पहले क्लास के बच्चों ने किया शोषण फिर पुलिस वालों ने... 16 साल की उम्र में हुआ लैंगिग आभास और..

नादिरा मेहरीन बिग बॉस मलयालम सीजन 5 में काफी ज्यादा सुर्खियां बटोर चुकी है और आपको बता दें कि वह अपने खेल को बखूबी खेलती हैं. इतना ही नहीं हर खेल में भाग भी लेने में आगे बनी रहती हैं. लेकिन आपको बता दें कि ना देना मैं हरी ने बिग बॉस के घर में माय स्टोरी सेगमेंट में अपने जीवन के बारे में कुछ खुलासे किए. जिसे सुनकर कोई हैरान हो रहा है.
16 साल की उम्र में नादिरा को हुआ लैंगिक पहचान का आभास
बता दें कि नादिरा मेहरीन बताती है कि 16 साल की उम्र में ही उन्हें यह पता चल गया था कि उनकी लैंगिक पहचान पूरी तरीके से दूसरों की सोच से अलग है. जिसके बाद में 17 साल की उम्र में उन्होंने इसके बारे में बताना सही समझा और उसके बाद में उन्हें घर से बाहर निकाल दिया गया. इतना ही नहीं उन्हें कई सारी कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ा लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी पहचान नजीब से बदलकर नादिरा कर दी.
बचपन में छोटी बहन की चीजों का नादिरा करती थी इस्तेमाल
नादिरा ने आगे बताया कि उन्हें पुलिस के डंडों से भी पिटना पड़ा और एक कोठरी में भी रहना पड़ा था. जानकारी के लिए आपको बता दें कि नादिरा तिरुवंतपुरम से ताल्लुक रखती हैं और उनका जन्म कासरगोड में हुआ. उन्होंने बताया कि उनका परिवार आर्थिक रूप से बहुत ही परेशान था और बचपन से ही मुझे अपनी कजिन बहनों से बात करना बहुत ही पसंद था. लेकिन उन्होंने बताया कि उस समय हमें सिर्फ एक बच्चे की तरह देखा जाता था और मैं अपनी छोटी बहन कि हर चीजों का इस्तेमाल करती थी. लेकिन चौथी या फिर पांचवी क्लास में मेरे माता-पिता ने मुझे ऐसा करने से पूरी तरीके से मना कर दिया था.
17 साल की उम्र में छोड़ दिया था नादिरा ने घर
नादिरा बताती है कि उन्होंने 17 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था और उनके पास में सिर्फ और सिर्फ ₹70 थे. उन दिनों उनकी मदद ट्रांस कम्युनिटी की श्यामा ने की थी जिन्हें वह अब मां कह के बुलाती हैं. वह बताती है कि वहां से उनके दूसरे जीवन की शुरुआत हुई और वहीं से वह नज़ीब से नादिरा बने. जिसके बाद में उनकी पहचान बदलने लगी और धीरे धीरे वह सामाजिक मुद्दों पर फोटो स्टोरी भी बनाने लगे. जिसके बाद वह वायरल भी होने लगी और टाइम्स ऑफ इंडिया में उनके बारे में खबर भी छपी.
नादिरा को पुलिस के खाने पड़े थे डंडे
नादिरा ने आगे बताया कि जब मैं अपने दोस्तों के साथ में चाय पी रही थी तो वहां पर एक व्यक्ति आया और वह कार में सवार था. जिसके बाद वह नादिरा के बारे में पूछने लगे. जिसके बाद नादिरा ने बताया कि वह भी उनसे बात करने के लिए गाड़ी में सवार हो गई लेकिन उन्होंने मुझसे मेरा रेट पूछ लिया. जिसके बाद मैंने एक आश्चर्यजनक प्रतिक्रिया दी. लेकिन इसके बाद में मैं जब पुलिस स्टेशन पहुंची तो मेरे साथ गाली गलौज की गई. पुलिस ने मुझे लाठी से मारा और कोठरी में भी बंद कर दिया.


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