बॉलीवुड की सबसे बिंदास एक्ट्रेस आशा पारेख का जन्मदिन: हर हीरो प्रपोज़ करने में इसलिए डर जाता था
हिंदी फिल्मों का मशहूर गाना - ओ मेरे सोना रे तो हर किसी के ज़ेहन में ताज़ा होगा। और इस गाने पर अपनी अदाओं से शम्मी कपूर को रिझाती आशा पारेख को भी कोई नहीं भूला होगा। आशा पारेख की स्क्रीन पर मौजूदगी ही इतनी सशक्त होती थी कि उन्हें भूल पाना नामुमकिन हो जाता था। आशा पारेख, 2 अक्टूबर 2021 को अपना 79वां जन्मदिन मना रही हैं।
साल 2017 में आशा पारेख ने अपनी ऑटोबायोग्राफी द हिट गर्ल का विमोचन किया था। इस किताब में आशा पारेख ने अपनी ज़िंदगी के पन्ने कुछ इस तरह पलटे कि वाकई सबकी समझ में एक बात आई - बॉलीवुड में उनसे बिंदास अभिनेत्री शायद ही रही हो।

आशा पारेख का जन्म 2 अक्टूबर 1942 में हुआ था और उन्होंने एक बाल कलाकार के रूप में काम करना शुरू किया था। अपने माता पिता की वो इकलौती संतान थीं। आशा पारेख, 1959 - 1973 तक हिंदी सिनेमा की सबसे सशक्त और सबसे ज़्यादा महंगी हीरोइनों में से एक थीं। उस दौर में जब केवल अभिनेताओं का बोलबाला था, आशा पारेख का डंका बजता था।
अपने बेबाक और सच्चे स्वभाव के कारण जहां एक तरफ आशा पारेख के इंडस्ट्री में कई सारे दोस्त बने वहीं ज़्यादातर अभिनेताओं से या तो उनका झगड़ा हो जाता था या फिर किसी ना किसी गलतफहमी के चलते उनमें बातचीत बंद हो जाती थी। वहीं अपनी किताब 'द हिट गर्ल' में आशा पारेख बताती हैं कि लड़के उन्हें प्रपोज़ करने से डरते थे। यही हाल, उनके साथ में काम करने वाले अभिनेताओं का होता था। यही कारण था कि इतने सारे अभिनेताओं के साथ काम करने के बावजूद आशा पारेख का नाम किसी के साथ नहीं जुड़ा। इसके दो कारण थे - पहला डायरेक्टर नासिर हुसैन के साथ उनका अफेयर और दूसरा ये कि सभी को आशा पारेख पहुंच से बाहर लगती थीं। बाकी बचे अभिनेता या तो शादीशुदा थे या फिर उनकी शादी होने वाली थी। जानिए आशा पारेख की ज़िंदगी के कुछ दिलचस्प किस्से।

पंडित ने की थी शादी को लेकर भविष्यवाणी
आशा पारेख को कभी किसी हीरो ने असल ज़िंदगी में रोमांस के लिए अप्रोच नहीं किया। बाद में उनका रिश्ता एक अमरीकी लड़के से हुआ लेकिन जब आशा पारेख को पता चला कि उस लड़के की गर्लफ्रेंड है तो उन्होंने ये शादी तोड़ दी। आशा पारेख की मां जब उन्हें एक पंडित के पास लेकर गईं तो उन्होंने भी यही भविष्यवाणी की और कहा कि आशा पारेख का वैवाहिक जीवन कभी सुखद नहीं रहेगा। ये सब सुनने के बाद आशा पारेख ने कभी भी शादी ना करने का फैसला किया।

नासिर हुसैन के साथ अफेयर
आशा पारेख के शादी ना करने का एक कारण थे डायरेक्टर और फिल्ममेकर नासिर हुसैन। नासिर हुसैन से जब आशा पारेख को प्यार हुआ, उस वक्त नासिर हुसैन की एक पत्नी और दो बच्चे थे। नासिर हुसैन की पत्नी आएशा, असिस्टेंट कोरियोग्राफर हुआ करती थीं और वो आशा पारेख के साथ काम भी करती थीं और उन्हें समझती भी थीं। कई फिल्मों में उन्होंने साथ काम किया। लेकिन एक वक्त के बाद आशा पारेख ने नासिर हुसैन के साथ रिश्ते तोड़ दिया। उनका कहना था कि वो ना ही दूसरी औरत बनकर रहना चाहती थीं और ना ही दूसरी पत्नी बनकर किसी का घर तोड़ना चाहती थीं।

शम्मी कपूर इस तरह बन गए चाचा
आशा पारेख की जोड़ी को सबसे ज़्यादा पसंद किया गया था शम्मी कपूर के साथ। उनकी फिल्म तीसरी मंज़िल से उन्होंने कमाल दिखाया था। जब शम्मी कपूर पहली बार आशा पारेख से मिले तो वो एक एडल्ट नॉवेल पढ़ रही थीं जबकि उनकी उम्र कुछ 16 - 17 साल की थी। शम्मी कपूर ने आशा पारेख को जब वो नॉवेल पढ़ते देखा तो कहा कि तुम अभी बहुत छोटी हो ये पढ़ने के लिए। इस पर आशा पारेख ने उन्हें व्यंग्य में जवाब दिया - अच्छा चाचा। बस फिर क्या था तब से शम्मी कपूर, आशा पारेख के लिए चाचा हो गए और वो भी उन्हें प्यार से भतीजी कह कर बुलाने लगे।

धर्मेंद्र से 50 सालों की दोस्ती
धर्मेंद्र और आशा पारेख की जोड़ी ने एक साथ पांच फिल्में की थीं और पांचों हिट थीं। यानि कि धर्मेंद्र के साथ उनकी सफलता का रेट 100 प्रतिशत रहा। कई बार उनके अफेयर की चर्चा हुई। इस बारे में सफाई देते हुए आशा पारेख ने साफ किया था कि उन्होंने अपने और धर्मेंद्र के बीच एक दोस्ती की सीमा बना दी थी और उन दोनों ने ही कभी वो सीमा नहीं लांघी। बल्कि, एक समय था जब आशा पारेख टॉप पर थीं और धर्मेंद्र का करियर कुछ खास नहीं चल रहा था। ऐसे में आशा पारेख ने अपनी फिल्म में धर्मेंद्र को लेने की ज़िद पकड़ ली। डायरेक्टर पहले ही नवीन निश्चल को साईन कर चुके थे। बाद में धर्मेंद्र खुद पीछे हटे और उन्होंने आशा पारेख को समझाया कि इस फिल्म के लिए वो उपयुक्त हीरो नहीं हैं।

स्टार्स से होते झगड़े
आशा पारेख के साथ उनके को स्टार्स अक्सर गलतफहमियों का शिकार हो जाते थे। आशा पारेख ने मनोज कुमार के साथ हमेशा अजीब सी परिस्थितियों में काम किया। आशा पारेख का मानना था कि मनोज कुमार बेहद ही अक्खड़ किस्म के इंसान थे। वहीं मनोज कुमार, आशा पारेख के सेट पर एक दिन लेट आने से खफा हो गए थे। आशा पारेख मनोज कुमार के कई बार टेक लेने की आदत से भी परेशान हो जाती थीं। जैसे तैसे दोनों ने उपकार नाम की फिल्म पूरी की। हालांकि, आशा पारेख इतनी खफा हो चुकी थीं कि उन्होंने फिल्म का प्रीमियर भी नहीं अटेंड किया। जबकि इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस सफलता के बाद उन्होंने तुरंत अपनी फीस बढ़ा दी थी।

अमिताभ बच्चन से शत्रुघ्न सिन्हा तक गलतफहमियों का शिकार
आशा पारेख की फिल्म साजन से शत्रुघ्न सिन्हा ने अपना छोटा सा डेब्यू किया था। शत्रुघ्न सिन्हा की आशा पारेख की कोई बात अच्छी नहीं लगी लेकिन उन्होंने इसे सुलझाने की बजाय, आशा पारेख से बात करना ही बंद कर दिया। दोनों ने 1973 में हीरा नाम की फिल्म में साथ काम किया लेकिन वहां भी दोनों की एक दूसरे से बातचीत बंद रही। सालों बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने माना कि उनका व्यवहार भी बचकाना था और उन्होंने आशा पारेख को गलत समझा था।
आशा पारेख ने एक फिल्म में अमिताभ बच्चन के अपोज़िट काम करना मंज़ूर किया था। उस समय अमिताभ बच्चन स्ट्रगल कर रहे थे। लेकिन प्रोड्यूसर ने अमिताभ बच्चन को यह कह कर हीरोइन रिप्लेस कर दी कि आशा पारेख किसी नए लड़के के साथ काम करना नहीं चाहतीं। आशा पारेख को मलाल था कि उन्होंने उस समय कभी इस गलतफहमी को दूर नहीं किया।

करियर की सबसे अहम फिल्म
कटी पटंग, आशा पारेख के करियर की सबसे अहम फिल्मों में से एक थी जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला। शर्मिला टैगोर ने हमेशा कहा कि ये फिल्म पहले उन्हें ऑफर की गई थी लेकिन आशा पारेख ने हमेशा इस बात का खंडन किया और कभी नहीं माना कि वो फिल्म के लिए दूसरा ऑप्शन थीं। आशा पारेख ने इसके बाद कभी राजेश खन्ना के साथ काम नहीं किया लेकिन हमेशा ये बताया कि उनके और राजेश खन्ना के बीच सब कुछ ठीक था। सालों बाद 1984 में दोनों ने धर्म और कानून नाम की एक फिल्म में सपोर्टिंग भूमिकाएं निभाईं।

दोस्तों के साथ ट्रिप
आशा पारेख अपनी दोस्त हेेलेन और वहीदा रहमान के बेहद करीब हैं और तीनों साथ में अक्सर देखी जाती हैं। हालांकि, आशा पारेख काफी नाराज़ हुई थीं जब उनकी एक पर्सनल हॉलीडे की तस्वीरें इंटरनेट पर लीक हो गई थीं। इन तस्वीरों में आशा पारेख, वहीदा रहमान और हेलेन के साथ एक ट्रिप पर दिखाई दी थीं। तीनों एक साथ कुछ रियलिटी शो में मेहमान के तौर पर हिस्सा ले चुकी हैं।

पहली महिला सेंसर बोर्ड अध्यक्ष
आशा पारेख, फिल्म इंडस्ट्री की पहली महिला सेंसर बोर्ड अध्यक्ष थीं लेकिन उनका कार्यकाल केवल विवादों से भरा रहा। उन्होंने कई फिल्मों को सेंसर करने की बात की थी। आशा पारेख अपने करियर में दो लोगों की फैन रही हैं - वैजयंतीमाला और दिलीप कुमार। लेकिन करोड़ों फैन्स के दिल पर आशा पारेख आज भी राज करती हैं। हमारी ओर से उन्हें जन्मदिन की ढेर सारी बधाई।


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