चौकीदार की नौकरी, प्यार के लिए परिवार से बगावत Birthday Boy गुरमीत चौधरी के बारे में कुछ खास बातें

टीवी इंडस्ट्री में काम मिलना आसान नहीं होता है, लेकिन अगर कोई मुश्किलों को पार करने का हौसला रखता है तो उसे कामयाबी जरूर मिलती है। कुछ ऐसा ही छोटे पर्दे के एक्टर गुरमीत चौधरी के साथ हुआ। बिहार के एक छोटे शहर में जन्मे गुरमीत एक्टर बनने का सपना संजोए मायानगरी मुंबई आए। मुंबई आने के बाद उनका सच्चाई से सामना हुआ कि एक्टिंग में सफलता मिलना आसान नहीं होता है। फिर क्या था, गुरमीत अपने हिस्से की मेहनत करने में जुट गये। किस्मत ने साथ दिया और कुछ अच्छे रोल भी मिले जिसके बाद गुरमीत को कभी पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं हुई। इस बीच गुरमीत की नजरें देबिना बनर्जी से टकराई और दोनों में पहले दोस्ती और फिर प्यार हो गया। लेकिन प्यार की यह राह भी कहां आसान होने वाली थी। दोनों ने अपने प्यार के लिए परिवार से बगावत कर दी। 22 फरवरी को गुरमीत चौधरी अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो गुरमीत 'खामोशियां', 'वजह तुम हो', 'पलटन' जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं।
आइए आपको बर्थडे बॉय गुरमीत चौधरी के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं :

बिहार के छोटे से शहर से मुंबई तक का सफर :
गुरमीत चौधरी का जन्म बिहार के भागलपुर में हुआ था। आज भले ही गुरमीत किसी पहचान के मोहताज ना हो लेकिन एक समय ऐसा था जब एक्टर बनने का सपना लिए मुंबई आए गुरमीत को छोटे-मोटे नौकरियों से अपना गुजारा करना पड़ता था। गुरमीत ने अपने स्ट्रगल के दिनों में मुंबई के कोलाबा में एक स्टोर पर चौकीदार की नौकरी किया करते थे। बचपन से ही गुरमीत एक्टर बनने का सपना देखते थे। कहा जाता है कि जब गुरमीत छोटे थे, उस समय वह दिखने में शशि कपूर जैसे लगते थे। इसलिए लोग उन्हें स्कूल में शशि के नाम से ही पुकारते थे। एक्टर बनने के लिए गुरमीत बचपन से ही मेहनत भी किया करते थे। अपने स्कूल के दिनों में गुरमीत चौधरी एक्टिंग किया करते थे और अपने एक्टिंग स्किल को निखारने के लिए दूसरों से सीखने की कोशिश करते थे।

मॉडलिंग में आजमाई किस्मत :
सिर्फ 19 साल की उम्र में गुरमीत चौधरी ने एक्टिंग के क्षेत्र में अपने करियर को बनाने के लिए मुंबई में रहना शुरू कर दिया था। गुरमीत ने अपने स्ट्रगलिंग दौर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। उन्होंने मिस्टर जबलपुर का खिताब भी अपने नाम किया था और मिस्टर इंडिया बनने की दौर में भी शामिल हुए थे। गुरमीत चौधरी को मुंबई में अपनी जगह बनाने में इस खिताब ने काफी मदद भी की थी। एक एक्टर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत करने से पहले गुरमीत ने कई विज्ञापनों में काम किया था और उनकी पहली सैलरी महज 1.5 हजार रुपये ही थी।

गीत से मिला बड़ा ब्रेक :
साल 2010 में गुरमीत चौधरी को सीरियल 'गीत हुई सबसे पराई' में काम करने का मौका मिला। इस शो में उन्हें लीड रोल करने का मौका मिला। यह उनके करियर के लिए एक बड़ा ब्रेक था, जिसके बाद उनकी मुश्किलें थोड़ी आसान जरूर हो गयी थी लेकिन पूरी तरह से खत्म नहीं हुई थी। इस शो ने गुरमीत को घर-घर में पहचान दिलायी। इसके बाद गुरमीत ने रामायण के लिए ऑडिशन दिया और वह सिलेक्ट भी हो गये। इस शो में देबिना बनर्जी ने सीता का किरदार निभाया था। काफी कम लोगों को पता है कि रामायण से पहले करीब 3 सालों तक गुरमीत के पास कोई काम नहीं था।

प्यार के लिए परिवार से बगावत :
गुरमीत चौधरी की मुलाकात देबिना बनर्जी से साल 2004 में हुई थी। दोनों को पहली नजर में ही एक-दूसरे से प्यार हो गया था। जब इस बात का पता गुरमीत के परिवार को चला तो वे इस शादी के खिलाफ हो गये। देबिना बंगाली परिवार से थी और गुरमीत बिहारी। लेकिन दोनों हार कहां मानने वाले थे। उन्होंने भाग कर शादी कर ली। इसके बाद परिवार को मनाया और अपनी शादी के 10 साल पूरे होने पर दोनों ने परिवार वालों के सामने सारे रीति-रिवाजों का पालन करते हुए फिर से शादी की। इस साल का बर्थडे गुरमीत के लिए काफी स्पेशल होने वाला है क्योंकि इस साल गुरमीत अपनी दोनों बेटियों के साथ अपना बर्थडे सेलिब्रेट करेंगे।


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