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    नहीं होता दूरदर्शन का रामायण, माता सीता के कपड़ों पर मचा बवाल, 2 साल बाद टेलीकास्ट !

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    लॉकडाउन इस बार 33 साल पहले के एक ऐतिहासिक शो को लेकर आया है। हम बात कर रहे हैं रामायण की। जिसने फिर एक बार अपने टेलीकास्ट से टीआरपी का ऐसा रिकॅार्ड तोड़ा जो चकित करने वाला है। आज भले ही आप बड़े आराम से इसे अपने टीवी पर दोबारा से प्रसारित होते हुए हर दिन इसके दो एपिसोड देख रहे हैं।

    लेकिन एक समय ऐसा था, जब चैनल इसे प्रसारित करने के लिए हामी नहीं भर रहा था। जी हां, आपने सही पढ़ा है। रामायण को टीवी पर टेलीकास्ट करना इतना आसान नहीं था, जितनी आसानी से इस शो ने लोगों के बीच लोकप्रियता हासिल की है।

    साल 1987 में इसका टेलीकास्ट दूरदर्शन पर हुआ। जो कि इसे लोगों के बीच दिखाने की योजना साल 1985 की थी। इसके साथ माता सीता के कपड़ों को लेकर भी काफी परेशानी मेकर्स को उठानी पड़ी थी। यहां पढ़िए...

    33 साल पहले दिखता था तो रामायण

    33 साल पहले दिखता था तो रामायण

    रामायण के राम और सीता को भगवान की तरह पूजा जाता था। जब ये 33 साल पहले टेलीकास्ट हुआ तो कास्ट को इस बात की खबर भी नहीं थी, कि देश उन्हें भगवान मान बैठा है। टीवी के सामने अगरबत्ती जलाई जा रही है। सारे रास्ते खाली हो जाते थे। बस दिखता था तो रामायण।

    सिर्फ निर्माता रामानंद सागर के कारण हुआ टेलीकास्ट

    सिर्फ निर्माता रामानंद सागर के कारण हुआ टेलीकास्ट

    लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये टीवी शो अगर आज रिकॅार्ड बना रहा है तो इसके पीछे की मेहनत निर्माता रामानंद सागर की रही है। धर्म से जुड़ा होने के बाद भी इसे टेलीकास्ट करना इतना आसान नहीं रहा है।

    माता सीता के कट स्लीव्स

    माता सीता के कट स्लीव्स

    माता सीता के कपड़ों के डिजाइन पर दूरदर्शन ने आपत्ति जताई थी। सीता की भूमिका एक्ट्रेस दीपिका निभा रही थीं। लेकिन उनके कट स्लीव्स चैनल के लिए परेशानी बन गए। चैनल को लगा कि देवी सीता को इस तरह देख कहीं पर लोग हंगामा ना खड़ा कर दें।

    चैनल के लिए फिर डिजाइन किए गए माता सीता के कपड़े

    चैनल के लिए फिर डिजाइन किए गए माता सीता के कपड़े

    हुआ यूं कि रामानंद सागर ने एक पायलट एपिसोड बना कर दिया था। जिसमेंं सीता के कपड़े पर चैनल ने ऐतराज जताया। फिर से निर्माता सागर को नया पायल एपिसोड बनाना पड़ा। जिसमें उन्होंने माता सीता के कपड़ों के डिजाइन में बदलाव किए।

    कई बार रिजेक्ट हुए रामायण के एपिसोड

    कई बार रिजेक्ट हुए रामायण के एपिसोड

    हालांकि एक नहीं दो नहीं बल्कि 3 बार चैनल ने रामायण के पायलट एपिसोड को रिजेक्ट किया। लेकिन रामानंद सागर ने हार नहीं मानी। अपनी बात समझाते हुए सागर साहब ने, रामायण टीवी शो के भविष्य से अनजान होते हुए 25 जनवरी 1987 को इसका टेलीकास्ट करवाया।

    इस बार रामायण को दिखाने के लिए कोई फीस नहीं

    इस बार रामायण को दिखाने के लिए कोई फीस नहीं

    आपको बता दें कि इस बार रामायण के टेलीकास्ट के 78 एपिसोड के दोबारा से प्रसारण के लिए सागर परिवार की तरफ से कोई पैसे नहीं लिए गए हैं। इसे बिना किसी शुल्क के दिखाया जा रहा है। खुद रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर ने इसकी जानकारी दी है।

    रामायण को 170 मिलियन व्यूअर्स

    रामायण को 170 मिलियन व्यूअर्स

    इस बार लॅाकडाउन में टेलीकास्ट होकर रामायण ने फिर से इतिहास रच दिया है।बार्क रिपोर्ट अनुसार पिछले वीकेंड में रामायण के शुरू के 4 शो को 170 मिलियन व्यूअर्स मिले हैं। रविवार के शो को दूसरे दिन सुबह 40 मिलियन और शाम को 51 मिलियन व्यूअर्स मिले हैं।

    English summary
    Doordarshan Ramayan interesting facts channel objection with Sita clothes and 2 years waiting , here read
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