3 शादियां, 3 अफेयर होने के बाद भी इस एक्टर को नहीं मिला सच्चा प्यार, हुई दर्दनाक मौत

बॉलीवुड में कई ऐसे नामी सितारे आए हैं जिन्होंने अपनी बेहतरीन अदाकारी और अंदाज से लोगों का दिल जीत लिया है। वहीं एक एक्टर ऐसा भी है जिसने एक लंबा समय फिल्म इंडस्ट्री को दिया है। जी हां, हम बात कर रहे हैं सुपरस्टार गुरुदत्त की। गुरुदत्त ने साल 1946 में प्रभात स्टूडियो की फिल्म हम एक हैं से बतौर कोरियोग्राफर अपना करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्हें फिल्म में एक्टिंग करने का मौका भी मिला। गुरुदत्त ने आरपार, कागज के फूल, प्यासा, काला बाजार, चौदहवीं का चांद, साहिब बीबी और गुलाम, सुहागन जैसी कई हिट फिल्में की हैं। बता दें कि जितना बेहतरीन उनका फिल्मी करियर था उनकी पर्सनल लाइफ उनकी ही दर्दभरी रही है चलिए जानते हैं कुछ बातें गुरुदत्त के बारे में।
9 जुलाई 1925 में बैंगलूरू में जन्मे गुरुदत्त का नाम था वसंत कुमार। बचपन उनका बैंगलुरू में बीता था, लेकिन बाद में वह कोलकाता चले गए थे। कोलकाता में रहते रहते उन्हें कोलकाता से प्यार हो गया। जिसके बाद ही उन्होंने अपना नाम वसंत कुमार से बदलकर गुरुदत्त रख लिया था। इस दौरान उन्हें कोरियोग्राफर बनने का शौक चढ़ा और फिर उन्होंने अल्मोढ़ा जाकर डांस सीखा फिर सीधे वह सपनों की नगरी मुंबई पहुंच गए।
अपने करियर के साथ ही उन्होंने अपना परिवार बढ़ाना चाहा और उन्हें किसी से प्यार हो गया यह लड़की विजया थी, लेकिन दोनों का रिश्ता लंबा नहीं चला और जल्द ही दोनों अलग हो गए। इसके बाद गुरुदत्त ने परिवार द्वारा चुनी गई लड़की से शादी करने का फैसला किया। उन्होंने हैदराबाद की रहने वाली सुवर्णा से शादी की, लेकिन अफसोस की बात यह है कि उनका यह रिश्ता भी नहीं चला। जल्द ही दोनों ने अपने रास्ते अलग कर लिए थे।
सुवर्णा के बाद गुरुदत्त की मुलाकात गीता से हुई। गीता संगीत जगत से वास्ता रखती थीं। वे कई भाषाओं में गाना गा चुकी थीं। गुरुदत्त को गीता की मीठी आवाज से प्रेम हो गया। वह गीता के लिए कई लोगों और नामी डायरेक्टर से लड़ जाया करते थे। वहीं गीता भी मन ही मन गुरुदत्त को पसंद करने लगीं दोनों ही शादी करना चाहते थे इसलिए दोनों ने साल 1953 में सात फेरे ले लिए। गीता से गुरुदत्त को 3 बच्चे हुए, लेकिन दोनों के रिश्ते में आए दिनों खटार पैदा होती रही।
वहीं शादीशुदा और 3 बच्चों के पिता गुरुदत्त की मुलाकात साउथ हसीना वहीदा रहमान से हुई। उनसे मिलते ही गुरुदत्त वहीदा को दिल दे बैठे थे। दोनों के प्यार और अफेयर के चर्चे आए दिनों हेडलाइन बन जाते। दोनों के अफेयर की खबरें सुन गुरुदत्त और उनकी पत्नी के बीच झगड़ा होने लगा। इसके बाद यह पूरी कहानी पति पत्नी और वो के बीच ही फंसी रही।
ऐसा माना जाता है कि 3 अफेयर और 3 शादियां करने के बाद भी गुरुदत्त को सच्चा प्यार नहीं मिला। बताया यह भी जाता है कि गुरुदत्त का अंत भी दर्दनाक था। 30 जुलाई 1972 को उनका निधन हुई था। गुरुदत्त अपने बिस्तर पर मृत पाए गए थे लोगों का मानना है कि उनका निधन अधिक शराब पीने की वजह से हुआ था।


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