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Birthday- जावेद अख्तर के अल्फाजों का 'जादू' जो पर्दे से लेकर सदन तक चला, सिनेमा भी करता है फख्र

By Varsha Verma
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गीतकार, लेखक जावेद अख्तर आज इंडस्ट्री की वो शख्सियत हैं जो किसी शहंशाह से कम नहीं। हिंदी सिनेमा की रीढ़ की हड्डी कलहाए जाने वाले जावेद अख्तर और सलीम की जोड़ी को आज दुनिया बखूबी जानती हैं। स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर के लिखे बोल जब एक किरदार बोलता है तो उसमें भी मानो जान पड़ जाती है। वहीं जब ऐसी शख्सियत राज्यसभा में बोलती है तो पक्ष छोड़ो विपक्ष भी गौर से सुनता है।

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जावेद अख्तर की जिंदगी तमाम जद्दोजहद से भरी थी। उन्होंने अपनी जिद्द और तमाम अनुभवों से शौहरत हासिल की है। फक्कड़ किस्म के होने की वजह से उन्होंने अपनी जिंदगी में कई बड़े फैसले लिए और फिर बदले। वह खुद बताते हैं कि वह लेखन का काम तब तक करते रहेंगे जब तक कि उन्हें इस काम में मजा आएगा।

जावेद अख्तर ने कभी नहीं सोचा था कि वह बॉलीवुड के इतने बड़े स्क्रिप्ट राइटर बनेंगे। वह बताते हैं कि शुरुआत में फिल्में बनाना चाहते थे। वह चाहते थे कि अभिनेता व निर्देशक गुरुदत्त से वह फिल्म बनाना सीखें। उनका मानना है कि जब आपको किसी काम में दिलचस्पी आने लगती है तो आप उसी काम में आगे बढ़ते हैं। कभी भी सोचने से कुछ नहीं बन जाते।

अलग सोच और लेखनी का जबरदस्त अनुभव रखने वाले जावेद अख्तर (जादू-असली नाम)की जिदंगी में कई मोड़ आए जिसमें उनकी नाराजगी व फक्कड़पन साफ नजर आता है।

शायरी व साहित्य संस्कार विरासत में मिले

शायरी व साहित्य संस्कार विरासत में मिले

प्रभावशाली शख्सियत जावेद अख्तर को शायरी व साहित्य संस्कार विरासत में मिले हैं। उन्होंने 12-13 साल की उम्र में साहित्य पढ़ना शुरू कर दिया था और तमाम लेखकों और कवियों को पढ़ डाला था। जावेद अख्तर खुद को खुशनसीब मानते हैं कि उनका जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ जहां सभी पढ़े लिखे थे। उनके घर खूब मैगजीन, किताबे आदि हुआ करती थीं जिन्हें पढ़ने में उन्हें दिलचस्पी मिलती थी।

जब मुंबई आए थे तो जेब में थे 27 रुपये

जब मुंबई आए थे तो जेब में थे 27 रुपये

जावेद अख्तर 4 अक्टूबर 1964 को मुंबई आए थे, उस समय उनके पास रहने व खाने का कोई इंतजाम नहीं था। पत्नी शबाना आजमी बताती हैं कि 19 साल के जावेद के पास उस समय 27 रुपए थे। लेकिन आंखों में करोड़ों के सपने थे। जिसने उन्हें कभी पीछे नहीं मुड़ने दिया।

'शोले' फिल्म लिखने के लिए जावेद अख्तर ने मांगे थे 1 करोड़

'शोले' फिल्म लिखने के लिए जावेद अख्तर ने मांगे थे 1 करोड़

1975 में आई फिल्म 'शोले' से पहले वह कई फिल्मों की पटकथा लिख चुके थे। इस फिल्म में एक बार फिर सलीम-जावेद की जोड़ी काम कर रही थी। 'शोले' फिल्म के आने तक ये जोड़ी एंटी हीरो के तौर पर प्रसिद्ध हो चुकी थी। पहला मौका था जब हीरो के कम और स्क्रिप्ट राइटर जावेद-सलीम के पोस्टर खूब लगे थे। इस फिल्म के लिए उन्होंने निर्माता जीबी सिप्पी से उन्होंने 1 करोड़ रुपये मांगे थे.

 जब जावेद अख्तर को हुआ शबाना आजमी से प्यार तो पत्नी की प्रतिक्रिया ऐसी थी

जब जावेद अख्तर को हुआ शबाना आजमी से प्यार तो पत्नी की प्रतिक्रिया ऐसी थी

फिल्म 'सीता और गीता' के सेट पर हनी ईरानी से पहली बार जावेद अख्तर की मुलाकात हुई थी। दोनों धीरे-धीरे करीब आए और फिर दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। जिद्दी जावेद ने माता पिता को भी शादी के लिए मना लिया। उस वक्त जावेद अख्तर इतने लोकप्रिय नहीं थे और न ही इतनी शोहरत पास में थी। दोनों ने शादी की और जैसे तैसे रहने का जुगाड़ किया। फिर जावेद अख्तर की फिल्म 'जंजीर' रिलीज हुई और इसके बाद उनका समय बदल गया। निजी जिंदगी एक दम सही चल रही थी दो बच्चे भी हो गए थे।

साथ साथ वह अक्सर कविताएं सुनाने कैफी आजमी के घर भी जाया करते थे। यहीं कैफ आजमी की बेटी शबाना आजमी से भी अक्सर मुलाकात होती थी और ये मुलाकात धीरे-धीरे मोहब्बत में तब्दील हो गई। जब ये सब उनकी पत्नी हनी के कानों तक पहुंचा तो वह जरूर टूटी होंगी। शुरुआत में उनकी पत्नी ने सोचा कि सब ठीक हो जाएगा लेकिन जब उन्हें पता चला कि दोनों के बीच प्यार ही नहीं रहा तो एक दिन उन्होंने कठिन और रुला देने वाली मनःस्थिति से जावेद से कह दिया था शबाना के पास जाने को।

अमिताभ बच्चन का करियर संवारने में जावेद अख्तर का रहा है अहम रोल!

अमिताभ बच्चन का करियर संवारने में जावेद अख्तर का रहा है अहम रोल!

अभिनेता अमिताभ बच्चन ने सलीम-जावेद की लिखी कई स्क्रिप्ट पर काम किया है। 'जंजीर', 'शोले', 'दीवार', 'शान', 'दोस्ताना', 'काला पत्थर', 'ईमान धरम', 'शक्ति', 'डॉन', 'त्रिशूल', जैसी कई फिल्मों ने अमिताभ बच्चन को बॉलीवुड का सुपर स्टार बना दिया था। हालांकि बाद में कुछ ऐसे मोड़ आए कि तीनों के बीच ही दरार आ गई।

और फिर टूट गई सलीम-जावेद की जोड़ी...

और फिर टूट गई सलीम-जावेद की जोड़ी...

साल1982 में सलीम-जावेद की जोड़ी टूट गई थी। साल 1987 में 'मिस्टर इंडिया' इस जोड़ी की आखिरी फिल्म थी. कभी भी दोनों ने खुलकर इस पर बात नहीं की है। दोनों की जोड़ी आखिर टूटी कैसे ये किसी मिस्ट्री से भी कम नहीं है।

जब राज्यसभा से रुख़सत हो रहे थे तो जावेद अख्तर

जब राज्यसभा से रुख़सत हो रहे थे तो जावेद अख्तर

जावेद अख्तर की राज्यसभा की फेयरवेल वाला वीडियो आज भी काफी सुना जाता है। जब उन्होंने सदन में शानदार स्पीच दी थी। उनका भाषण ऐसा था जब पूरा सदन जमकर तालियां ठोक रहा था और ध्यान से सुन रहा था।

English summary
Happy Birthday Javed akhtar - Javed akhtar salim jodi, Life, Wife, Love story, Film, career, family all about you should know
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