सीता और गीता की चाची ने झेले दुख, पति से हुईं अलग, मुश्किलों में बीता आखिरी वक़्त

हेमा मालिनी की फिल्म सीता और गीता को साल 1972 में रिलीज किया गया था। फिल्म में चाचा कौशल्या का किरदार निभा कर घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस मनोरमा आज किसी भी पहचान की मोहताज नहीं है। उन्हें ज्यादातर फिल्मों में मां और सास का किरदार निभाते हुए देखा गया है। उन्होंने 6 दशकों तक इंडस्ट्री पर राज किया और कई सारी फिल्मों में काम किया।
मनोरमा ने हिंदी सिनेमा में काफी बेहतरीन काम किया और बाल कलाकार के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने विलेन और कॉमिक कैरेक्टर के किरदार भी निभाई। अभिनेत्री का जन्म 1926 में पाकिस्तान के लाहौर में एक आयरिश मां और भारतीय इसी पिता के घर पर हुआ। उनका नाम एरिन इस्साक रखा गया। मनोरमा के माता-पिता दोनों को ही संगीत बहुत पसंद था। इसी के चलते एक्ट्रेस ने डांस और म्यूजिक में भी ट्रेनिंग ली थी।
मनोरमा ने एक बार स्कूल में परफॉर्म किया और तभी एक प्रोड्यूसर ने उन्हें देख लिया। वह उन्हें कास्ट करना चाहते थे और मनोरम के पिता ने एक्टिंग के लिए मंजूरी नहीं दी। लेकिन इसके बावजूद फिल्म मेकर ने मनोरमा के पिता को जैसे तैसे मना लिया। यही वो समय था जब एरिक इस्साक से उनका नाम मनोरमा पड़ा। एक बाल कलाकार के रूप में उन्होंने साल 1941 में खजांची नाम की एक फिल्म से कैरियर की शुरुआत की।
मनोरमा के निजी जीवन की बात करें तो उन्होंने राजन हकसर के साथ में शादी रचाई और वह भी एक अभिनेता थे। बाद में राजन फिल्मों के निर्माता बन गए थे। शादी के बाद एक्ट्रेस को विलेन और कॉमिक रोल ऑफर होने लगे। कुछ साल बाद राजन और मनोरमा का तलाक हुआ। मनोरमा ने आखिरी बार अकबर खान की हादसा फिल्म में साल 1983 में काम किया था।
इसके बाद मनोरमा ने टीवी इंडस्ट्री की तरफ रुख किया और दस्तक सीरीज में काम किया। इस सीरीज में शाहरुख खान भी नजर आए थे। मनोरमा ने सीरियल कुटुंब में भी हितेन तेजवानी की दादी का किरदार निभाया। साल 2007 में उन्हें स्ट्रोक आया और फिर वह ठीक हो गई। उनको बोलने में दिक्कत होती थी। उनका चेहरा भी काफी बिगड़ गया था। फिर 15 फरवरी 2008 को मुंबई में उन्होंने अंतिम सांस ली। मनोरमा की एक बेटी भी है जिसका नाम है रीता हक्सर है।


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