Birthday- जावेद अख्तर के अल्फाजों का 'जादू' जो पर्दे से लेकर सदन तक चला, सिनेमा भी करता है फख्र
गीतकार, लेखक जावेद अख्तर आज इंडस्ट्री की वो शख्सियत हैं जो किसी शहंशाह से कम नहीं। हिंदी सिनेमा की रीढ़ की हड्डी कलहाए जाने वाले जावेद अख्तर और सलीम की जोड़ी को आज दुनिया बखूबी जानती हैं। स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर के लिखे बोल जब एक किरदार बोलता है तो उसमें भी मानो जान पड़ जाती है। वहीं जब ऐसी शख्सियत राज्यसभा में बोलती है तो पक्ष छोड़ो विपक्ष भी गौर से सुनता है।
जावेद अख्तर की जिंदगी तमाम जद्दोजहद से भरी थी। उन्होंने अपनी जिद्द और तमाम अनुभवों से शौहरत हासिल की है। फक्कड़ किस्म के होने की वजह से उन्होंने अपनी जिंदगी में कई बड़े फैसले लिए और फिर बदले। वह खुद बताते हैं कि वह लेखन का काम तब तक करते रहेंगे जब तक कि उन्हें इस काम में मजा आएगा।

जावेद अख्तर ने कभी नहीं सोचा था कि वह बॉलीवुड के इतने बड़े स्क्रिप्ट राइटर बनेंगे। वह बताते हैं कि शुरुआत में फिल्में बनाना चाहते थे। वह चाहते थे कि अभिनेता व निर्देशक गुरुदत्त से वह फिल्म बनाना सीखें। उनका मानना है कि जब आपको किसी काम में दिलचस्पी आने लगती है तो आप उसी काम में आगे बढ़ते हैं। कभी भी सोचने से कुछ नहीं बन जाते।
अलग सोच और लेखनी का जबरदस्त अनुभव रखने वाले जावेद अख्तर (जादू-असली नाम)की जिदंगी में कई मोड़ आए जिसमें उनकी नाराजगी व फक्कड़पन साफ नजर आता है।


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