Release Rewind: हम साथ साथ हैं - क्यों ब्लॉकबस्टर ना होते हुए भी ब्लॉकबस्टर हुई ये फिल्म
सूरज बड़जात्या की फिल्म हम साथ साथ हैं की रिलीज़ को आज पूरे 20 साल हो चुके हैं। ये फिल्म कई मायनों में खास थी। पहले तो इस फिल्म ने मल्टीस्टारर कास्ट के नाम पर उस समय इंडस्ट्री के कुछ सबसे बड़े और चर्चित नाम को एक साथ इकट्ठा किया।
देखा जाए तो ये फिल्म हर किसी के करियर के लिहाज़ से शानदार थी। एक तरफ तबू थीं, जिन्होंने अपने करियर में दोबारा इस तरह पारिवारिक बहू का किरदार नहीं निभाया। वहीं दूसरी तरफ करिश्मा कपूर और सैफ अली खान थे जिन्होंने अपने चुलबुले अंदाज़ से इस फिल्म को खास बनाया था।

लेकिन सही मायनों में ये फिल्म बेहद खास थी सलमान खान और सोनाली बेंद्रे के लिए। उनकी केमिस्ट्री एक ही फिल्म के साथ इतनी शानदार बनी कि आज तक लोगों को याद है। बात की जाए सलमान खान के प्रेम की, तो सूरज बड़जात्या के प्रेम ने सलमान खान को उनके करियर का बेस्ट दिया।
हम साथ साथ हैं, 5 नवंबर 1999 में रिलीज़ हुई थी। फिल्म ब्लॉकबस्टर तो नहीं थी लेकिन दर्शकों का एक वर्ग आज भी फिल्म का दीवाना है। प्यार और परिवार को इतने सलीके से शायद ही किसी ने उतारा हो जैसा कि सूरज बड़जात्या ने। ढूंढने की कोशिश करते हैं वो कारण जो कुछ भी खास न होते हुए भी हम साथ साथ हैं एक खास वर्ग के दिल को छू गई।


Click it and Unblock the Notifications












