हेमा मालिनी के इस फ़िल्म को ठुकराने के बाद डायरेक्टर ने उन्ही की हमशक्ल को किया कास्ट

सन 1975 में रिलीज हुई फिल्म 'शोले' के बाद डायरेक्टर रमेश सिप्पी की दूसरी ब्लॉकबस्टर एक्शन थ्रिलर फिल्म 'शान' भी रिलीज हुई थी. बता दें कि इस फिल्म को 1980 में रिलीज किया गया था. इस फिल्म में सुनील दत्त और शशि कपूर के साथ-साथ राखी गुलजार, बिंदिया गोस्वामी, परवीन बॉबी, शत्रुघ्न सिन्हा और अमिताभ बच्चन भी नजर आए थे. बता दें कि इस फिल्म को एकदम शोले की तर्ज पर बनाया गया था. बता दें कि डायरेक्टर इसके लिए शोले फिल्म की स्टार कास्ट धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के साथ-साथ अमिताभ बच्चन और संजीव कुमार को लेना चाहते थे, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया.
हेमा मालिनी की हमशक्ल बनी बिंदिया गोस्वामी
आईएमबीडी की एक रिपोर्ट की मानें तो आपको बता दें कि फिल्म में विजय कुमार की भूमिका पूरी तरह से धर्मेंद्र के लिए लिखी गई थी और रेनू की भूमिका हेमा मालिनी के लिए लिखी गई थी. लेकिन रमेश सिप्पी के साथ एक विवाद के चलते हेमा और धर्मेंद्र ने इस फिल्म को नहीं किया. बाद में अमिताभ बच्चन ने रोल प्ले किया.हालांकि आपको बता दें कि पहले अमिताभ बच्चन, रवि कुमार की भूमिका निभाने वाले थे. लेकिन जब धर्मेंद्र फिल्म से बाहर हुए तो उन्होंने उनकी भूमिका निभाई. जिसके बाद में शशि कपूर ने रवि कुमार की भूमिका निभाई और दर्शकों का दिल जीत लिया. इस फिल्म में शशि कपूर के ऑपोजिट में रेनू की भूमिका हेमा मालिनी की हमशक्ल बिंदिया गोस्वामी ने निभाई.
हेमा के मना करने पर डायरेक्टर ने बिंदिया को किया कंफर्म
कुछ खबरों की माने तो आपको बता दें कि फिल्म से पहले धर्मेंद्र बाहर हो गए थे और वही हेमा मालिनी का फिल्म में काम करने का मन था. उन्होंने डायरेक्टर रमेश को यह भी दिलासा दिलाया था कि वह धर्मेंद्र के जाने के बाद भी इस फिल्म में काम करेंगी. लेकिन शशि कपूर के जरिए रमेश के कानों तक यह बात पहुंच गए कि हेमा मालिनी फिल्म से बाहर जाना चाहती हैं. लेकिन डायरेक्टर दुविधा में आ गए. जिस वजह से रमेश नहीं है मां को कहा कि वह खुद को फिल्म में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं करें. आपके लिए यही अच्छा होगा कि आप खुद ही फिल्म से बाहर हो जाएं. जिस वजह से आखिरी तारीख पर हेमा मालिनी से मिलती जुलती शक्ल वाली एक्ट्रेस बिंदिया गोस्वामी को फिल्म में फाइनल कर लिया गया.
डायरेक्टर रमेश ने बनाई शोले जैसी फिल्म
बताया तो यह भी जाता है कि यह वाली नहीं कहते हैं छोड़ने के बाद में रमेश सिप्पी, शशि कपूर के ऑपोजिट किसी टॉप एक्ट्रेस को लेना चाहते थे. जिस वजह से उन्होंने रेखा, मौसमी चटर्जी और नीतू सिंह जैसी अभिनेत्रियों को भी लेना चाहा था, लेकिन किसी से बात नहीं बन पाई. जिस वजह से आखिरी तारीख पर उन्होंने बिंदिया गोस्वामी को इस भूमिका के लिए चुन लिया. बता दें कि शशि कपूर के साथ एक्टिंग करने के लिए वह काफी ज्यादा छोटी थी. इसके बावजूद भी उन्होंने काम किया. डायरेक्टर के इस फैसले को लेकर धर्मेंद्र काफी ज्यादा हैरान हो गए थे. बता दें कि इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर भी काफी ज्यादा अच्छा प्रदर्शन रहा.


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