हेमा मालिनी-डिंपल कपाड़िया ने ठुकरा दी थी ये फ़िल्म, नई नवेली एक्ट्रेस की चमकी किस्मत, टिकट के लिए लगी थी लाइन

आज से 45 साल पहले जब हिंदी सिनेमा में रोमांटिक फिल्म रिलीज होती थी तो उसे वक्त काफी ज्यादा बवाल मच जाता था. ऐसा इसीलिए क्योंकि भारतीय समाज उसे समय इतना ज्यादा खुला हुआ नहीं था. अगर फिल्म के दौरान एक जवान लड़का और एक खूबसूरत एक्ट्रेस कम और पारदर्शी कपड़ों में देखे जाते थे तो बॉक्स ऑफिस पर इस कदर बवाल मच जाता था कि कई बार लोग प्रदर्शन करने तक बैठ जाते थे. लेकिन आज हम आपको एक ऐसी फिल्म के बारे में बताने वाले हैं जो कि85 लाख में बनकर बॉक्स ऑफिस पर 4.5 करोड़ की कमाई करके ले गई थी. इस फिल्म से जीनत अमान रातों-रात स्टार बन गई. दरअसल हम बात कर रहे हैं फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम की. जिसे हेमा मालिनी और डिंपल कपाड़िया के साथ-साथ विद्या सिन्हा को सबसे पहले ऑफर किया गया था.
फिल्म को सेंसर बोर्ड से मिला यू सर्टिफिकेट
इन तीनों अभिनेत्रियों ने ज्यादा छोटे कपड़े होने की वजह से इस फिल्म को करने से साफ इनकार कर दिया और बाद में इस फिल्म में जीनत अमान को पारदर्शी साड़ी में दिखाया गया. एक्ट्रेस के ऐसे सीन की वजह से सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को यू सर्टिफिकेट दे दिया था. लेकिन इसके बावजूद भी दर्शकों द्वारा इस फिल्म को काफी पसंद किया गया और इसकी ब्लैक में भी खूब टिकटें बिकी थी.
डायरेक्टर फिल्म में करना चाहते थे लता मंगेशकर को कास्ट
हेमा मालिनी और डिंपल कपाड़िया को राज कपूर की पहली पसंद नहीं माना जाता है. बता दें कि वह चाहते थे कि इस फिल्म में लता मंगेशकर लीड किरदार निभाए. ऐसा इसीलिए क्योंकि फिल्म की कहानी के पीछे एक बेहद ही महान गायिका की प्रेरणा बनी थी. इस फिल्म के दौरान शारीरिक और आत्मिक प्रेम के फर्क को बयान करने की कोशिश की गई थी.
राज कपूर ने अपनी किताब में लिखी है ऐसी बात
कुछ खबरों के अनुसार किताब 'राज कपूर स्पीक्स' में डायरेक्टर सत्यम शिवम सुंदरम को लेकर लिखते हैं कि "मैंने तो एक ऐसे आदमी की कल्पना की जो की सामान्य शक्ल सूरत वाली एक लड़की पर फिदा हो जाता. लेकिन उसे लड़की की आवाज काफी ज्यादा मधुर होती है और इसी वजह से मैं लता मंगेशकर को इस फिल्म में लेना चाहता था."
जीनत अमान और शशि कपूर की दिखाई गई केमिस्ट्री
जानकारी के लिए आपको बता दें कि फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम में जीनत अमान और शशि कपूर को लीड किरदार में दिखाया गया था और दोनों की केमिस्ट्री भी दर्शकों द्वारा काफी ज्यादा पसंद की गई थी. यहां तक कि इस फिल्म के गाने भी काफी ज्यादा जबरदस्त थे. इस फिल्म का संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने तैयार किया. तो वहीं ज्यादातर गाने लता मंगेशकर की आवाज में रिकॉर्ड किए गए. लेकिन इस फिल्म का टाइटल ट्रैक काफी ज्यादा लोकप्रिय हुआ.


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