बिग बी ने अपनी दमदार आवाज की बदौलत वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर इन फिल्मों में जीता दर्शकों का दिल
अमिताभ बच्चन की प्रभावशाली शख्सियत में उनकी दमदार आवाज का महत्वपूर्ण योगदान है। हालांकि अपने शुरुआती कॅरियर में रेडियो अनाउंसर की नौकरी में उन्हें उनकी आवाज की वजह से ही रिजेक्शन झेलना पड़ा था। लेकिन फिल्मों में दमदार आवाज में अमिताभ के बोले गये डायलॉग दर्शकों का दिल जीतने के लिए काफी होते हैं। सिर्फ अपनी फिल्मों में ही नहीं बल्कि अमिताभ बच्चन ने कई दूसरी फिल्मों में भी एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर काम किया है जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया।
कुछ ऐसी फिल्मों के बारे में आपको बताते हैं जिनमें अमिताभ बच्चन ने वॉयस ओवर दिया

भुवन शोम :
दिग्गज निर्देशक मृणाल सेन की फिल्म 'भुवन शोम' में अमिताभ बच्चन ने पहली बार एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर काम किया था। यह फिल्म 1969 में रिलीज हुई थी। फिल्म में नैरेटर (कथावाचक) के तौर पर अमिताभ का नाम दिखाया गया था लेकिन उनका सरनेम नहीं दिखाया गया था। इस फिल्म को अमिताभ बच्चन की फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू के तौर पर भी गिना जा सकता है।

शतरंज के खिलाड़ी :
अमिताभ बच्चन को कभी भी ऑस्कर विजेता निर्देशक सत्यजीत रे के निर्देशन में काम करने का मौका नहीं मिला लेकिन रे की फिल्म 'शतरंज के खिलाड़ी' में एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर अमिताभ ने काम किया था। इस फिल्म में भी उन्होंने नरेटर का काम किया था। साल 2016 में सत्यजीत रे की पुण्यतिथि पर अमिताभ बच्चन ने ट्वीट कर कहा था कि उन्हें रे की फिल्म में अपनी आवाज देने का सौभाग्य मिला।

लगान :
साल 2001 में बनी फिल्म 'लगान' में अमिताभ बच्चन ने एक बार फिर से कथावाचक का किरदार निभाया था। फिल्मी पर्दे पर वह दिखायी नहीं दिये थे लेकिन उनकी दमदार आवाज के साथ इस फिल्म की शुरुआत और समापन हुआ था। फिल्म में आमिर खान और ग्रेसी सिंह ने मुख्य भूमिका निभाई थी। अमिताभ बच्चन की दमदार आवाज में की गयी घोषणा "सन् 1893 चंपानेर..." के बिना इस फिल्म की कोई कल्पना ही नहीं कर सकता है।

परिणीता :
साल 2005 में रिलीज हुई प्रदीप सरकार की फिल्म 'परिणीता' के क्लाइमेक्स में अमिताभ बच्चन द्वारा की गयी घोषणा "कलकत्ता बन गया है खुशियों का, सपनों का, लौट के आये अपनों का शहर" को कोई नहीं भूल सकता है। इस उद्घोषणा के साथ ही निर्देशक ने बताया कि शेखर (सैफ अली खान) अपने बचपन के प्यार ललिता के पास लौट आया है।

जोधा-अकबर :
फिल्म 'लगान' के बाद निर्देशक आशुतोष गोवारिकर ने अपनी अगली पीरियड ड्रामा फिल्म 'जोधा-अकबर' के लिए अमिताभ बच्चन पर ही भरोसा किया था। फिल्म की शुरुआत में अमिताभ बच्चन ने इस ऐतिहासिक प्रेम कहानी के बारे में घोषणा की थी। जिसकी वजह से फिल्म और भी ज्यादा ड्रामाटिक लगता है।

ब्रह्मास्त्र :
इसी साल रिलीज हुई अयान मुखर्जी की मल्टीस्टारर फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' का अमिताभ बच्चन भी हिस्सा थे। फिल्म में उन्होंने ब्रह्मांश के एक सदस्य गुरू की भूमिका निभाई थी। लेकिन इस फिल्म की शुरुआत में भी अमिताभ बच्चन ने ही अपनी आवाज में कहानी के बारे में दर्शकों को बताया। सिर्फ शुरुआत में ही नहीं बल्कि फिल्म के अंत में भी 'ब्रह्मास्त्र पार्ट 2 देव' की घोषणा भी अमिताभ बच्चन की आवाज में ही की गयी।


Click it and Unblock the Notifications