिल्म - फिर भी दिल है हिंदुस्तानी

गीत - फिर भी दिल है हिंदुस्तानी

हम लोगों को समझ सको तो समझो दिलबर जानी

जितना भी तुम समझोगे उतनी होगी हैरानी

अपनी छतरी तुमको दे दे कभी जो बरसे पानी

कभी नए पैकट मे बेचे तुमको चीज़ पुरानी

फिर भी दिल है हिंदुस्तानी

#22 फिल्म - रिफ्यूजी

गीत - पंछी नदियां

पंछी नदियां पवन के झोंके

कोई सरहद ना इन्हें रोके

सरहदें इंसानों के लिए हैं

सोचो तुमने और मैंने

क्या पाया

इंसां होके?

#23 फिल्म - रिफ्यूजी

गीत - ऐसा लगता है

ऐसा लगता है जो ना हुआ होने को है

ऐसा लगता है अब दिल मेरा खोने को है

वरना दिल क्यों धड़कता

सांसे क्यों रूकती

नींदें मेरी क्यों उड़ जाती

#24 फिल्म - अभय

गीत - हंस दे

बेटा बोला - सुन लो डैडी मुझको मिल गई है एक लड़की

बस मैंने बात बता दी, उस ही से करूंगा शादी

डैडी ने पूछा - उसमें ऐसी क्या है खूबी

बेटा बोला - गाल पे उसके जो तिल है मेरा दिल है ले गया

डैडी ने कहा एक तिल के लिए पूरी लड़की से शादी करोगे क्या

अबे गधे - पूरी लड़की से शादी करोगे क्या

हंस दे, खिल खिल के हंस दे

#25 फिल्म - लगान

गीत - मधुबन में जो कन्हैया

गोपियां तारे हैं चांद है राधा

फिर क्यों है उसको बिस्वास आधा

कान्हा जी का जो सदा इधर उधर ध्यान रहे

राधा बेचारी को फिर अपने पे क्या मान रहे

गोपियां आनी जानी हैं, राधा तो मन की रानी है

सांझ सखा रे जमुना किनारे राधा राधा ही कान्हा पुकारे

#26 फिल्म - लगान

#26 फिल्म - लगान

गीत - ओ पालनहारे

चंदा में तुम्हई तो भरे हो चांदनी

सूरज में उजाला तुम्ही से

ये गगन है मगन

तुम्ही तो दिए हो इसे तारे

भगवन ये जीवन तुम्ही ना संवारोगे

तो क्या कोई संवारे

#27 फिल्म - लगान

गीत - चले चलो

चला ही चल हांफ नहीं कांप नहीं

राह में अब तू राही

थकन का सांप नहीं अब तुझे डंसने पाए

टूट गई जो उंगली उठ्ठी

पांचो मिली तो बन गई मुट्ठी

एका बढ़ता ही जावे चले चलो

#28 फिल्म - ज़ुबैदा

गीत - प्यारा सा गांव

आधी रात जब हो जाती है जब दुनिया सो जाती है

तारों से शहज़ादी उतर के मुन्ने के घर आती है

मीठे-मीठे सारे सपने अपने साथ वो लाती है

सोते मुन्ने की पलकों पे ये सपने वो सजाती है

सिरहाने वो आये हौले से वो गाये

दूर कहीं इक आम की बगिया

#29 फिल्म - ज़ुबैदा

गीत - धीमे धीमे

धीमे धीमे गाऊं, धीरे धीरे गाऊं हौले हौले गाऊं

तेरे लिए पिया

गुन गुन मैं गाती जाऊं

छुन छुन पायल छनकाऊं

सुन सुन कब से दोहराऊं

पिया

#30 फिल्म - ज़ुबैदा

गीत - समझे

मैं तो यही बस चाहूँ

के मुझको चाहो हर घड़ी तुम

कितनी मैं हसीं हूँ

मुझे समझाओ हर घड़ी तुम

मेरे दिल का तुमसे है कहना

बस मेरे ही रहना

नहीं तो

समझे

#31 फिल्म - अरमान

#31 फिल्म - अरमान

गीत - मेरी ज़िंदगी में आए हो

तुमसे पहले देखे कब थे

मैने ये ख़्वाबों के कारवाँ

तुम जो आए तुम हो लाए

अनकही अनसुनी दास्ताँ

ओ सुनो ज़रा

मेरा दिल भी हाय वो कहानी दोहराए

मेरी ज़िन्दगी में

मेरी ज़िन्दगी में आए हो और ऐसे आए हो तुम

जो घुल गया है साँसों में वो गीत लाए हो तुम

#31 फिल्म - चलते चलते

गीत - सुनो ना

तुमने ना जाना कि मैं दीवाना

लेकर आया हूं दिल का नज़राना

मेरे दिल की है जो दास्तां

सुनो ना सुनो ना सुन लो ना

हमसफर मुझी को चुन लो ना

#32 फिल्म - चलते चलते

गीत - चलते चलते

दुनिया जो पूछे तो क्या हम कहें

कोई ये हमको समझा दे

ठेस लगी तो पल में टूट गए

शीशे के थे क्या सब वादे

चलते चलते

गुम कहां रास्ते हो गए

क्या पता कहां हम चले

#33 फिल्म - कल हो ना हो

गीत - कल हो ना हो

चाहे जो तुम्हें पूरे दिल से

मिलता है वो मुश्किल से

ऐसा जो कोई कहीं है

बस वही सबसे हंसी है

उस हाथ को तुम थाम लो

वो मेहरबां कल हो ना हो

#34 फिल्म - LOC कारगिल

गीत - मैं कहीं भी रहूं

कैसे भूले बिछड़ने का वो पल मुझे

अब भी कर देता है जैसे पागल मुझे

मुझसे आंसू छिपा के वो जाना तेरा

देखने फिर वो खिड़की पे आना तेरा

#35 फिल्म - LOC कारगिल

गीत - सुनो जाने वाले

घर के ये कमरे आंगन द्वारे

राह तकेंगे ये भी तो सारे

खाली रहेगी कुर्सी तुम्हारी

प्यासी रहेगी फूलों की क्यारी

तरसेगा तुमको सारा घराना

#36 - फिल्म - LOC कारगिल

#36 - फिल्म - LOC कारगिल

गीत - एक साथी और भी था

खामोश है जो ये वो सदा है

वो जो नहीं है वो कह रहा है

साथियों तुमको मिले जीत ही जीत सदा

बस इतना याद रहे इक साथी और भी था

जाओ जो लौट के तुम घर हो खुशी से भरा

#37 फिल्म - LOC कारगिल

गीत - प्यार भरा गीत

प्यार भरा गीत कोई देखो पिया तुमको गाना ही होगा

समझा करो मुश्किल मेरी चाहूं ना चाहूं मुझको जाना ही होगा

पिया मेरे तन मन, मेरे प्यार के बंधन दो पल तुम्हें रोकते हैं

कोई जाता हो तो पीछे से उसको ऐसे नहीं टोकते हैं

सौतन मेरी क्या है कोई, जल्दी है क्यों समझाना ही होगा

#38 फिल्म - तहज़ीब

गीत - ना शिकवा होता

दर्द की याद में भी दर्द है बेहतर ये था

अपने ज़ख़्मों का हिसाब हम ने न रखा होता

मेरी मजबूरी को गर आप ने समझा होता

#39 फिल्म - लक्ष्य

गीत - कितनी बातें

कितनी बातें कहने की हैं

होठों पर जो सहमी सी हैं

एक रोज़ इन्हें सुन लो

क्यों ऐसे गुमसुम हो

कितनी बातें याद आती हैं

तस्वीरें सी बन जाती हैं

मैं कैसे इन्हें भूलूं

दिल को क्या समझा दूं

#40 लक्ष्य

गीत - कंधों से मिलते हैं कंधे

इक चेहरा अक्सर मुझे याद आता है

इस दिल को चुपके चुपके वो तड़पाता है

जब घर से कोई भी ख़त आया है

कागज़ को मैंने भीगा भीगा पाया है

#41 फिल्म - वीर ज़ारा

#41 फिल्म - वीर ज़ारा

गीत - ऐसा देस है मेरा

तेरे देस को मैंने समझा तेरे देस को मैंने जाना

जाने क्यों ये लगता है मुझको जाना पहचाना

यहां भी वही शाम है वही सवेरा

ऐसा ही देस है मेरा, जैसा देस है तेरा

#42 फिल्म - वीर ज़ारा

गीत - दो पल रूका

तुम थे के थी कोई उजली किरण

तुम थे या कोई कली मुसकाई थी

तुम थे या सपनों का था सावन

तुम थे के खुशियों की घटा छाई थी

दो पल रूका ख्वाबों का कारवां

और फिर चल दिए तुम कहां हम कहां

#43 फिल्म - वीर ज़ारा

गीत - तेरे लिए

क्या कहूं दुनिया ने किया मुझसे कैसा बैर

हुकुम था मैं जियूं, लेकिन तेरे बगैर

नादां हैं वो कहते हैं जो मेरे लिए तुमको गैर

तेरे लिए हम हैं जिएं होठों को सिए

दिल में मगर जलते रहे यादों के दीए

#44 फिल्म - मैं हूं ना

गीत - तुम्हें जो मैंने देखा

इतनी क्यों तुम खूबसूरत हो

कि सबको हैरत हो

दुनिया में सचमुच भी रहती है परियों से भी ज़्यादा प्यारी सी

लड़की कोई

तुम्हें जो मैंने देखा तुम्हें जो मैंने जाना

जो होश था वो तो गया

क्यों हवा आज यूं गा रही है

#45 फिल्म - मैं हूं ना

गीत - मैं हूं ना

किसका है ये तुमको इंतज़ार मैं हूं ना

देख लो इधर तो एक बार मैं हूं ना

खामोश क्यों हो जो भी कहना है कहो

दिल चाहे जितना प्यार उतना मांग लो

तुमको मिलेगा उतना प्यार मैं हूं ना

#46 फिल्म - क्यों हो गया ना

#46 फिल्म - क्यों हो गया ना

गीत - प्यार में सौ उलझने हैं

चाहत की बातों में समझो तो बस धोखा है

ये बातें सुनने से अपने दिल को हमने तो रोका है

प्यार में यूं तो कसमें और वादे भी होते हैं

लेकिन कसमें वादे जो मानें वो बाद में रोते हैं

#47 फिल्म - स्वदेस

गीत - ये तारा वो तारा

देखी है तुमने है धनक तो बोलो रंग कितने हैं

सात रंग कहने को फिर भी संग कितने हैं

सबसे पहले समझो तो रंग होते अकेले तो

इंद्रधनुष बनता ही नहीं

एक ना हम हो पाएं तो अन्याय से लड़ने को

होगी कोई जनता ही नहीं

सीधी बात है समझो यारा

#48 फिल्म - स्वदेस

गीत - स्वदेस

तुझसे ज़िंदगी है ये कह रही

सब है पा लिया, अब है क्या कमी

ये जो देस है तेरा स्वदेस है तेरा

तुझे है पुकारा

ये वो बंधन है जो कभी टूट नहीं सकता

मिट्टी की है जो खुश्बू वो कैसे भुलाएगा

तू चाहे कहीं जाए तू लौट के आएगा

#49 फिल्म - स्वदेस

गीत - पल पल है भारी

राम ही तो करूणा में हैं, शांति में राम हैं

राम ही हैं एकता में प्रगति में राम हैं

राम बस भक्तों नहीं शत्रु के भी चिंतन में है

देख तज के पाप रावण राम तेरे मन में है

मन से रावण जो निकाले राम उसके मन में है

#50 फिल्म - स्वदेस

गीत - यूं ही चला चल

मन अपने को कुछ ऐसे हल्का पाए

जैसे कंधों पे रखा बोझ हट जाए

जैसे भोला सा बचपन फिर से आए

बरसों में जैसे कोई गंगा नहाए

#51 फिल्म - किसना

#51 फिल्म - किसना

गीत - किसना

प्यार में डूबी प्यार में खोई

प्यार की धुन में जागी ना सोई

दुनिया से है वो अनजानी

सब कहते हैं प्रेम दीवानी

किसना से मिलती है भूल के हर बंधन

किसना की माला ही जपती है वो जोगन

नैनों में सांसों में मन में किसना

हर पल है जीवन में जिसकी किसना

वो राधा है

#52 फिल्म - मंगल पांडे

गीत - मंगल मंगल

जागे नगर सारे

जागे है घर सारे

जागा है अब हर गांव

जागी है बगिया तो

जागे है पेड़ और

जागी है पेड़ों की छाव

मंगल मंगल, मंगल मंगल, मंगल मंगल हो

#53 फिल्म - दिल जो भी कहे

गीत - कितनी नरमी से

कितनी नरमी से कितने धीमे से

दिल में आती है दबे पांव मोहब्बत और फिर

धड़कनों में चुपके ये डोलती है

रंग सा ज़िंदगी में घोलती है

आंखों आंखों में जैसे बोलती है

हौले से धीरे से कितनी नरमी से

#55 फिल्म - किसना

ख्वाबों में कोई क्यूं है यूं रहता

ए दिल तू क्यूं मुझसे है ये कहता

वो मेरा रस्ता भी है, और वो ही मंज़िल

वो मेरा सागर भी है, और वो ही साहिल

कैसी बता ये बेताबियां हैं

हम चलते चलते आए कहां हैं

दिल-ए-बेक़रार

यही होता प्यार है क्या

#55 फिल्म - नमस्ते लंदन

गीत - तेरी याद साथ है

कहीं तो दिल में यादों की इक सूली गढ़ जाती है

कहीं हर एक तस्वीर बहुत ही धुंधली पड़ जाती है

कोई नयी दुनिया के नए रंगों में खुश रहता है

कोई सब कुछ पाके भी ये मन ही मन कहता है

कहने को साथ अपने एक दुनिया चलती है

पर छुपके इस दिल में तन्हाई पलती है

बस याद साथ है

#56 फिल्म - कभी अलविदा ना कहना

#56 फिल्म - कभी अलविदा ना कहना

गीत - मितवा

तेरी निगाहें पा गई राहें

पर तू ये सोचे जाऊं ना जाऊं

ये ज़िंदगी जो है नाचती तो

क्यों बेड़ियों में हैं तेरे पांव

प्रीत की धुन पर नाच ले पागल

उड़ता अगर है उड़ने दे आंचल

#57 फिल्म - कभी अलविदा ना कहना

गीत - कभी अलविदा ना कहना

तुमको भी है खबर मुझको भी है पता

हो रहा है जुदा दोनों का रास्ता

दूर जाकर भी मुझसे तुम मेरी यादों में रहना

कभी अलविदा ना कहना

#58 फिल्म - कभी अलविदा ना कहना

गीत - तुम्हीं देखो ना

मैं तो अनजान थी यूं भी होगा कभी

प्यार बरसेगा यूं टूटके

सच ये इकरार है

सच यही प्यार है

बाकी बंधन है सब झूठ के

तुम्हीं देखो ना ये क्या हो गया

तुम्हारा हूं मैं और तुम मेरी

मैं हैरान हूं, तुम्हें क्या कहूं

ये दिन में हुई कैसी चांदनी

#59 फिल्म - ता रा रम पम

गीत - साईंयां वे

इक बनजारा इकतारे पर कब से गाए

जीवन है एक डोर

डोर उलझे ही जाए

आसानी से गिरहे खुलती नहीं हैं

मन वो हठीला है जो फिर भी सुलझाए

#60 फिल्म - ता रा रम पम

गीत - ता रा रम पम

हो अगर कभी कोई ग़म तो बिल्कुल ना तुम घबराना

बस रहे यकीन ये तुमको खुशियों को तो है पाना

रात है तो सवेरा भी होगा

है सफर तो बसेरा भी होगा

गम के आगे मुस्कुरा के गाएं हम

तारा रम पम

#61 फिल्म - ओम शांति ओम

#61 फिल्म - ओम शांति ओम

गीत - मैं अगर कहूं

तुमको पाया है तो जैसे खोया हूं

कहना चाहूं भी तो तुमसे क्या हूं

किसी ज़बां में भी वो लफ़्ज़ ही नहीं

कि जिनमें तुम हो क्या तुम्हें बता सकूं

मैं अगर कहूं तुमसा हंसीं

कायनात में नहीं है कोई

तारीफ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं

#62 फिल्म - ओम शांति ओम

गीत - अजब सी

तेरे साथ साथ ऐसा कोई नूर आया है

चांद तेरी रोशनी का हल्का सा एक साया है

तेरी नज़रों ने दिल का किया जो हशर

असर ये हुआ

अब इनमें ही डूब के हो जाउं पार यही है दुआ

#63 फिल्म - ओम शांति ओम

गीत - जग सूना जग सूना

छन से जो टूटे कोई सपना

जग सूना सूना लागे

कोई रहे ना जब अपना

ये क्यूं होता है

जब ये दिल रोता है

रोएं सिसक सिसक के हवाएं

जग सूना लागे

#64 फिल्म - गोल

गीत - बिल्लो रानी

ये हैं जो मजनूं इन्हें क्या मैं समझूं

रोज़ हो जाते हैं ये किसी ना किसी पे फिदा

आज इसके पीछे कल उसके पीछे

क्या ठिकाना है इनका कि हो जाएं कब लापता

इनकी मोहब्बत रेशम का जाल है

दीवानगी भी इनकी इक चाल है

#65 फिल्म - जोधा अकबर

गीत - जश्ने बहारा

कैसे कहें क्या है सितम

सोचते हैं अब ये हम

कोई कैसे कहे वो हैं या नहीं हमारे

करते तो हैं साथ सफर

फासले हैं फिर भी मगर

जैसे मिलते नहीं किसी दरिया के दो किनारे

#66 फिल्म - जोधा अक़बर

#66 फिल्म - जोधा अक़बर

गीत - इन लम्हों के दामन

इन लम्हों के दामन में पाक़ीज़ा से रिश्ते हैं

कोई क़लमा मोहब्बत का दोहराते फरिश्ते हैं

ख़ामोश सी है ज़मीं हैरान सा फ़लक़ है

एक नूर ही नूर सा अब आसमां तलक़ है

#67 फिल्म - जोधा अक़बर

गीत - ख़्वाजा मेरे ख़्वाजा

तेरे दरबार में ख्वाजा

सर झुकातें है औलिया

तू है उनलवली ख्वाजा

रुतबा है प्यारा

चाहने से तुझको ख्वाजा जी

मुस्तफ़ा को पाया

ख्वाजा मेरे ख्वाजा

#68 फिल्म - रॉक ऑन

गीत - सात दिन

मेरी लॉन्ड्री का एक बिल

एक आधी पढ़ी नॉवेल

एक लड़की का फोन नंबर

मेरे काम का एक पेपर

मेरे ताश से हार्ट का किंग

मेरा एक चांदी का रिंग

पिछले सात दिनों में मैंने खोया

कभी खुद पे हंसा मैं

और कभी खुद पे रोया

#69 फिल्म - रॉक ऑन

गीत - सिंदबाद द सेलर

सब ने कहा था इन समंदरों में जाना नहीं

लहरों के पीछे जाके कुछ भी है पाना नहीं

वो अपनी ही धुन में चला

वो सुनता था दिल की कहां

उसके थे जो सपने वही उसके थे अपने

ऐसा था सिंदबाद द सेलर

#70 फिल्म - वेक अप सिड

गीत - इकतारा

सुन रही हूं सुधबुध खोके

कोई मैं कहानी

पूरी कहानी है क्या किसे है पता

मैं तो किसी की होके ये भी ना जानी

रूत है ये दो पल की या रहेगी सदा

जो बरसे सपने बूंद बूंद

नैनों को मूंद मूंद

कैसे मैं चलूं

देख ना सकूं

अनजाने रास्ते

#71 फिल्म - दिल चाहता है

#71 फिल्म - दिल चाहता है

गीत - कैसी है ये रूत

देखो नदी के किनारे

पंछी पुकारे किसी पंछी को

देखो ये जो नदी है मिलने चली है सागर ही को

कैसी है ये रूत कि जिसमें फूल बनके दिल खिले

घुल रहे हैं रंग सारे घुल रही हैं खुश्बुएं

चांदनी झरने घटाएं गीत बारिश तितलियां

हम पे हो गए हैं सब मेहरबां

#72 फिल्म - दिल चाहता है

गीत - दिल चाहता है

दिल चाहता है, बीते कभी ना चमकीले दिन

दिल चाहता है हम ना रहे कभी यारों के बिन

दिन दिन भर हो प्यारी बातें

झूमें शामें गाएं रातें

मस्ती में रहे डूबा डूबा हमेशा समां

हमको राहों में यूं ही मिलती रहे खुशियां

#73 फिल्म - दिल चाहता है

गीत - कोई कहे

सपनों का जो देस है हां हम वहीं है पले

थोड़े से दिलफेंक हैं, थोड़े से हैं मनचले

हमारे लिए ही तो है आसमां और ज़मीं

सितारे भी हम तोड़ लेंगे हमें है यकीं

आगे हैं हम पीछे है सारा ज़माना

#74 फिल्म - दिल चाहता है

गीत - जाने क्यों

प्यार बेकार की मुसीबत है

प्यार ज़िंदगी की ज़रूरत है

प्यार से हम दूर ही अच्छे

प्यार के सब रूप हैं सच्चे

प्यार के घाट जो उतरते हैं

डूबते हैं ना फिर उबरते हैं

प्यार तो खैर सभी करते हैं

जाने क्यों आप ही मुकरते हैं

#75 फिल्म - आएशा

गीत - शाम

सुहानी सुहानी है ये कहानी जो ख़ामोशी सुनाती है

जिसे तुने चाहा होगा वो तेरा मुझे वो ये बताती है

मैं मगन हूं पर ना जानू कब आनेवाला है वो पल

जब हौले हौले धीरे धीरे खिलेगा दिल का ये कमल

शाम भी कोई जैसे है नदी लहर लहर जैसे बह रही है

कोई अनकही कोई अनसुनी बात धीमे धीमे कह रही है

English summary
Lyricist Javed Akhtar has turned 75 and we have compiled his best 75 songs which will make your day poetic.
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