जिद्दी डायरेक्टर ने बना डाली भारत की सबसे बड़ी फिल्म मुगल-ए-आजम, सलीम-अनारकली की अमर प्रेमकहानी
7 अजूबों में जिस तरह ताजमहल शामिल है, जिस जैसा कोई दूसरा नहीं बन पाया। ठीक ऐसे ही फिल्म "मुगल-ए-आजम" है। आज तक की सबसे बड़ी फिल्म, जिसकी तरह कोई दूसरी फिल्म नहीं बनी। फिल्म बनाने वाले करीमुद्दीन आसिफ, जिनकी जिद्द थी कि वह सबसे बड़ी फिल्म बनाएंगे। उन्होंने अपनी जिद्द के चलते इस मुकाम को हासिल भी किया। 14 जून 1922 में उत्तर प्रदेश के इटावा में जन्में आसिफ के पास फिल्में बनाने का कोई अनुभव या शिक्षा नहीं थी लेकिन उनके पास फिल्म बनाने का जुनून था जिसे वह पूरा करके ही माने।
हिंदी फिल्मों में मील का पत्थर साबित हुई "मुगल-ए-आजम" फिल्म को 60 साल हो गए है। ऐसी फिल्म जिसे बनाने में एक दो साल नहीं बल्कि पूरे 16 साल लगे। उस जमाने में इस फिल्म पर पैसा लगाया नहीं गया बल्कि बहाया गया। एक-एक गानों पर लाखों रुपया खर्च किया गया। आइए हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी दिलीप कुमार, मधुबाला की फिल्म "मुगल-ए-आजम" के बारे में अनसुने किस्सें।


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