हीरोइन बनने आई थी बिंदु, डायरेक्टर ने बार-बार किया रिजेक्ट, लग गया वैम्प का ठप्पा

Bindu Got Vamp Tag: 70 और 80 के दशक में ऐसी कई सारी बॉलीवुड हसीनाएं थी जिन्होंने नेगेटिव किरदार निभाए। लेकिन उस दौर में कई सारी हसीनाएं ऐसी भी थी जो कि निगेटिव किरदार निभाने के लिए तैयार नहीं होती थी। लेकिन एक एक्ट्रेस थी जिन्होंने इसके लिए रिस्क लिया। दरअसल हम बात कर रहे हैं बिंदु की। बिंदु को जब भी दर्शन स्क्रीन पर देखे थे तो उन्हें भला-बुरा कहने से बिल्कुल भी बाज नहीं आते थे।
बिंदु ने अपने नेगेटिव किरदार के चलते अच्छी खासी पहचान बना दी थी। उन्होंने सबसे ज्यादा पापुलैरिटी फिल्म 'डॉन' में निभाई मोना डार्लिंग के किरदार से हासिल की। उन्होंने कई सारी फिल्मों में काफी बेहतरीन काम किया और उन्हें अपनी डेब्यू फिल्म के लिए अवार्ड नहीं मिला था। ऐसा इसीलिए क्योंकि वह एक न्यूकमर थी।
इस पर बिंदु ने खुलकर बात करते हुए कहा था कि "मुझे फिल्म 'दो रास्ते' के लिए नॉमिनेट किया गया था लेकिन तब अवार्ड ऑर्गेनाइजर्स ने यह कह दिया था कि किसी को पहले ही फिल्म में अवार्ड नहीं दिया जा सकता। इसी दौरान जया बच्चन को अवार्ड मिला और वह भी उनकी पहली फिल्म गुड्डी के लिए क्योंकि वह हीरोइन थी। उन्होंने मुझे अवार्ड नहीं दिया। मुझे फिल्म दास्तान के लिए भी नॉमिनेशन मिला और कई सारे वोट्स भी मिले। लेकिन यह अवार्ड भी नहीं मिला और मेरे साथ यह तीन से चार बार किया गया।"
बिंदु, वैजयंती माला को काफी ज्यादा पसंद किया करती थी। वैजयंती माला से प्रभावित होकर बिंदु ने साल 1962 में फिल्म अनपढ़ से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत की थी। बिंदु को हीरोइन बनना था लेकिन डायरेक्टर्स ने उन्हें दुबला पतला कहकर रिजेक्ट किया। बाद में निगेटिव किरदार में बिंदु नजर आने लगी। हालांकि उन्होंने लोगों की बातों पर ध्यान नहीं दिया और ऐसे किरदार निभाए जिसकी वजह से उन्हें वैंप कहा जाने लगा।


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