50 रुपये से लेकर 35 मिलियन डॉलर तक का सफर तय करने वाले इस बॉलीवुड स्टार की लाइफ है लग्जरी से पटी हुई

बॉलीवुड इंडस्ट्री में ऐसे कई सारे गायक हैं जो कि दर्शकों के दिलों पर राज करते हैं। लेकिन आज हम आपको करोडो लोगों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ देने वाले सिंगर कैलाश खेर के बारे में बताने वाले हैं। वह दिग्गज सिंगर्स में शुमार है। इसी के अलावा आपको बता दें कि 14 साल की उम्र में ही उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए घर छोड़ दिया। बचपन से ही उन्हें गाने का काफी शौक था। इसीलिए उन्होंने कम उम्र में ही घर छोड़ दिया और सिंगिंग में अपना करियर बनाने की ठान ली थी।
हैंडीक्राफ्ट का बिजनेस किया था शुरू
लेकिन आपको बता दें कि एक इंटरव्यू के दौरान कैलाश खेर ने इस बात का जिक्र करते हुए बताया था कि सिंगिंग में करियर बनाने से पहले उन्होंने एक फैमिली फ्रेंड के साथ में हैंडीक्राफ्ट का बिजनेस भी शुरू कर दिया था। लेकिन उनकी किस्मत उनको किसी बड़ी मंजिल पर ले जाना चाह रही थी। दिल्ली में जन्मे कैलाश खेर एक कश्मीरी परिवार से आया करते हैं। बता दे कि उनके पिता मेहर सिंह खेर भी एक भारतीय लोग गायक हुआ करते थे।
4 साल की उम्र से ही संगीत करते हैं पसंद
कैलाश खेर तो यह भी कहते हैं कि उनका संगीत से प्यार बचपन में ही हो गया था और 4 साल की उम्र में उन्होंने म्यूजिक में अपना टैलेंट भी लोगों को दिखाना शुरू कर दिया था। लेकिन यहां तक पहुंचाने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी। पढ़ाई पूरी होते ही उन्होंने अपना घर छोड़ दिया और छोटे-मोटे काम करके अपना पेट पाला। उन्होंने यह भी बताया कि जब उनको कुछ काम नहीं मिला तो उन्होंने कुछ बच्चों को म्यूजिक के अच्छा सीखने शुरू कर दिए। लेकिन वह उस मुकाम तक नहीं पहुंचे थे। इसके लिए उनको 50 रुपए की फीस मिला करती थी।
ऋषिकेश में अपनी आवाज का जादू चलाते थे कैलाश खेर
इसके बाद में कैलाश खेर ने उत्तराखंड के ऋषिकेश में जाना सही समझा और वहां पर गंगा किनारे अपनी आवाज का जादू भी चलाया। यहां पर उनको अपनी सिंगिंग के लिए कुछ खास तो नहीं मिला लेकिन उनके दिल को सुकून जरूर मिल गया था। इस बात का जिक्र उन्होंने खुद किया कि जब वह ऋषिकेश में गाना गाते थे और लोग उनकी आवाज सुनकर झूम उठते थे तो उनको ऐसा लगता था कि मानो वह किसी देवलोक में आ गए हो।
कैलाश खेर की साधु संतों ने की तारीफ
इतना ही नहीं कैलाश खेर ऋषिकेश के गंगा घाट पर स्थित आश्रमों के बाहर रोजाना आरती के वक्त अपनी आवाज में गाना गुनगुनाते रहते थे। जिसको सुनकर वहां के साधु संतों को भी काफी अच्छा लगता था और एक साधु ने तो कैलाश खेर की आवाज सुनकर उन्हें कहा था कि तुम्हारी आवाज बहुत अच्छी है, तुम इतना परेशान मत हुआ करो। भोलेनाथ सब अच्छा कर देंगे।
मुंबई आए तो असफलता हुई हासिल
इसके बाद में साधु संत की बात सुनकर कैलाश खेर ने अपने जीवन में आगे बढ़ने का फैसला लिया और ऋषिकेश छोड़कर मुंबई आ गए। यहां पर उन्होंने कुछ म्यूजिक टेक्नीशियन के साथ बातचीत की जिससे कि वह टेक्नीशियन उनके लिए म्यूजिक तैयार कर दें। हालांकि इसमें वह सफलता प्राप्त नहीं कर पाए।
2000 से ज्यादा गा चुके हैं जिंगल्स
लेकिन एक दिन कैलाश खेर ऐसी ही घूम रहे थे और एक युवक की नजर उन पर पड़ी। उसे संगीत बहुत पसंद था। उसे युवक के जरिए कैलाश खेर एक एड्रेस पर पहुंच गए और वहां पर उन्हें जिंगल्स गाने के लिए कहा गया। कैलाश खेर ने अब तक 2000 से ज्यादा जिंगल्स गए हुए हैं और वह भारत सरकार की तरफ से जिंगल्स को भी आवाज दिया करते हैं। लेकिन कैलाश खेर ने आहार नहीं मानी और लगातार कोशिश करने के बाद उनको अक्षय कुमार और प्रियंका चोपड़ा की फिल्म अंदाज में सूफियाना गाना गाने का मौका मिला।
35 मिलियन डॉलर हुई कैलाश खेर की नेट वर्थ
इस गाने को कैलाश खेर ने बहुत ही अच्छे से गया और फिल्म रिलीज होने के बाद में रातों-रात वह स्टार बन गए थे। इसके बाद में उन्होंने अल्लाह के बंदे और काफी सारे मशहूर गाने भी गए। आज के समय में उनके काफी सारे गाने ऐसे हैं जो कि लोगों की जुबान पर चढ़े रहते हैं। कैलाश खेर ने 50 रुपए से अपने करियर की शुरुआत की और 35 मिलियन डॉलर की अब उनकी नेट वर्थ हो चुकी है। एक गाने के लिए बेहद 9-10 लाख की फ़ीस लेते हैं। इसी के अलावा कैलाश खेर तेलुगू गाने भी गाया करते हैं।


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