इंटीमेट सीन के कारण फिल्में नहीं कर पाते था जावेद जाफरी, बोले- मेरे अंदर सेंसर लगा है

जावेद जाफरी अपनी एक्टिंग और कॉमेडी के बलबूते पर एक नई पहचान कायम कर चुके हैं. इतना ही नहीं एक्टर अश्लील कॉमेडी के खिलाफ है और उनका मानना है कि पैनइंडिया फिल्मों के कारण प्रतियोगिता काफी ज्यादा बढ़ती जा रही है. एक्टर कहते हैं कि दर्शकों को भी अच्छी फिल्मों के लिए प्रोत्साहन देना बहुत ही जरूरी है. अब अच्छी फिल्में बनी ही नहीं रही है. आपको जानकार हैरानी होगी लेकिन आपको बता दें कि जावेद जाफरी ने सेक्सुअल सीन के कारण कई सारे ऑफर्स को भी लात मार दी.
दर्शकों को अच्छी फिल्मों को देना चाहिए प्रोत्साहन
जावेद जाफरी हिंदुस्तान को एक यूनिक मुल्क मानते हैं और वह कहते हैं कि सोशल मीडिया पर सिर्फ 5% लोग अच्छा कंटेंट बना रहे हैं. एक्टर ने एक इंटरव्यू के दौरान इस बात का खुलासा किया कि फिल्म बनाने से लेकर देखने वाले तक की जिम्मेदारी बहुत ही अहम होती है. अगर कोई फिल्म बनाता है और दर्शक थिएटर में देखने ही नहीं जाते हैं तो ऐसी फिल्में बनना बंद हो जाती हैं. कोशिश यही रखनी चाहिए कि नॉर्मल लव स्टोरी से अलग कुछ बनाया जाए. दर्शकों को भी अच्छी फिल्मों को प्रोत्साहन देना चाहिए क्योंकि इंडस्ट्री में एक बिजनेस होता है और यहां पर पैसा भी लगा दिया जाता है.
कोविड-19 के बाद इंडस्ट्री पर पड़ा असर
एक्टर कहते हैं कि ओटीटी के कारण कॉन्पिटिशन बढ़ता जा रहा है. इंटरनेट के कारण आप कहीं से भी बैठकर वर्ल्ड सिनेमा का लुफ्त उठा सकते हैं. 2018 में आई हुई फिल्म 'बधाई हो' को सिनेमाघरों में अगर रिलीज किया जाए तो शायद वह इतनी नहीं चलेगी क्योंकि कोविड -19 के दौरान से बहुत कुछ बदल चुका है. अगर कोई भरपूर परिवार वाला आदमी है तो वह एक साथ 2500 से 3000 रुपए खर्च करने के लिए पहले कई बार सोचेगा.
एक्टर ने कहा 'मेरे अंदर है सेंसर'
जावेद जाफरी ने इस बात का भी खुलासा किया कि जब भी उन्हें किसी भी फिल्म के लिए ऑफर आता है तो सबसे पहले वह डायरेक्टर कौन है, एक्टर कौन सा किरदार निभाने वाले हैं और कहानी को मद्दे नजर रखते हुए वह फिल्म के लिए आगे बढ़ते हैं. एक्टर ने आगे यह भी कहा कि "मेरे अंदर खुद ही एक सेंसर है जो कि मुझे बता देता है कि मुझे क्या करना है और किस तरह की चीजें मैं नहीं कर पाऊंगा. कई बार ऐसी चीजें भी सामने आई जिसमें सेक्सुअल सीन थे और मुझे ऐसा लगा कि मैं इन सब चीजों को करने के लिए सहज नहीं हूं और ऐसा मेरे साथ में 4 से 5 बार हुआ."
सोशल मीडिया के कंटेंट को 5% ही बताया लायक
जावेद जाफरी ने सोशल मीडिया पर बन रहे कंटेंट को सिर्फ 5% ही लायक बताया है. बाकी के कंटेंट को उन्होंने सिर्फ बकवास का नाम दिया. एक्टर कहते हैं कि उस 5% में अगर कोई आगे बढ़ता है तो यह काफी खुशी की बात होती है. पहले के जमाने में मुंबई जाकर एक एक्टर को अपने जूते कितने पढ़ते थे कि कोई हमारी फोटो देख ले या फिर हमारा ऑडिशन ले ले. लेकिन अब सोशल मीडिया के माध्यम से यह काफी आसान हो गया है और आप घर बैठे एक वीडियो डाल सकते हैं. यह हॉलीवुड में बैठा इंसान भी देख सकता है कि आप कैसा काम कर रहे हैं. अब लोगों के साथ में कनेक्ट होना भी बहुत आसान हो चुका है.


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