इमरान हाशमी मजबूरी में बने थे एक्टर, सीरियल किसर का मिला टैग, दादी थी 50 के दशक की मशहूर अभिनेत्री

Emraan Hashmi Career: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता इमरान हाशमी को सीरियल किसर कहा जाता है। बता दें कि उन्होंने मर्डर और जहर जैसी बेहतरीन फिल्मों में भी काम किया है। बहुत कम लोगों को पता है कि इमरान हाशमी ने आवारा गर्दी करने की सजा के तौर पर फिल्मों में एंट्री मारी थी। उनकी दादी मेहरबानो 50 के दशक की बेहतरीन अभिनेत्री हुआ करती थी।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि महेश भट्ट और मुकेश भट्ट, मेहरबानो की बहन शिरीन के बेटे बताए जाते हैं। इस लिहाज से अगर देखा जाए तो इमरान हाशमी, महेश और मुकेश के भतीजे लगेंगे। इमरान हाशमी शुरू से ही पढ़ाई में कुछ खास नहीं थे और वह एक ग्राफिक डिजाइनर बनना चाहते थे।
हालांकि आपको बता दें कि इमरान हाशमी का ज्यादातर वक्त गली के नुक्कड़ में दोस्तों के साथ में बीत जाता था। एक दिन फिर मुकेश भट्ट ने उन्हें नुक्कड़ पर खड़ा हुआ देख लिया और काफी नाराज हो गए। घर जाकर उन्होंने एक्टर की दादी से कहा कि "ये नुक्कड़ पर क्यों खड़ा रहता है, इसको मेरे पास भेज दो।"
लेकिन इमरान हाशमी की दादी को ऐसा लगता था कि एक्टर की ना तो शक्ल हीरो वाली है और ना उनमें कोई भी टैलेंट है। हालांकि इसके बावजूद भी उन्होंने मुकेश के पास इमरान को भेज दिया। कुछ वक्त बाद महेश भट्ट के होम प्रोडक्शन विशेष फिल्म के बैनर तले 'ये जिंदगी का सफर' फ़िल्म में इमरान को हीरो के तौर पर कास्ट किया गया।
लेकिन शूटिंग के वक्त इमरान हाशमी की एक्टिंग बहुत ज्यादा खराब थी और उनका रवैया भी लोगों के साथ में बिल्कुल ठीक नहीं था। इसी के चलते उन्हें पहली फिल्म से निकाल दिया गया था और उनकी जगह पर जिमी शेरगिल को फिल्म में कास्ट कर लिया गया था। जब ऐसा हुआ तो इमरान के एगो को ठेस पहुंची और उन्होंने हीरो बनने का ठान लिया।
इमरान हाशमी बाद में रोज सेट पर जाकर बैठ जाते और हीरो बनने के गुण को सीखते। इमरान का डेडीकेशन देख मुकेश ने उन्हें फिल्म 'फुटपाथ' में साइन किया। पहले ही सीन में इमरान बहुत ज्यादा नर्वस हो गए थे और उन्होंने 40 टेक लिए। डबिंग में बहस की वजह से उनकी जगह विक्रम को उनकी वॉइस डब करनी पड़ गई थी। फिल्म 'मर्डर' से इमरान को पापुलैरिटी हासिल हुई और आगे चलकर उन्होंने कई और हिट फिल्मों में काम किया।


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