जब शादीशुदा बॉलीवुड डायरेक्टर का आया सगी भांजी पर दिल, रचा ली शादी... मच गया कोहराम

आज हम आपको बॉलीवुड के 70 और 80 के दशक के हिंदी फिल्म के मशहूर डायरेक्टर के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने अपने भाई को भी स्टार बना दिया था। बता दे कि उनकी कुछ ऐसी फिल्में थी जो की कल्ट क्लासिक मानी जाती थी और बॉलीवुड के लिए भी एक धरोहर साबित हुई थी। कई फिल्मों में उन्होंने खुद लीड किरदार निभाया। लेकिन वह अपने निजी जीवन को लेकर काफी चर्चा का विषय बनी रहे।
इस डायरेक्टर ने की अपनी ही भांजी से शादी
दरअसल हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड इंडस्ट्री के मशहूर डायरेक्टर विजय आनंद की। उनका जन्म 22 जनवरी 1934 में पंजाब में हुआ। उन्होंने कॉमेडी से लेकर रोमांटिक और फैमिली ड्रामा फिल्में बनाई थी। उन्होंने अपने दोनों बड़े भाई डायरेक्टर- प्रोड्यूसर चेतन आनंद और मशहूर अभिनेता- निर्देशक देव आनंद के साथ में नवकेतन फिल्म्स प्रोडक्शन हाउस में काम करना शुरू किया। लेकिन विजय आनंद ने साल 1978 में समाज को तवज्जो न देकर अपनी बड़ी बहन की बेटी यानी कि अपनी सगी भांजी सुषमा कोहली के साथ में दूसरी शादी रचा ली थी। जिसके चलते उनके परिवार में काफी विवाद हुआ। बाद में इस रिश्ते को मंजूरी मिल गई थी। लेकिन अब दोनों ही इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं।
सुषमा कोहली ने पति विजय को लेकर खोले राज
दरअसल, साल 2018 में सुषमा कोहली ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने पति विजय आनंद की जिंदगी के कई सारे पहलुओं को लेकर जिक्र किया था और उन्होंने कहा था कि उनके पति ने रोमांटिक फिल्में भी बनाई। इतना ही नहीं कई सारी बेहतरीन फिल्मों में उन्होंने काम भी किया था। लेकिन सुषमा कोहली ने बताया कि असल जिंदगी में वह काफी ज्यादा शर्मीले थे।
बेहद शर्मीले स्वभाव के थे विजय
सुषमा कोहली ने यह भी बताया कि "विजय जी बहुत ही शांत स्वभाव के थे और मैं उन पर कभी-कभी गुस्सा भी करती थी। मैंने साल 1978 में राम बलराम फिल्म की शूटिंग के वक्त शादी की। उनको मेरी सादगी काफी पसंद आई और वह बेहद ही शांत स्वभाव के साथ-साथ शर्मीले भी थे। कई बार तो मैं उन्हें जानबूझकर चिढ़ा देती थी। कई बार वह मुझे समझा देते थे तो कभी मैं मसले को संभाल लिया करती थी।"
सुषमा को साड़ी में देखना पसंद करते थे विजय
इसी इंटरव्यू के दौरान सुषमा कोहली ने यह भी बताया कि "वह कई बार किसी चीज को लेकर शिकायत किया करते थे। जब भी वह ऐसा किया करते थे तो मुझे काफी ज्यादा खुशी हुआ करती थी। उनको मुझे साड़ी में देखना भी काफी पसंद था और हम साथ में घूमने फिरने भी जाया करते थे।"


Click it and Unblock the Notifications