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    लाखों में बना दूरदर्शन रामायण का हर एक एपिसोड, 53 देशों में सबसे महंगा शो, तगड़ी डिटेल !

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    दूरदर्शन पर रामायण अपने दोबारा से टेलीकास्ट के साथ फिर से चर्चा में बना हुआ है। इसकी वजह सिर्फ शो का फिर से शुरू होना नहीं है बल्कि शो से जुड़ी वो सच्चाई है जिसे जानना हम सबके लिए जरूरी है कि कैसे ये शो देश का नंबर 1 शो पहले ही बन चुका है।

    रामायण को बनाना और टेलीकास्ट करना निर्माता रामानंद सागर के लिए आसान नहीं था। इसकी योजना बनाने और स्क्रीन पर उतारने में उन्हें दो साल लग गए।

    दूरदर्शन रामायण के विभीषण की मौत, रेलवे ट्रैक पर मिली थी डेड बॉडी, वजह आयी सामने !दूरदर्शन रामायण के विभीषण की मौत, रेलवे ट्रैक पर मिली थी डेड बॉडी, वजह आयी सामने !

    पहले पैसे की दिक्कत और फिर जब ये टेलीकास्ट हुआ तो बीबीसी की रिपोर्ट अनुसार इसे 53 देशों में दिखाया गया। चलिए जानते हैं कि रामायण के हर एपिसोड के पीछे कितने लाख खर्च होते। जो कि आज के हिसाब से करोड़ों हैं। यहां पढ़िए डिटेल रिपोर्ट..

    रामायण के हर एपिसोड के पीछे 9 लाख खर्च

    रामायण के हर एपिसोड के पीछे 9 लाख खर्च

    80 के समय लोगों के लिए एंटरटेनमेंट मतलब केवल दूरदर्शन हुआ करता था। ऐसे में उस पर रामायण लाना रामानंद सागर के लिए जितना मुश्किल था, उतना रिस्क से भरा भी रहा है। मीडिया रिपोर्ट अनुसार इसके हर एपिसोड के पीछे 9 लाख खर्च किए जाते थे।

    रामायण के कुल 78 एपिसोड

    रामायण के कुल 78 एपिसोड

    रामायण के कुल मिलाकर 78 एपिसोड टेलीकास्ट किए गए। ऐसे में आप गिनती कर लीजिए कि इस शो का पूरा खर्च कितने करोड़ के करीब पहुंचा होगा। दूरदर्शन ने इस शो से 23 करोड़ रुपए का राजस्व पाया।

    1976 में फिल्म छोड़ने का रामानंद सागर का फैसला

    1976 में फिल्म छोड़ने का रामानंद सागर का फैसला

    रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर ने बताया कि 1976 में हमस्विट्जरलैंड में शूटिंग कर रहे थे। वहीं पर पिताजी ने रंगीन टीवी देखा और फिर फैसला किया कि वह अब फिल्में छोड़कर टीवी पर शो बनायेंगे।

    रामायण के फंड के लिए प्रेम सागर विदेश गए

    रामायण के फंड के लिए प्रेम सागर विदेश गए

    रामानंद सागर ने भारत आने के बाद बेटे प्रेम को विदेश जाकर अपने दोस्तों से फंड लाने को कहा ताकि रामायण बनाई जा सके। उन्होंने एक पैम्फलेट भी दिया। जिस पर रामायण और कृष्ण के बारे में जानकारी थी। लेकिन खाली हाथ बेटे प्रेम की वापसी हुई।

    व्रिकम और बेताल बनाया फिर की रामायण की प्लानिंग

    व्रिकम और बेताल बनाया फिर की रामायण की प्लानिंग

    प्रेम सागर ने कहा कि रामायण से पहले पिता ने व्रिकम और बेताल बनाया। इसके सफल होने के बाद रामानंद सागर ने फैसला किया कि वह रामायण को वैसे ही बनायेंगे जैसी प्लानिंग उन्होंने की है।

    इस तरह लाखों खर्च हुए रामायण पर

    इस तरह लाखों खर्च हुए रामायण पर

    विक्रम और बेताल के हिट होने के बाद रामानंद सागर को स्पॅान्सर्स मिल गए। विक्रम बेताल के हर एपिसोड पर 1 लाख खर्च किया गया। रामायण के हर एपिसोड को रामानंद सागर ने अपनी योजना के हिसाब से 9 लाख खर्च करने बनाया।

    9 लाख के हिसाब से 99 लाख

    9 लाख के हिसाब से 99 लाख

    अगर अंदाजा लगाया जाए तो 1987 में 9 लाख यानी कि आज के हिसाब से ये 99 लाख होते हैं। तब केवल भीड़ जुटाने में लाखों चले जाते थे। सेट खुद बनाया जाता था। किसी तरह की तकनीकी तब नहीं होती थी।

    लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स अनुसार रामायण

    लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स अनुसार रामायण

    साल 2003 के लिम्का बुकऑफ रिकॉर्ड्स अनुसार रामायण को 40 मिलियन लोगों ने देखा था। इसे 53 देशों में दिखाया गया। यानी कि दुनिया भर में 650 मिलियन दर्शक। इंडिया टुडे अनुसार उस समय दूरदर्शन को 23 करोड़ का फायदा हुआ।

    English summary
    Doordarshan Ramayan was the most expensive mythological show here read detail
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