Rana Daggubati : शारीरिक अक्षमता के बावजूद ये कलाकार दर्शकों का करते हैं भरपूर मनोरंजन

फिल्म इंडस्ट्री को मोस्ट ग्लैमरस उद्योग माना जाता है। यहां काम के दबाव के साथ-साथ बाहरी सुन्दरता को बनाए रखने का दबाव भी काफी ज्यादा होता है। लेकिन शारीरिक अक्षमता किसी के भी हाथों में नहीं होती। कहा जाता है कि इसे अगर कोई अपनी ताकत बना ले तो उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। यहीं फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कुछ एक्टर्स और कलाकारों ने किया है। इन कलाकारों ने अपनी शारिरीक अक्षमता को अपनी ताकत बनायी और दर्शकों का मनोरंजन करने में जुट गये।

राणा दग्गुबाती :
हाल ही में राणा दग्गुबाती ने खुलासा किया कि उन्हें एक आंख से दिखायी नहीं देती है। राणा ने एक चैट शो के दौरान बताया कि उनकी दाहिनी आंख काम नहीं करती है साथ ही उन्होंने कहा कि जब वह छोटे थे तब उनका कॉर्नियल ट्रांसप्लांट हुआ था, लेकिन इसके बाद भी उन्हें सिर्फ बाईं आंख से ही दिखाई देता है। उन्होंने कहा था कि मेरी दाहिनी आंख किसी और की आंख है। एक शख्स ने अपनी मौत के बाद मुझे अपनी आंख दान दे दी थी, लेकिन अगर मैं अपनी बाईं आंख बंद कर लूं तो मुझे कुछ भी नहीं दिखाई देगा। मैं सिर्फ अपनी बाईं आंख से देखता हूं।

सुधा चंद्रन :
छोटे पर्दे की जानी-मानी एक्ट्रेस सुधा चंद्रन किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। सुधा चंद्रन एक कुशल शास्त्रीय संगीत नृत्यांगना भी हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि सुधा चंद्रन का एक पैर नकली है। बचपन में ही सुधा चंद्रन ने अपना एक पैर खो दिया था लेकिन अपनी इस कमजोरी को ही अपनी ताकत बनाकर सुधा चंद्रन मयूरी की तरह थिरकती और डांस करती हैं। इतना ही नहीं सुधा टीवी पर भी काफी सक्रिय हैं। सुधा चंद्रन टीवी सीरियल 'नागिन' में अहम किरदार निभाती नजर आती हैं।

रवीन्द्र जैन :
रवीन्द्र जैन हिन्दी फिल्मों के जाने-माने संगीतकार और गीतकार थे। फिल्मों के अलावा रवीन्द्र जैन ने रामानंद सागर निर्देशित धारावाहिक 'रामायण' में भी संगीत दिया था। रवीन्द्र जैन दोनों आंखों से देख नहीं पाते थे। लेकिन उन्होंने अपनी इस कमजोरी को अपनी कला के आड़े कभी नहीं आने दिया। संपूर्ण रूप से नेत्रहीन होने के बावजूद उन्होंने कई फिल्मों में मधुर संगीत दिया है। रवीन्द्र जैन का निधन 2015 में हो गया था।


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