For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    पर्दे पर नशीली आंखों के साथ इरफान खान के 10 बेस्ट डायलॉग - हमारी तो गोली पर भी ताली पड़ती है

    |

    हमारी तो गोली पर भी ताली पड़ती है। साहेब बीबी और गैंगस्टर फिल्म में इरफान खान का ये डायलॉग उनके फिल्मी सफर की तरह रहा है। सिनेमा के पर्दे पर जैसे ही उनकी अदायगी दिखी तो लोगों ने कहा, वाह आ गया असली हीरो। जी हां, इरफान खान की यादगार फिल्मों की फेहरिस्त लंबी है। लेकिन उनकी सभी फिल्मों की सबसे बड़ी खूबी रही है डायलॉग।

    नशीली आंखें और गजब की डायलॉग डिलीवरी, ये हमेशा से इरफान के एक्टिंग की पहचान रही है। वो कहते हैं ना अभिनेता वो होता है जो अपनी आंखों से बोलता है। इरफान बिल्कुल ऐसे ही रहे हैं। उनके मदारी फिल्म का डायलॉग उनके निधन के बाद हमेशा सिनेमा याद रखेगा।

    मदारी फिल्म में एक सीन के दौरान इरफान ने कहा , तुम मेरी दुनिया छीनोगे, मैं तुम्हारी दुनिया में घुस जाऊंगा। फिलहाल इस वक्त हालात ऐसे ही हैं।

    अभिनेता इरफान खान का निधन, फैंस का टूटा दिल कहा- वक्त गलत है, लैजेंड मरते नहीं, पढ़ें रिएक्शन !अभिनेता इरफान खान का निधन, फैंस का टूटा दिल कहा- वक्त गलत है, लैजेंड मरते नहीं, पढ़ें रिएक्शन !

    इरफान चले गए अपनी एक नई दुनिया में लेकिन सिनेमा की दुनिया में उनकी जगह हमेशा बरकरार रहेगी। चलिए आज इरफान के उन्हीं दमदार डायलॅाग की एक झलक देखते हैं...जो कि हमेशा यादगार रहेगी।

    करीब करीब सिंगल (2017)

    करीब करीब सिंगल (2017)

    टोटल तीन बार इश्क किया,और तीनों बार ऐसा इश्क मतलब जानलेवा इश्क, मतलब घनघोर हद पार

    पीकू (2015)

    पीकू (2015)

    डेथ और शिट, किसी को, कहीं भी, कभी भी,आ सकती है..

    हासिल (2003)

    हासिल (2003)

    और जान से मार देना बेटा, हम रह गए ना, मारने में देर नहीं लगायेंगे, भगवान कसम

    लाइफ इन मेट्रो (2017)

    लाइफ इन मेट्रो (2017)

    ये शहर हमें जितना देता है, बदले में कहीं ज्यादा हम से ले लेता है

     ये साली जिंदगी (2011)

    ये साली जिंदगी (2011)

    लोग सुनेंगे तो कहेंगे चू**** आशिकी के चक्कर में मर गया, और लौन्डिया भी नहीं मिली।

    कसूर(2001)

    कसूर(2001)

    आदमी जितना बड़ा होता है...उसके छुपने की जगह उतनी ही कम होती है..

    पान सिंह तोमर(2012)

    पान सिंह तोमर(2012)

    बीहड़ में बागी होते हैं, डकैत मिलते हैं पार्लियामेंट मां..

    जज्बा( 2015)

    जज्बा( 2015)

    शराफत की दुनिया का किस्सा ही खत्म, अब जैसी दुनिया वैसे हम

    गुंडे (2014)

    गुंडे (2014)

    पिस्तौल की गौली और लौंडिया की बोली जब चलती है, तो जान दोनों में ही खतरे में होती है।

    डी डे (2013)

    डी डे (2013)

    गलतियां भी रिश्तों की तरह होती है, करनी नहीं पड़ती, हो जाती है

    English summary
    Irrfan khan passes away here read his most famous dialogues of best movies, here read
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X