धर्मेंद्र की दूसरी बीवी बनकर जब पहली बार प्रेग्नेंट हो गई थी हेमा मालिनी, सास ने हसीना से कही थी ऐसी बात

बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्रियों में शुमार हेमा मालिनी आज भी लोगों के लिए उनकी ड्रीम गर्ल है. आज भी हेमा मालिनी से लोग उतना ही प्यार करते हैं जितना कि उनकी जवानी के दिनों में करते थे. हेमा मालिनी ने बॉलीवुड में 1968 में फिल्म 'सपनों के सौदागर' से अपने अभिनय की शुरुआत की थी. धमाकेदार शुरुआत के बाद उन्होंने 'सीता और गीता', 'धर्मात्मा', 'शोले', 'सत्ते पर सत्ता', 'वीर जारा' जैसी कई यादगार फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया. 1980 में अभिनेता धर्मेंद्र के साथ हेमा मालिनी ने शादी कर अपनी जिंदगी की नई शुरुआत की .
हेमा मालिनी और धर्मेंद्र का परिवार
अभिनेता धर्मेंद्र के साथ शादी करने के बाद हेमा मालिनी ने दो प्यारी प्यारी बेटियों को जन्म दिया, जिनका नाम ईशा देओल और अहाना देओल रखा गया. आपको बता दें कि इससे पहले धर्मेंद्र की प्रकाश कौर से शादी हो चुकी थी, जिनसे उनको दो बेटे सनी देओल और बॉबी देओल और दो बेटियां विजिता देओल और अजिता देओल थे.
बायोग्राफी में हुआ खुलासा
राम कमल मुखर्जी द्वारा लिखी गई हेमा मालिनी की जिंदगी पर बायोग्राफी में कई खुलासे हुए हैं. बियॉन्ड द ड्रीम गर्ल में हेमा मालिनी ने अपनी पहली गर्भावस्था के दौरान अपने साथ के साथ हुई एक घटना का भी जिक्र किया है. घटना के बारे में बताते हुए हेमा मालिनी ने कहा कि परिवार में किसी को बताए बिना वह एक डबिंग स्टूडियो में गई थी, अपनी पहली बड़ी बेटी ईशा देओल को जन्म देने के बाद वह बिना किसी को बताए जब स्टूडियो पहुंची तो वहां पर उनकी मुलाकात अपनी सास सतवंत गौर से हुई थी जिसके बाद उनकी सासू मां ने उन्हें बहुत सारा प्यार और आशीर्वाद दिया था.
'हेमा मालिनी का कहना है कि धर्म जी की मां सतवंत कौर भी उतनी ही नरम और दयालु थी, मुझे याद है कि कैसे एक बार जब मैं ईशा को जन्म दिया था तब वह जुहू के एक डबिंग स्टूडियो में मुझसे मिलने आई थी उन्होंने घर में किसी को सूचित नहीं किया था मैंने उनके पैर छुए उन्होंने मुझे गले लगाया और कहा बेटा खुश रहो हमेशा मैं खुश थी कि वह मुझसे खुश थी'.
हेमा मालिनी की बायोग्राफी में यह भी लिखा हुआ है कि जब उनके ससुर केवल किशन सिंह देओल उनके पिता के घर जाते थे उनके पिता या भाई को हाथ कुश्ती में हरा देते थे. बाद में हेमा के ससुर जी उन्हें भी ना खाने के लिए भी चिढ़ाया करते थे.
वह ( हेमा मालिनी के ससुर) चाय के लिए मेरे पिता (हेमा मालिनी के पिता)या भाई से मिलने के लिए आते थे हाथ मिलाने के बजाय वह उनसे हाथ मिलाते थे और उन्हें हराने के बाद मजाक में कहते थे तुम लोग घी-मक्खन, लस्सी खाओ ,इडली और सांभर से ताकत नहीं आती. मेरे पिता हंसी में शामिल हो जाते थे वह(हेमा मालिनी के ससुर) बहुत ही खुश मिजाज व्यक्ति थे.


Click it and Unblock the Notifications